AISSEE : पुराने व नए सैनिक स्कूलों में दाखिले के लिए कैसे होगी ई काउंसलिंग, एडमिशन प्रक्रिया में क्या है अंतर
AISSEE : एनटीए ने सैनिक स्कूल एंट्रेंस एग्जाम रिजल्ट 2026 जारी कर दिया है। अब क्वालिफाइड छात्रों को ई काउंसलिंग के जरिए सैनिक स्कूलों की कक्षा 6 और कक्षा 9 में दाखिला मिलेगा। सभी को ई काउंसलिंग के लिए आवेदन करना होगा।

AISSEE : एनटीए ने सैनिक स्कूल एंट्रेंस एग्जाम रिजल्ट 2026 जारी कर दिया है। अब क्वालिफाइड छात्रों को ई काउंसलिंग के जरिए सैनिक स्कूलों की कक्षा 6 और कक्षा 9 में दाखिला मिलेगा। सभी को ई काउंसलिंग के लिए आवेदन करना होगा। विद्यार्थियों का एडमिशन AISSEE-2026 की स्कूल वाइज, जेंडर वाइज, कैटेगरी वाइज (होम स्टेट और आउटसाइड स्टेट) मेरिट लिस्ट में कैंडिडेट्स को मिली रैंक, मेडिकल अथॉरिटी से अप्रूव्ड मेडिकल फिटनेस और ओरिजिनल डॉक्यूमेंट्स के वेरिफिकेशन के आधार पर ई-काउंसलिंग के आधार पर किया जाएगा। रैंक के आधार पर न सिर्फ देश के 33 प्रमुख सैनिक स्कूलों में दाखिला मिलेगा, बल्कि नए अप्रूव्ड 69 सैनिक स्कूलों की कक्षा 6 व 19 नए सैनिक स्कूलों (जो एकेडमिक ईयर 2026-27 में क्लास 9 तक पहुंच गए हैं) की कक्षा 9 में दाखिला होगा
क्या है होम स्टेट (गृह राज्य) और आउटसाइड (बाहरी) राज्य का मामला
होम स्टेट और आउटसाइड स्टेट का कॉन्सेप्ट कैंडिडेट के डोमिसाइल से जुड़ा है और यह उसके एप्लीकेशन में चुने गए सैनिक स्कूल की लोकेशन के आधार पर तय होता है। एक कैंडिडेट को होम स्टेट का माना जाता है, अगर उसका डोमिसाइल स्टेट और वह स्टेट जहां उसने अपने एप्लीकेशन में सैनिक स्कूल चुना है, एक ही हैं। उदाहरण के लिए, एक कैंडिडेट जो गुजरात स्टेट का डोमिसाइल है, अगर वह बलाचडी (जिला जामनगर, गुजरात) में सैनिक स्कूल चुनता है, तो उसे बलाचडी (जिला जामनगर, गुजरात) में सैनिक स्कूल में एडमिशन के लिए होम स्टेट गुजरात का माना जाता है।
एक कैंडिडेट को तब आउटसाइड स्टेट का माना जाता है, अगर उसका डोमिसाइल स्टेट और वह स्टेट जहां उसने अपने एप्लीकेशन में सैनिक स्कूल चुना है, अलग-अलग हैं। उदाहरण के लिए, अगर कोई कैंडिडेट हरियाणा राज्य का रहने वाला है और अगर वह बालाचडी (जिला जामनगर, गुजरात) के सैनिक स्कूल में एडमिशन लेता है, तो उसे बालाचडी (जिला जामनगर, गुजरात) के सैनिक स्कूल में एडमिशन के लिए बाहरी राज्य का माना जाएगा।
पुराने सैनिक स्कूल व नए सैनिक स्कूल दाखिला प्रक्रिया में अंतर
पुराने सैनिक स्कूल: यहां डोमिसाइल (निवास स्थान) और श्रेणी (SC, ST, OBC-NCL, डिफेंस) के आधार पर सीटों का आरक्षण होता है। कुल सीटों का 67% संबंधित राज्य/केंद्र शासित प्रदेश के छात्रों के लिए आरक्षित होता है।
नए सैनिक स्कूल: यहां दाखिले के लिए डोमिसाइल और श्रेणी आधारित आरक्षण लागू नहीं होता (सिर्फ क्रांतिवीर संगोल्ली रायन्ना सैनिक स्कूल, बेलगावी को छोड़कर)।
नए सैनिक स्कूल (NSS): इनमें दाखिले के दो रास्ते हैं:
40% रूट (कैटेगरी 'A'): इसमें कोई भी पात्र छात्र आवेदन कर सकता है और चयन अखिल भारतीय मेरिट लिस्ट के आधार पर होता है।
60% रूट (कैटेगरी 'B'): यह केवल उन छात्रों के लिए है जो पहले से ही उन्हीं नए सैनिक स्कूलों में पढ़ रहे हैं। चयन स्कूल-वार मेरिट लिस्ट के आधार पर होता है




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