एनएसई के IPO से ₹59 वाले शेयर में लौटी बहार, इंट्रा-डे में करीब 11% उछला भाव
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) ने आईपीओ के लिए मर्चेंट बैंकरों और कानूनी सलाहकारों की नियुक्ति कर ली है। इस फैसले के बाद 13 मार्च, शुक्रवार को शेयर बाजार में लिस्टेड कंपनी IFCI लिमिटेड के शेयरों में अचानक उछाल आ गया।
IFCI share price: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के आईपीओ को लेकर हलचल तेज हो गई है। दरअसल, स्टॉक एक्सचेंज ने इसके लिए मर्चेंट बैंकरों और कानूनी सलाहकारों की नियुक्ति कर ली है। इस फैसले के बाद 13 मार्च, शुक्रवार को शेयर बाजार में लिस्टेड कंपनी IFCI लिमिटेड के शेयरों में अचानक उछाल आ गया। बीएसई पर शेयर 10.75% तक चढ़कर ₹59.84 पर पहुंच गया। यह उछाल इसलिए भी अहम है क्योंकि शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार बुरी तरह क्रैश हुआ। बहरहाल, आइए जानते हैं कि आखिर क्या कारण हैं कि एनएसई आईपीओ का असर IFCI लिमिटेड के शेयर पर पड़ा है।
IFCI का क्या है कनेक्शन?
दरअसल, IFCI और NSE के बीच संबंध उनकी होल्डिंग स्ट्रक्चर में जुड़ी है। IFCI के पास स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (SHCIL) में 52.86% की बहुमत हिस्सेदारी है। वहीं, SHCIL के पास नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में 4.4% हिस्सेदारी है। इस अप्रत्यक्ष स्वामित्व के कारण, एनएसई के स्टॉक एक्सचेंजों पर सूचीबद्ध होने पर होने वाली किसी भी मूल्य वृद्धि का स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया और IFCI के वैल्युएशन पर पॉजिटिव प्रभाव पड़ सकता है।
वर्तमान में, भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) 10.72% हिस्सेदारी के साथ NSE में सबसे बड़ा शेयरधारक है। अन्य प्रमुख शेयरधारकों में अरंडा इन्वेस्टमेंट्स मॉरीशस (4.54%), स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (4.44%), एसबीआई कैपिटल मार्केट्स (4.33%) और वेरैसिटी इन्वेस्टमेंट्स (3.93%) शामिल हैं।
आईपीओ पर क्या है अपडेट?
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ने अपने आईपीओ के प्रबंधन के लिए 20 मर्चेंट बैंकरों, कई कानूनी फर्मों और अन्य मध्यस्थों की नियुक्ति की है। एनएसई की आईपीओ समिति की बैठक में इन नियुक्तियों को मंजूरी दी गई। इस समिति की अध्यक्षता श्रीनिवास इंजेती कर रहे हैं। एनएसई के निदेशक मंडल की फरवरी में हुई बैठक में आईपीओ लाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्णय के बाद ये नियुक्तियां की गई हैं। प्रस्तावित आईपीओ पूरी तरह मौजूदा शेयरधारकों की ओर से बिक्री पेशकश (ओएफएस) के रूप में होगा और इसमें नए शेयर जारी नहीं किए जाएंगे।
नियुक्त मर्चेंट बैंकरों में कोटक महिंद्रा कैपिटल कंपनी, जेएम फाइनेंशियल, एक्सिस कैपिटल, आईआईएफएल कैपिटल सर्विसेज, मोतीलाल ओसवाल इन्वेस्टमेंट एडवाइजर्स, आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज, एसबीआई कैपिटल मार्केट्स, नुवामा वेल्थ मैनेजमेंट, एचडीएफसी बैंक, मॉर्गन स्टेनली इंडिया, सिटीग्रुप ग्लोबल मार्केट्स इंडिया, जेपी मॉर्गन इंडिया, एचएसबीसी सिक्योरिटीज एवं आनंद राठी एडवाइजर्स शामिल हैं। इसके अलावा आठ विधि फर्मों को भी इस निर्गम के कानूनी मामलों की देखरेख के लिए चुना गया है। इनमें सिरील अमरचंद मंगलदास, खेतान एंड कंपनी, लाथम एंड वाटकिंस एलएलपी और ट्राईलीगल शामिल हैं। अन्य नियुक्त मध्यस्थों में एमयूएफजी इनटाइम इंडिया, मकरंद एम जोशी एंड कंपनी, कांसेप्ट कम्युनिकेशन और रेडसियर स्ट्रैटजी कंसल्टेंट्स शामिल हैं।




साइन इन