सरकारी कंपनी में हिस्सेदारी बेचेगी मोदी सरकार, ₹276 का है शेयर, निवेशकों की रहेगी नजर
इस बिक्री को लेकर डिपार्टमेंट ऑफ इनवेस्टमेंट एंड पब्लिक एसेट मैनेजमेंट (DIPAM) ने आज बैंकरों से फीडबैक लेना शुरू कर दिया है। अगर यह सौदा पूरा होता है, तो सरकार को इससे लगभग ₹4,500 करोड़ जुटाने की उम्मीद है।

BHEL Share: केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार, सरकारी कंपनी भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) में अपनी हिस्सेदारी बेचने की तैयारी कर रही है। सरकार ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए महारत्न कंपनी में करीब 5% तक की हिस्सेदारी बेच सकती है। सूत्रों के मुताबिक, OFS का फ्लोर प्राइस ₹255 से ₹260 प्रति शेयर के बीच तय किया जा सकता है। इस बिक्री को लेकर डिपार्टमेंट ऑफ इनवेस्टमेंट एंड पब्लिक एसेट मैनेजमेंट (DIPAM) ने आज बैंकरों से फीडबैक लेना शुरू कर दिया है। अगर यह सौदा पूरा होता है, तो सरकार को इससे लगभग ₹4,500 करोड़ जुटाने की उम्मीद है।
कंपनी को ₹2,800 करोड़ का बड़ा ऑर्डर
इसी बीच BHEL के लिए एक और बड़ी पॉजिटिव खबर सामने आई है। कंपनी को भारत कोल गैसीफिकेशन एंड केमिकल्स लिमिटेड (BCGCL) से करीब ₹2,800 करोड़ का बड़ा ऑर्डर मिला है। यह रकम कस्टम ड्यूटी और GST को छोड़कर है। BCGCL, कोल इंडिया लिमिटेड (51%) और BHEL (49%) का जॉइंट वेंचर है। यह प्रोजेक्ट ओडिशा के झारसुगुड़ा जिले के लखनपुर में लगाया जाएगा, जहां कोयले से रोज़ाना 2,000 टन अमोनियम नाइट्रेट बनाने की योजना है।
इस ऑर्डर के तहत BHEL को सिन्गैस प्यूरिफिकेशन प्लांट का काम सौंपा गया है, जो LSTK-2 पैकेज का हिस्सा है। कंपनी इस प्रोजेक्ट में डिज़ाइन, इंजीनियरिंग, मशीनरी की सप्लाई, सिविल वर्क, इंस्टॉलेशन, कमीशनिंग और उसके बाद ऑपरेशन व मेंटेनेंस तक की ज़िम्मेदारी निभाएगी। प्रोजेक्ट को 42 महीनों के भीतर चालू करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें परफॉर्मेंस गारंटी टेस्ट भी शामिल होंगे। इसके बाद BHEL अगले 60 महीनों तक ऑपरेशन और मेंटेनेंस सेवाएं देगा।
शेयरों पर असर
इन तमाम खबरों का असर BHEL के शेयर पर भी दिखा। मंगलवार को BHEL का शेयर ₹276.05 पर बंद हुआ, जो पिछले बंद भाव से ₹1.45 यानी 0.53% की बढ़त दर्शाता है। एक तरफ जहां सरकार की हिस्सेदारी बिक्री की खबर है, वहीं दूसरी ओर कंपनी को मिले बड़े ऑर्डर से निवेशकों का भरोसा भी बना हुआ दिख रहा है। आने वाले दिनों में OFS की घोषणा और ऑर्डर बुक की स्थिति पर BHEL के शेयर की चाल पर निवेशकों की खास नजर रहेगी।




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