BR Ambedkar Quotes : बाबासाहेब अंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस पर शेयर करें उनके ये 10 प्रेरणादायी विचार
Mahaparinirvan Din Ambedkar Quotes : बाबासाहेब अंबेडकर के विचार, संघर्ष और दूरदृष्टि हमें सदैव एक प्रगतिशील, संवेदनशील और समावेशी राष्ट्र के निर्माण के लिए प्रेरित करते रहेंगे। आप उनके महापरिनिर्वाण दिवस पर आप उनके विचारों को शेयर कर उन्हें याद कर सकते हैं।

Mahaparinirvan Din BR Ambedkar Quotes : आज 6 दिसंबर को देश भारतीय संविधान के शिल्पकार, सामाजिक न्याय और मानवाधिकारों के प्रबल संवाहक तथा आधुनिक भारत के निर्माण में अद्वितीय योगदान देने वाले भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की पुण्यतिथि पर उन्हें नमन कर रहा है। आज उनकी पुण्यतिथि पर 70वां महापरिनिर्वाण दिवस मनाया जा रहा है। डॉ. भीमराव अंबेडकर ने पूरा जीवन दलितों, शोषितों और पिछड़ों को उनका अधिकार दिलाने के लिए संघर्ष किया। उन्होंने हमेशा मजदूर वर्ग व महिलाओं के अधिकारों का समर्थन किया। दलितों के मसीहा अंबेडकर महान चिंतक, समाज सुधारक, न्यायविद व अर्थशास्त्री भी थे।
अंबेडकर पुण्यतिथि के दिन लोग उनकी प्रतिमा पर फूल-माला चढ़ाते हैं। दीपक व मोमबत्तियां जलाकर उन्हें श्रद्धांजलि देते हैं। कई जगहों पर उनकी याद में कार्यक्रम होते हैं। प्रभात फेरी व रैलियां निकाली जाती हैं। उनके विचारों को याद करने के अलावा उनकी संघर्ष गाथा भी बताई जाती है। उनके विचार, संघर्ष और दूरदृष्टि हमें सदैव एक प्रगतिशील, संवेदनशील और समावेशी राष्ट्र के निर्माण के लिए प्रेरित करते रहेंगे। आप भी आज उनके विचारों को शेयर कर उन्हें याद कर सकते हैं।
डॉ भीमराव अंबेडकर के अनमोल विचार-
1. जीवन लम्बा होने के बजाय महान होना चाहिए।
2. धर्म मनुष्य के लिए है न कि मनुष्य धर्म के लिए। मैं ऐसे धर्म को मानता हूं जो स्वतंत्रता, समानता और भाईचारा सिखाता है।
3. यदि हम एक संयुक्त एकीकृत आधुनिक भारत चाहते हैं तो सभी धर्मों के शास्त्रों की संप्रभुता का अंत होना चाहिए।
4. हिन्दू धर्म में विवेक, कारण और स्वतंत्र सोच के विकास के लिए कोई गुंजाइश नहीं है।
5. इतिहास बताता है कि जहां नैतिकता और अर्थशास्त्र के बीच संघर्ष होता है, वहां जीत हमेशा अर्थशास्त्र की होती है। निहित स्वार्थों को तब तक स्वेच्छा से नहीं छोड़ा गया है, जब तक कि मजबूर करने के लिए पर्याप्त बल न लगाया गया हो।
6. बुद्धि का विकास मानव के अस्तित्व का अंतिम लक्ष्य होना चाहिए। वे इतिहास नहीं बना सकते जो इतिहास भूल जाते हैं।
7. समानता एक कल्पना हो सकती है, लेकिन फिर भी इसे एक गवर्निंग सिद्धांत रूप में स्वीकार करना होगा।
8. यदि मुझे लगा कि संविधान का दुरुपयोग किया जा रहा है, तो मैं इसे सबसे पहले जलाऊंगा।
9. जब तक आप सामाजिक स्वतंत्रता नहीं हासिल कर लेते, कानून आपको जो भी स्वतंत्रता देता है वो आपके लिये बेमानी है।
10. मैं एक समुदाय की प्रगति को उस डिग्री से मापता हूं जो महिलाओं ने हासिल की है।




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