स्पैम कॉल रोकने में नाकाम टेलीकॉम कंपनियों पर 12 करोड़ का जुर्माना
- टेलीकॉम कंपनियां स्पैम कॉल व मैसेज को रोकने में असफल रही है। ग्राहकों को लुभावने मैसेज भेजे जा रहे हैं। गैर पंजीकृत नंबरों से ग्राहकों को कॉल किए जा रहे हैं, जो कि टीसीसीसीपीआर का उल्लंघन है।

ट्राई ने स्पैम कॉल को रोकने में नाकाम रहने पर देश की प्रमुख टेलीकॉम कंपनियों पर 12 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया है। तिमाही समीक्षा के दौरान ट्राई ने पाया कि देश की चार प्रमुख टेलीकॉम कंपनियां स्पैम कॉल व मैसेज को रोकने में असफल रही हैं, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। इसे पहले भी ट्राई ने जुर्माना लगाया था। अभी तक के जुर्माने को जोड़ा जाए तो रकम 141 करोड़ रुपये से अधिक है।
भारतीय टेलीकॉम विनियामक प्राधिकरण (TRAI) ने टेलीकॉम कमर्शियल कम्युनिकेशन कस्टमर प्रेफरेंस रेगुलेशन (TCCPR) नियम के तहत चारों कंपनियों पर जुर्माना लगाया है। दरअसल अभी तक सालाना समीक्षा की जाती थी, लेकिन सितंबर में सरकार ने तिमाही आधार पर समीक्षा करने का फैसला लिया था।
समीक्षा में पाया गया कि टेलीकॉम कंपनियां स्पैम कॉल व मैसेज को रोकने में असफल रही है। ग्राहकों को लुभावने मैसेज भेजे जा रहे हैं। गैर पंजीकृत नंबरों से ग्राहकों को कॉल किए जा रहे हैं, जो कि टीसीसीसीपीआर का उल्लंघन है। उधर, टेलीकॉम कंपनियों का कहना है कि उनकी तरफ से स्पैम कॉल रोकने के लिए सिस्टम तैयार करने में पर्याप्त निवेश किया गया है।
कंपनियों ने ट्राई से किया अनुरोध
कंपनियों ने ट्राई से ओटीटी प्लेटफॉर्म, बैंकों और अन्य बिजनेस प्लेटफॉर्म पर भी स्पैम रेगुलेशन लागू करने का अनुरोध किया है। उनका तर्क है कि ये प्लेटफॉर्म स्पैम ट्रैफिक में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं और इन्हें रेगुलेट करना जरूरी है।




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