why do fastag transactions of 11 out of 12 major banks get stuck at toll plazas 12 प्रमुख बैंकों में से 11 का टोल प्लाजा पर क्यों अटक जाता है FASTag का ट्रांजैक्शन, Business Hindi News - Hindustan
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12 प्रमुख बैंकों में से 11 का टोल प्लाजा पर क्यों अटक जाता है FASTag का ट्रांजैक्शन

Fastag transactions: फास्टैग वॉलेट में पर्याप्त धनराशि होने के बावजूद तकनीकी या अन्य गड़बड़ी से पैसा नहीं कटता, जिस कारण टोल बैरियर नहीं खुलता है। आंकड़ों से पता चला है कि 12 प्रमुख बैंकों में से सिर्फ एक बैंक का फास्टैग का ट्रांजैक्शन सही समय पर शत प्रतिशत पूरा हुआ।

Tue, 29 April 2025 05:23 AMDrigraj Madheshia हिन्दुस्तान टीम
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12 प्रमुख बैंकों में से 11 का टोल प्लाजा पर क्यों अटक जाता है FASTag का ट्रांजैक्शन

देशभर में सफर के दौरान लोगों को टोल प्लाजा पर लंबे जाम का सामना करना पड़ रहा है। इसकी बड़ी वजह बैंकों द्वारा जारी फास्टैग का सही से काम न करना है। फास्टैग वॉलेट में पर्याप्त धनराशि होने के बावजूद तकनीकी या अन्य गड़बड़ी से पैसा नहीं कटता, जिस कारण टोल बैरियर नहीं खुलता है। आंकड़ों से पता चला है कि 12 प्रमुख बैंकों में से सिर्फ एक बैंक का फास्टैग का ट्रांजैक्शन सही समय पर शत प्रतिशत पूरा हुआ।

भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) के आंकड़ों को देखें तो मार्च 2025 में एचडीएफसी बैंक से जारी फास्टैग के सभी लेनदेन (ट्रांजैक्शन) पूरी तरह से पूर्ण हुए। यह आंकड़ा 100 फीसदी रहा। किसी भी लेनदेन को तकनीकी या अन्य किसी व्यावसायिक कारण के चलते खारिज नहीं किया गया।

सबसे अधिक इन्हों ने किया परेशान

इसके उलट आईडीबीआई, यस बैंक और एयरटेल पेमेंट बैंक के लेन-देन सबसे ज्यादा खारिज किए गए। देश में लेनदेन संख्या के आधार पर आईसीआईसीआई बैंक पर सबसे ज्यादा दबाव है,लेकिन उसका रिकॉर्ड फिर भी काफी बेहतर है। इस मामले में ‘हिन्दुस्तान’ की ओर से तीनों बैंकों को ई-मेल भेजकर जवाब भी मांगा गया लेकिन किसी भी बैंक की तरफ से कोई जवाब नहीं दिया गया।

लोगों के लिए परेशानी का बड़ा कारण

ट्रांजैक्शन फेल होने की स्थिति में कई बार बैरियर नहीं खुलता है। ऐसी स्थिति में वाहन चालक दिखाते हैं कि उनके फॉस्टैग वॉलेट में पर्याप्त धनराशि है, लेकिन टोल कर्मियों का तर्क होता है कि उन्हें धनराशि होने से मतलब नहीं है।

उनके सिस्टम में फास्टैग स्कैन हो जाए और पर्याप्त धनराशि कट जाए, तभी वह टोल प्लाजा से निकल सकते हैं। इस हालात में किसी लेन में 10 वाहन खड़े हैं और एक वाहन के साथ फास्टैग से जुड़ी समस्या होती है तो थोड़ी से देर में वहां वाहनों की लंबी कतार लग जाती है।

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फेल होने प्रमुख कारण

1. सबसे ज्यादा ट्रांजैक्शन व्यावसायिक कारणों के चलते खारिज किए गए। इनमें डुप्लिकेट लेनदेन या फास्टैग आईडी का जारीकर्ता बैंक से संबद्ध न होना प्रमुख कारण रहा।

2. इसके बाद, तकनीकी आधार पर ट्रांजैक्शन फेल या रिजेक्ट किए गए। इसमें फास्टैग में बैंक आईडी खाली होने या उसकी जानकारी सही प्रारूप में उपलब्ध न होने भी कारण रहा। फास्टैग का कोड डेटाबेस में उपलब्ध नहीं होना भी एक कारण रहा।

क्या करें उपाय

- अगर आपके साथ बार-बार यह समस्या हो रही है तो अपने फास्टैग के टैग को बदलवा लें।

- फास्टैग का स्टीकर तीन वर्ष पुराना हो गया है तो उसे नया जारी करा लें।

- फॉस्टैग वॉलेट में ऐप या वेबसाइट के जरिए जाकर देखें कि आपके वाहन की जानकारी सही से अपडेट है या नहीं।

- अगर वाहन का नंबर, अकाउंट नंबर या अन्य कोई जानकारी अधूरी है तो उसे अपडेट करें।

- नई गाड़ी लेने के 60 दिन के अंदर वाहन नंबर को फॉस्टैग के जानकारी में अपडेट करें।

प्रमुख बैंकों की मार्च में फास्टैग ट्रांजैक्शन खारिज होने की स्थिति

बैंक कुल लेनदेन स्वीकृत व्यावसायिक कारण तकनीकी कारण

आईसीआईसीआई 140.16 99.53 0.55 0.14

आईडीएफसी 102.38 99.97 0.13 0.00

यस बैंक 25.93 97.89 2.09 0.01

एयरटेल पेमेंट बैंक 23.86 97.96 2.03 0.00

आईडीबीआई बैंक 5.07 97.70 2.26 0.04

नोट- कुल लेनदेन मिलियन में है। बाकी संख्या प्रतिशत में हैं।

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