Modi Govt imposes 3 rs per litre windfall tax on petrol exports cuts diesel and ATF levies मोदी सरकार ने पेट्रोल पर लिया एक और बड़ा फैसला, 3 रुपये का लगा विंडफॉल टैक्स, Business Hindi News - Hindustan
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मोदी सरकार ने पेट्रोल पर लिया एक और बड़ा फैसला, 3 रुपये का लगा विंडफॉल टैक्स

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने एक और बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने 16 मई से पेट्रोल निर्यात पर 3 रुपये प्रति लीटर का विंडफॉल गेन टैक्स यानी अप्रत्याशित लाभ कर लगाया है।

Fri, 15 May 2026 11:31 PMDeepak Kumar लाइव हिन्दुस्तान
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मोदी सरकार ने पेट्रोल पर लिया एक और बड़ा फैसला, 3 रुपये का लगा विंडफॉल टैक्स

पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी के बाद अब केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने एक और बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने शुक्रवार को पेट्रोल के निर्यात पर पहली बार 3 रुपये प्रति लीटर का विंडफॉल गेन टैक्स लगाया है जबकि डीजल पर लेवी घटाकर 16.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। इसके अलावा, एविएशन टर्बाइन फ्यूल पर 16 रुपये प्रति लीटर लेवी है। ये दरें 16 मई से लागू होंगी।

सरकार ने यह भी साफ किया है कि घरेलू बाजार में बिकने वाले पेट्रोल और डीजल पर मौजूदा टैक्स दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यानी यह टैक्स केवल निर्यात होने वाले ईंधन पर लागू होगा। इसके साथ ही पेट्रोल और डीजल के निर्यात पर लगने वाला रोड एंड इंफ्रास्ट्रक्चर सेस भी शून्य कर दिया गया है।

विंडफॉल टैक्स क्या होता है?

यह एक अतिरिक्त टैक्स है, जिसे सरकार उन कंपनियों या उद्योगों पर लगाती है जिन्हें किसी बाहरी घटना या अचानक बदले हालात के कारण अप्रत्याशित और सामान्य से कहीं ज्यादा मुनाफा होता है। यह मुनाफा कंपनी की रणनीति, उत्पादन बढ़ाने या कारोबार विस्तार की वजह से नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय संकट, युद्ध, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल या बाजार में अस्थिरता जैसे कारणों से होता है। यह सामान्य टैक्स के अलावा लगाया जाता है।

क्यों लेना पड़ा फैसला?

दरअसल, फरवरी के अंत में अमेरिका और इजरायल की ईरान के साथ जंग की शुरुआत हुई। इससे पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ गया। वहीं, ईरान की प्रतिक्रिया से वैश्विक तेल बाजार में हाहाकार मच गया। सरकार का कहना है कि भारतीय कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊंची कीमतों का फायदा उठाकर बड़ी मात्रा में पेट्रोल और डीजल निर्यात कर रही थीं। इससे घरेलू बाजार में ईंधन की उपलब्धता प्रभावित होने और कीमतों पर दबाव बढ़ने का खतरा था। इसी वजह से सरकार ने विंडफॉल टैक्स लगाया ताकि कंपनियां केवल निर्यात बढ़ाकर मुनाफा ना कमाएं बल्कि देश के अंदर पर्याप्त ईंधन उपलब्ध हो।

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बता दें कि जंग से पहले कच्चे तेल की कीमत करीब 73 डॉलर प्रति बैरल थी, जो अब लगातार 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी हुई है। इससे दुनिया भर में पेट्रोलियम उत्पाद महंगे हो गए हैं।

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पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़े

बता दें कि सरकारी तेल कंपनियों ने शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तीन-तीन रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की। यह कदम पश्चिम एशिया संकट के बीच कच्चे तेल की वैश्विक कीमतों में आई बढ़ोतरी के बाद उठाया गया है।

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