मोदी सरकार का बड़ा ऐलान, तूफान बने इन कंपनियों के शेयर, 20% तक चढ़ा भाव
सरकार ने इस योजना के लिए कुल 8.69 लाख करोड़ रुपये के खर्च को मंजूरी दी है। इसमें केंद्र सरकार का हिस्सा बढ़ाकर 3.59 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है, जबकि जब यह योजना 2019-20 में शुरू हुई थी तब केंद्र का आवंटन 2.08 लाख करोड़ रुपये था।

Pipes & Pump Share: केंद्र सरकार के एक बड़े फैसले के बाद पानी से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के शेयरों में बुधवार, 11 मार्च को जबरदस्त तेजी देखने को मिली। दरअसल, केंद्रीय कैबिनेट ने जल जीवन मिशन को 2028 तक बढ़ाने और इसके बजट में बड़ी बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। इस घोषणा के बाद पंप और पाइप बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में जोरदार खरीदारी देखने को मिली और कई स्मॉलकैप शेयरों में 20 प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई।
इन शेयरों पर असर
इस खबर का सबसे ज्यादा असर पानी के इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी कंपनियों पर पड़ा। डेंटा वाटर एंड इंफ्रा सॉल्यूशंस और ईएमएस लिमिटेड के शेयर करीब 20 प्रतिशत तक चढ़ गए। वहीं शक्ति पंप्स, इंडियन ह्यूम पाइप और विष्णु प्रकाश आर पुंगलिया के स्टॉक में भी 10 से 20 फीसदी तक की तेजी देखी गई। इन निवेशकों के शेयर निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स पर टॉप गेनर्स में शामिल रहे।
क्या है सरकार की योजना
सरकार ने इस योजना के लिए कुल 8.69 लाख करोड़ रुपये के खर्च को मंजूरी दी है। इसमें केंद्र सरकार का हिस्सा बढ़ाकर 3.59 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है, जबकि जब यह योजना 2019-20 में शुरू हुई थी तब केंद्र का आवंटन 2.08 लाख करोड़ रुपये था। जल जीवन मिशन का मुख्य उद्देश्य देश के ग्रामीण इलाकों में हर घर तक नल से पीने का पानी पहुंचाना है। इसी वजह से पानी से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर, पाइप, पंप और EPC कंपनियों के लिए इसमें बड़े मौके बनते हैं।
दरअसल, नवंबर 2025 में इस योजना के लिए नई केंद्रीय फंडिंग रोक दी गई थी। कई राज्यों में भ्रष्टाचार के आरोप सामने आने के बाद सरकार ने भुगतान रोक दिया था, जिसकी वजह से कई EPC ठेकेदारों के पेमेंट अटक गए थे। अब नई फंडिंग मिलने से कंपनियों पर पड़ा लिक्विडिटी का दबाव कम होने और परियोजनाओं की रफ्तार तेज होने की उम्मीद है।
इन कंपनियों से जुड़े हैं बड़े प्रोजेक्ट
कई कंपनियों ने पहले ही बताया है कि उनके पास इस मिशन से जुड़े बड़े प्रोजेक्ट हैं। उदाहरण के तौर पर डेंटा वॉटर एंड इंफ्रा सॉल्यूशंस ने अपने टॉयलेट अर्निंग कॉल में बताया था कि कंपनी के पास जल जीवन मिशन से जुड़े करीब 400 करोड़ रुपये के तीन प्रोजेक्ट चल रहे हैं। वहीं केईसी इंटरनेशनल के ऑर्डर बुक में भी इस योजना से जुड़े करीब 1,400 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट हैं, जो उसके कुल ऑर्डर बुक का लगभग 4 प्रतिशत है।
इस खबर का असर शेयर बाजार में भी साफ दिखा। KEC इंटरनेशनल का शेयर बुधवार को करीब 2.3 प्रतिशत चढ़कर कारोबार करता दिखा, जबकि वाटर टेक्नोलॉजी कंपनी VA Tech Wabag के शेयर में करीब 7 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी आई। बाजार के जानकारों का मानना है कि जल जीवन मिशन के विस्तार और बढ़े हुए बजट से पानी के इंफ्रास्ट्रक्चर, पाइप, पंप और EPC सेक्टर की कंपनियों को आने वाले समय में बड़ा फायदा मिल सकता है।
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