AI : jobs not affected by ai Massive layoffs in Amazon UPS, Target The new career playbook is reinvention AI : एआई खा रहा नौकरियां, अमेजन समेत यहां बड़े पैमाने पर छंटनियां, डिग्रियां हुईं बेदम, ये 6 स्किल्स बचाएंगी आपकी जॉब, Career Hindi News - Hindustan
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AI : एआई खा रहा नौकरियां, अमेजन समेत यहां बड़े पैमाने पर छंटनियां, डिग्रियां हुईं बेदम, ये 6 स्किल्स बचाएंगी आपकी जॉब

AI : आज का जॉब मार्केट खत्म नहीं हुआ है। यह बस बदल रहा है। इसके लिए सिर्फ टेक्निकल काबिलियत ही नहीं, बल्कि इमोशनल इंटेलिजेंस, एडजस्ट करने की क्षमता और समय के साथ बदलना जरूरी है।

Sat, 1 Nov 2025 11:41 AMPankaj Vijay लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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AI : एआई खा रहा नौकरियां, अमेजन समेत यहां बड़े पैमाने पर छंटनियां, डिग्रियां हुईं बेदम, ये 6 स्किल्स बचाएंगी आपकी जॉब

एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ऑटेमेशन के चलते दुनिया की बड़ी कंपनियों में छंटनी का दौर तेज हो गया है। अमेजन, यूपीएस, टारगेट, माइक्रोसॉफ्ट, इंटेल और नेस्ले जैसी दिग्गज कंपनियों ने हजारों कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है। धड़ाधड़ पिंक स्लिप पकड़ाई जा रही हैं और नई भर्तियों पर रोक लगा दी गई है। टेक से लेकर ट्रांसपोर्ट तक जैसी फलने फूलने वाली इंडस्ट्री अब रीस्ट्रक्चरिंग और एफिशिएंसी की भाषा बोल रही हैं। हर सेक्टर के विभिन्न कर्मचारियों का भविष्य अनिश्चितता से भरा है।

इस उथल-पुथल के बीच अमेरिकी अर्थव्यवस्था नो हायर -नो फायर यानी न नई भर्ती, न ज्यादा छंटनी , ऐसी स्थिति में फंसी है। इसकी वजह है- जियोपॉलिटिक्स (अंतरराष्ट्रीय तनाव), ऑटोमेशन, टैक्स-टैरिफ और बदलती उपभोक्ता आदतें। अमेरिका की सत्ता में डोनाल्ड ट्रंप के लौटने के बाद से पब्लिक सेक्टर में हजारों लोगों की नौकरियां गई हैं। सरकारी शटडाउन अपने चौथे हफ्ते के करीब है, जिससे कई लोगों को सैलरी नहीं मिली और सभी के पास कोई जवाब नहीं है।

भर्तियां अब सिर्फ डिग्री के दम पर नहीं

टैग्ड के फाउंडिंग मेंबर और सीईओ देवाशीष शर्मा का कहना है कि भारत में कंपनियों में अब भर्तियां डिग्री के दम पर नहीं, बल्कि कैंडिडेट में जॉब के लिए दिखने वाली तैयारी से तय होगी। प्रोजेक्ट्स, इंटर्नशिप और योग्यता मूल्यांकन से स्किल्स देखी जाएगी। उन्होंने कहा, 'एम्प्लॉयर्स खासकर बड़ी कंपनियां एकेडमिक इंस्टीट्यूशन्स के साथ मिलकर स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम्स बनाकर और करिकुलम को मिलकर डिजाइन करके जॉब के लिए तैयार करने की कोशिश कर रहे हैं।'

कई बड़ी दिग्गजों कंपनियों खर्चों को लेकर अपना हाथ टाइट कर लिया है और कर्मचारियों की संख्या पर लगाम लगाई है, यहां देखें लिस्ट

अमेजन: ने 14,000 कॉर्पोरेट कर्मचारियों (लगभग 4% ) की छंटनी की है। कंपनी इस पैसे को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में निवेश कर रही है।

यूपीएस (UPS): ने इस साल 48,000 नौकरियां घटाई हैं और 93 ब्रांचों को बंद कर दिया है क्योंकि शिपिंग (सामान भेजने) की मात्रा कम हुई है।

टारगेट (Target): टारगेट ने 1800 कर्मचारियों (लगभग 8% कॉर्पोरेट कर्मी) को हटाया है।

