ट्रंप ने लगाया 35% का टैरिफ, भारत में इन शेयरों को खरीदने की मची लूट, 8% तक चढ़ गए भाव
गोकलदास एक्सपोर्ट्स लिमिटेड के शेयर शुरुआती कारोबार में ही 8% तक चढ़ गए और 968.35 रुपये के इंट्रा डे हाई पर पहुंच गए। केपीआर मिल के शेयर में 4% तक की तेजी देखी गई और यह 1204.85 रुपये पर पहुंच गया। वर्धमान टेक्सटाइल्स लिमिटेड के शेयर में 7% से अधिक की तेजी दर्ज की गई।

Textile stocks: भारत की कपड़ा कंपनियों के शेयर आज मंगलवार को कारोबार के दौरान फोकस में हैं। टेक्सटाइल सेक्टर से जुड़ी कंपनी के शेयर गोकलदास एक्सपोर्ट्स लिमिटेड, केपीआर मिल लिमिटेड, वर्धमान टेक्सटाइल्स लिमिटेड, अरविंद लिमिटेड समेत अन्य के शेयरों में तूफानी तेजी है। गोकलदास एक्सपोर्ट्स लिमिटेड के शेयर शुरुआती कारोबार में ही 8% तक चढ़ गए और 968.35 रुपये के इंट्रा डे हाई पर पहुंच गए। केपीआर मिल के शेयर में 4% तक की तेजी देखी गई और यह 1204.85 रुपये पर पहुंच गया। इसके अलावा, वर्धमान टेक्सटाइल्स लिमिटेड के शेयर में 7% से अधिक की तेजी दर्ज की गई और यह शेयर 535.30 रुपये पर पहुंच गया। वहीं, अरविंद लिमिटेड के शेयर में 2% तक की तेजी दर्ज की गई।
शेयरों में तेजी की वजह
इन शेयरों में तेजी के पीछे ट्रंप का ऐलान है। दरअसल, अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने रातों-रात बांग्लादेश पर 35% टैरिफ लगाने की घोषणा कर दी है। हालांकि यह अप्रैल में घोषित 37% की दर से मामूली कमी है, लेकिन यह अभी भी 10% की बेसलाइन टैरिफ दर से अधिक है। 1 अगस्त तक बातचीत की गुंजाइश भी है, जब टैरिफ लागू होंगे।
क्या है डिटेल
बता दें कि पिछले सप्ताह, अमेरिका ने वियतनाम के साथ एक व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। इसके तहत अमेरिका को किसी भी वियतनामी निर्यात पर 20% टैरिफ लगाया गया था और ट्रांसशिप किए जाने वाले सामानों पर 40% टैरिफ लगाया गया था, जिसका मतलब है कि टैरिफ से बचने के लिए दूसरे देशों में बने सामानों को निर्यात करने के लिए एक देश का उपयोग करना।
भारत में वर्तमान में 10% टैरिफ
भारत में वर्तमान में 10% टैरिफ है, लेकिन अलग-अलग दरों के कारण कपड़ा क्षेत्र को 26% तक के टैरिफ का सामना करना पड़ता है। अमेरिका में रेडीमेड गारमेंट बाज़ारों में, बांग्लादेश की 9% हिस्सेदारी है, जबकि वियतनाम की 19% हिस्सेदारी है। भारत की बाजार हिस्सेदारी 6% है। अमेरिका और भारत के बीच जल्द ही एक व्यापार समझौता होने की उम्मीद है, भारतीय प्रतिनिधिमंडल पिछले सप्ताह वाशिंगटन से वापस आ गया है। यदि समझौते पर हस्ताक्षर के दौरान टैरिफ कम किए जाते हैं, तो अन्य निर्यातक देशों के मुकाबले भारत की प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त और बाजार हिस्सेदारी, दोनों में सुधार होने की संभावना है। हालांकि, दूसरी तरफ, यदि टैरिफ अपरिवर्तित रहते हैं, तो अमेरिका को निर्यात के लिए वियतनाम के मुकाबले भारत की प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त कम हो सकती है।




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