मुनाफे से घाटे में आई स्पाइसजेट एयरलाइन, नतीजे से पहले शेयर की क्रैश लैंडिंग
स्पाइसजेट को वित्त वर्ष 2025-26 की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में 269.27 करोड़ रुपये का घाटा हुआ। जानकारी के अनुसार, एयरलाइन को वित्त वर्ष 2024-25 की समान तिमाही में 24.97 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था। तिमाही नतीजे से पहले स्पाइसजेट के शेयर गुरुवार को क्रैश हो गए।
Spicejet share price: प्राइवेट एयरलाइन स्पाइसजेट मुनाफे से अब घाटे में आ गई है। स्पाइसजेट को वित्त वर्ष 2025-26 की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में 269.27 करोड़ रुपये का घाटा हुआ। बीएसई को दी जानकारी के अनुसार, एयरलाइन को वित्त वर्ष 2024-25 की समान तिमाही में 24.97 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था। चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में कंपनी की कुल आय घटकर 1,522.81 करोड़ रुपये रह गई, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 1,650.67 करोड़ रुपये थी। तिमाही नतीजे से पहले स्पाइसजेट के शेयर गुरुवार को क्रैश हो गए। वर्तमान में शेयर की कीमत 20 रुपये के स्तर पर आ गई है।
क्या है घाटे के कारण
एयरलाइन ने एक बयान में कहा कि एटीएफ की ऊंची कीमत, रुपये के मूल्य में गिरावट और नए श्रम कानूनों के एकमुश्त प्रभाव ने तीसरी तिमाही में एयरलाइन के खर्चों को बढ़ा दिया है। कंपनी के बयान में कहा गया- विदेशी मुद्रा और नए श्रम कानूनों के समायोजन के एकमुश्त प्रभाव के बाद वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही में घाटा 269 करोड़ रुपये रहा, जबकि इसी वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में यह 635 करोड़ रुपये था। कंपनी ने कहा कि वह अतिरिक्त आय जुटाने के लिए अनावश्यक पुर्जे और उपकरण बेचने की योजना बना रही है।
शेयर का परफॉर्मेंस
स्पाइसजेट के शेयर बीएसई इंडेक्स पर 20.41 रुपये पर बंद हुआ, जो पिछले बंद भाव 21.61 रुपये से 5.55% की गिरावट दिखाता है। शेयर का ट्रेडिंग रेंज 21.94 रुपये से 20.25 रुपये के बीच रहा। यह शेयर के 52 हफ्ते का लो भी है। शेयर के 52 हफ्ते का हाई 56.80 रुपये है। शेयर का यह भाव पिछले साल था।
साल 2024-25 में कंपनियों को कितना घाटा?
हाल ही में सरकार ने राज्यसभा को बताया कि पिछले वित्त वर्ष में भारतीय विमानन कंपनियों का कुल घाटा 5,289.73 करोड़ रुपये रहा और 11 परिचालकों में से सिर्फ चार- इंडिगो, ब्लू डर्ट, स्टार एयर और इंडियावन एयर- ने लाभ दर्ज किया। नागर विमानन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने एक सवाल के लिखित जवाब में उच्च सदन को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 2024-25 में, एअर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने क्रमशः 3,975.75 करोड़ रुपये और 5,832.37 करोड़ रुपये का घाटा दर्ज किया, जबकि अकासा एयर ने 1,986.25 करोड़ रुपये का घाटा दर्ज किया।
सरकारी स्वामित्व वाली एलायंस एयर को पिछले वित्त वर्ष में 691.12 करोड़ रुपये का घाटा हुआ, जबकि स्पाइसजेट को 55.67 करोड़ रुपये का घाटा हुआ। घाटे में रहने वाली अन्य कंपनियों में फ्लाई91 (67.65 करोड़ रुपये) और क्विकजेट कार्गो (1.34 करोड़ रुपये) शामिल थीं। आंकड़ों के अनुसार, इंडिगो ने 7,253.30 करोड़ रुपये का लाभ अर्जित किया। लाभ कमाने वाली अन्य कंपनियां स्टार एयर (68.75 करोड़ रुपये), ब्लू डार्ट (0.71 करोड़ रुपये) और इंडियावन एयर (0.33 करोड़ रुपये) थीं।




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