नेस्ले (Nestlé): बढ़ती कीमतों और टैरिफ के कारण अगले दो सालों में दुनिया भर में 16,000 छंटनियां कर रही है।

लुफ्थांसा समूह (Lufthansa Group): 2030 तक 4,000 पद खत्म करने की योजना बना रहा है। प्रशासनिक काम को डिजिटल और AI प्लेटफॉर्म पर शिफ्ट कर रहा है।

नोवो नॉर्डिस्क (Novo Nordisk): अपनी ब्लॉकबस्टर दवाओं की भारी मांग के बावजूद 9,000 कर्मचारियों (11% कार्यबल) की छंटनी की घोषणा की है।

इंटेल (Intel): छंटनी और कर्मचारियों के छोड़ने से अपने मुख्य मैनफोर्स को 99,500 से घटाकर 75,000 कर रहा है।

माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft): माइक्रोसॉफ्ट ने इस साल 6,000 कर्मचारियों को निकालने के बाद, गेमिंग और प्रबंधन डिवीजनों में 9,000 और कर्मचारियों की छंटनी की है।

एआई, ऑटोमेशन और मार्केट की बदलती जरूरतों में कैसे टिके रहें-

1- फिर से सीखें और नए सिरे से सोचें

वो दिन गए जब एक ही स्किल से जिंदगी काटी जा सकती है। जिंदगी भर कमाया जा सकता था। खुद की स्किल्स को बढ़ाना और उसे अपग्रेड करना अब ऑप्शनल नहीं है; यह अनिवार्य है और जिदा रहने का तरीका है। प्रोफेशनल्स को लगातार सीखने में निवेश करना चाहिए, चाहे वह एआई साक्षरता हो, डेटा इंटरप्रिटेशन हो, या कम्युनिकेशन को बेहतर बनाना हो। कोर्सेरा, लिंक्डइन लर्निंग जैसे प्लेटफॉर्म और कंपनी-स्पॉन्सर्ड प्रोग्राम किसी के स्किलसेट को नए सिरे से समझने के लिए मजबूत रास्ते देते हैं।

2. एक पर्सनल ब्रांड बनाएं

आज की दुनिया में आपकी ऑनलाइन पहचान बहुत मायने रखती है। लिंक्डिन पर नेटवर्किंग, अनुभव साझा करना और ईमानदारी से खुद को पेश करना फायदेमंद साबित हो सकता है। डिजिटल वर्ल्ड में आपकी मौजदूगी आपको भीड़ में सबसे अलग खड़ा कर देगी।

3. फाइनेंशियल दूर की सोच बढ़ाएं

जॉब की असुरक्षा के माहौल में आपका बचाया हुआ पैसा बहुत काम आएगा। एक्सपर्ट्स के मुताबिक कम से कम छह महीने के खर्चों को कवर करने वाला एक इमरजेंसी फंड बनाना चाहिए। कंसल्टिंग, फ्रीलांसिंग, या पैसिव इन्वेस्टमेंट के जरिए इनकम के सोर्स को अलग-अलग करें। साइड इनकम के लिए निवेश करें।

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4. जुड़े रहें, संपर्क में रहें

नेटवर्किंग लेन-देन वाली नहीं, बल्कि रिश्तों को बनाए रखने वाली होती है। नौकरी से निकाले जाने और बदलाव के दौरान इमोशनल सपोर्ट अक्सर साथियों, पुराने साथ काम करने वालों या इंडस्ट्री के लोगों से मिलता है। इन कनेक्शन को बनाए रखने से अनजाने रास्ते खुल सकते हैं।

5. मानसिक संतुलन को प्राथमिकता दें

नौकरी छूटने या अस्थिरता से मेंटल हेल्थ पर बुरा असर पड़ सकता है। मानसिक रूप से मजबूत बने रहने में थेरेपी, मेडिटेशन और नियमित दिनचर्या मदद करती है।

6. लगातार सीखें, खुद को बदलें

अब हर व्यक्ति को अपनी स्किल्स को बढ़ाने, खुद को नया रूप देने की जरूरत है। आज का जॉब मार्केट खत्म नहीं हुआ है। यह बस बदल रहा है। इसके लिए सिर्फ टेक्निकल काबिलियत ही नहीं, बल्कि इमोशनल इंटेलिजेंस, एडजस्ट करने की क्षमता और समय के साथ बदलना जरूरी है।

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