5 दिन में 2200% टूटा सेंसेक्स, जानें शेयर बाजार के इस भारी गिरावट के पीछे की बड़ी वजहें
Why Stock Market Crash: शुक्रवार को सेंसेक्स 730 या 0.80 प्रतिशत से अधिक की गिरावट के साथ 83476.35 अंक पर पहुंच गया था। वहीं, निफ्टी का इंट्रा-डे लो लेवल 25,648.40 अंक रहा है। बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप में आज एक प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली है।

Why Stock Market Crash: शेयर बाजार में इस भारी गिरावट देखने को मिल रही है। सेंसेक्स और निफ्टी का बुरा हाल है। बीते 5 कारोबारी दिन में सेंसेक्स में 2200 अंक की गिरावट देखने को मिल चुकी है। आज यानी शुक्रवार को भी इस गिरावट पर ब्रेक नहीं लगा है। इस गिरावट के पीछे की वजह विदेशी निवेशकों की तरह से की जा रही निकासी, वैश्विक राजनीति में अस्थिरता और तीसरी तिमाही के नतीजों से पहले बाजार का सतर्क होना माना जा रहा है।
शुक्रवार को सेंसेक्स 730 या 0.80 प्रतिशत से अधिक की गिरावट के साथ 83476.35 अंक पर पहुंच गया था। वहीं, निफ्टी का इंट्रा-डे लो लेवल 25,648.40 अंक रहा है। बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप में आज एक प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली है। बता दें, पिछले 5 कारोबारी दिन में सेंसेक्स 2200 अंक या फिर 2.6 प्रतिशत टूट चुका है। वहीं, निफ्टी में 2.5 प्रतिशत की गिरावट आई है।
क्यों टूट रहा है घरेलू शेयर बाजार
1. अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट पर निगाह
यूएस के कोर्ट की तरफ से 9 जनवरी को डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ को लेकर बड़ा फैसला किया जाएगा। अगर यह फैसला ट्रंप के विपरीत रहा तो शेयर बाजार के लिए बड़ी राहत दे जाएगा। वहीं, अगर यह फैसला ट्रंप सरकार के पक्ष में रहा तो स्टॉक मार्केट के सेंटीमेंट को तगड़ा झटका लगेगा।
2- नए टैरिफ की चिंता
इस बात की चर्चा जोरों पर है कि अगर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का फैसला ट्रंप सरकार के पक्ष में रहा तो रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर शुल्क 500 प्रतिशत तक बढ़ा दिया जाएगा। जोकि भारत के नजरिए से काफी चिंताजनक बात है।
3- तीसरी तिमाही के नतीजों से पहले बाजार की सतर्कता
दिग्गज कंपनियों के तिमाही नतीजों से पहले बाजार काफी सतर्क नजर आ रहा है। आईटी कंपनी टीसीएस, एचसीएल के तिमाही से तिमाही नतीजों का ऐलान सोमवार को किया जाएगा। वहीं, डिमार्ट रविवार को रिजल्ट घोषित कर देगा। इरेडा की तरफ से आज शुक्रवार को दिसंबर क्वार्टर रिजल्ट का ऐलान किया जाएगा।
4- FIIs कर रहे लगातार बिकवाली
विदेशी संस्थागत निवेशकों की तरफ से बिकवाली थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। पिछले साल जुलाई से 8 जनवरी 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार एफआईआई ने कुल 8000 करोड़ रुपये की बिकवाली की है।
5- अमेरिका-भारत ट्रेड डील की हालात खस्ता
शेयर बाजार की गिरावट में भारत-अमेरिका ट्रेड डील की अनिश्चितता का भी योगदान है। माना जा रहा था कि भारत, पहले कुछ देशों में रहेगा जो यूएस के साथ ट्रेड डील कर लेगा। लेकिन अभी तक यह अधर में लटका है।
(यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश से पहले एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें।)




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