Sebi warns investors against fake securities transaction tax notices and flags market scams शेयर बाजार में करते हैं ट्रेडिंग? STT पर सेबी ने किया अलर्ट, Business Hindi News - Hindustan
More

शेयर बाजार में करते हैं ट्रेडिंग? STT पर सेबी ने किया अलर्ट

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने कहा कि धोखेबाज नियामक के 'लेटरहेड' की जालसाजी करके फर्जी नोटिस भेज रहे हैं और बकाया सिक्योरिटीज ट्राजैक्शन टैक्स (एसटीटी) राशि के भुगतान का अनुरोध कर रहे हैं।

Thu, 26 Feb 2026 11:13 PMDeepak Kumar लाइव हिन्दुस्तान
share
शेयर बाजार में करते हैं ट्रेडिंग? STT पर सेबी ने किया अलर्ट

Securities transaction tax: अगर आप शेयर बाजार में निवेश करते हैं तो ये खबर आपके लिए है। दरअसल, बाजार नियामक सेबी ने गुरुवार को निवेशकों को अपने नाम से जारी किये जा रहे फर्जी नोटिस को लेकर सावधान किया है। नोटिस में सिक्योरिटीज ट्राजैक्शन टैक्स (एसटीटी) के भुगतान की मांग की जा रही है। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने कहा कि धोखेबाज नियामक के 'लेटरहेड' की जालसाजी करके फर्जी नोटिस भेज रहे हैं और बकाया एसटीटी राशि के भुगतान का अनुरोध कर रहे हैं।

क्य कहा सेबी ने?

सेबी ने बयान में कहा- नियामक के संज्ञान में आया है कि कुछ जालसाजों ने वित्त अधिनियम, 2004 के तहत सिक्योरिटीज ट्राजैक्शन टैक्स के अनुपालन की मांग करते हुए नोटिस जारी किये हैं। नियामक ने कहा कि निवेशकों को सूचित किया जा रहा है कि ये नोटिस सेबी ने जारी नहीं किये हैं। सेबी ने स्पष्ट किया कि वह सिक्योरिटीज ट्राजैक्शन टैक्स राशि जमा करने के लिए नोटिस जारी नहीं करता है और न ही इस संबंध में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के साथ समन्वय करता है। नियामक ने सेबी अधिकारियों की पहचान का प्रतिरूपण करने वाले धोखेबाजों या निवेशकों को धोखा देने के लिए बाजार नियामक के प्रतीक चिन्ह, मुहर या लेटरहेड का दुरुपयोग करने के मामलों के खिलाफ भी चेतावनी दी।

निवेशकों को हो रहा बड़ा नुकसान

सेबी के आधिकारिक बयान के मुताबिक ऐसे व्यक्ति सेबी के नाम पर जाली पत्र, ईमेल या नोटिस भेजकर भोले-भाले निवेशकों को इन फर्जी खातों में पैसे अंतरित करने के लिए कह रहे हैं, जिससे निवेशकों को वित्तीय नुकसान हो रहा है। इसमें कहा गया- लोगों से आग्रह है कि वे सावधानी बरतें और सेबी की ओर से सूचना या भुगतान की मांग करने वाले पत्रों/नोटिस की प्रामाणिकता की जांच करें।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:मोदी सरकार बांट रही क्रेडिट कार्ड, UPI से है लिंक्ड, इन लोगों को मिलेगा फायदा
ये भी पढ़ें:कोरोना में 18 महीने तक रुका था DA, अब 8वां वेतन आयोग लेगा फैसला?
ये भी पढ़ें:मुकेश अंबानी का बड़ा दांव, इस कंपनी में डाल दिए 2000 करोड़ रुपये

सेबी ने एक अलग बयान में, निवेशकों को उन धोखेबाजों से सावधान किया जो खाता संचालक या कोष प्रबंधक बनकर शेयर बाजार में जोखिम-मुक्त लाभ का वादा करते हैं। नियामक ने कहा कि ये संस्थाएं पोर्टफोलियो या खाता प्रबंधन सेवाएं प्रदान करने का दावा करती हैं और अक्सर निवेशकों के ट्रेडिंग खाते की जानकारी मांगती हैं, साथ ही मुनाफे का एक हिस्सा भी वसूलती हैं। हालांकि, नियामक ने कहा कि नुकसान पूरी तरह से निवेशकों को ही उठाना पड़ता है।

बजट में हुआ है फैसला

बता दें कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2026-27 के केंद्रीय बजट में वायदा और विकल्प (एफ एंड ओ) कारोबार पर एसटीटी बढ़ाने का प्रस्ताव किया है। इसका मकसद छोटे निवेशकों को सट्टेबाजी के कारण होने वाले भारी नुकसान से बचाना है। एसटीटी को वायदा अनुबंधों के लिए 0.02 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.05 प्रतिशत और विकल्प प्रीमियम और विकल्पों के प्रयोग पर क्रमशः 0.1 प्रतिशत और 0.125 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.15 प्रतिशत करने का प्रस्ताव है।

जानें Hindi News, Business News, Budget 2026, बजट 2026 Live, Income Tax Live Updates की लेटेस्ट खबरें, शेयर बाजार का लेखा-जोखा, Share Market के लेटेस्ट अपडेट्स Investment Tips के बारे में सबकुछ।,