2000 से अधिक लोगों की छंटनी, 3 में से 2 प्लांट को कंपनी ने किया बंद, चीनी सामान की वजह से रहा लगातार घाटा
Layoff news updates: एक इंक कंपनी ने 2000 से अधिक कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है। कंपनी ने अपने 3 में से दो प्लांट को भी बंद कर दिया है। चीन से मंगाए जा रहे सस्ते सामान का बुरा असर इस इंक कंपनी पर पड़ा है।

Layoff news updates: चीन से मंगाए जाने वाले सस्ते सामान का भारतीय कंपनियों पर बुरा असर पड़ रहा है। स्याही (इंक) का उत्पादन करने वाली कंपनी इन्हीं सस्ते चीनी सामानों की वजह से तीन साल से घाटे में चल रही है। जिसकी वजह से अब कंपनी को 2000 से अधिक कर्मचारियों की छंटनी करनी पड़ी है। तीन में से दो प्लांट बंद कर दिए गए हैं। रेडिट पर कंपनी की सीनियर एग्जीक्यूटिव ने यह जानकारी दी है। उन्होंने कहा की बढ़ते खर्च की वजह से छंटनी को अब और नकारा नहीं जा सकता था।
1934 पर्मानेंट कर्मचारियों की गई नौकरी
इस सीनियर एग्जीक्यूटिव ने रेडिट पर लिखा कि उनके पिता और बड़े भाई बड़े निर्णय लेते हैं। कर्मचारी ने बताया कि छंटनी की वजह से 1934 पर्मानेंट कर्मचारियों और 896 कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स पर असर पड़ेगा।
कर्मचारी ने क्या कुछ कहा है?
रेडिट पर सीनियर कर्मचारी ने कहा, “मेरे पिता यह बिजनेस 34 सालों से चला रहे हैं। वहीं मैंने 5 साल पहले अपनी ओवरसीज टीम को ज्वाइन किया था। मैं हाल ही में भारत आया हूं। अब कंपनी के चीफ ऑफ ऑपरेशंस के तौर पर काम कर रहा हूं। हमने अपनी हालिया मीटिंग में 3 में से 2 कंपनियों को बंद करने का निर्णय लिया है। जिसकी वजह से 1934 पर्मानेंट कर्मचारी और 896 कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स पर असर पड़ा है। इसके अलावा हमारे पर आईटी सेक्टर में 72 कर्मचारी थे। जिन्हें घटाकर 8 किया जा रहा है।” वो लिखते हैं, “अब हम कर्मचारियों का खर्च और नहीं उठा सकते है।”
कर्मचारी का कहना है कि इस फैसले से वो काफी दुखी हैं। उन्होंने बताया कि उनके पिता और बड़े भाई ने उनसे बिना पूछे यह फैसला किया है।
मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए चिंता का सबब (Layoff news)
इस पोस्ट पर ढेरों रिएक्शन आ रहे हैं। कुछ यूजर्स ने कमेंट करते हुए लिखा कि पेट्रोलिय आधारित कंपनियों ने रॉ मैटेरियल की कीमतों में तेजी और कमजोर डिमांड की वजह से प्रोडक्शन को रोक दिया है। ये कंपनियां अपने पुराने प्रोडक्शन पर काम कर रही हैं।
लोगों के बीच छिड़ी बहस
एक यूजर्स ने लिखा, “अगर इस तरह के एक बड़ी कंपनियां अपने ऑपरेशंस को समेट रही है। तो यह आश्चर्य नहीं करना चाहिए कि प्रोडक्शन पूरी तरह से ध्वस्त हो चुका है।”
एक यूजर्स ने सलाह दी की टॉप स्तर पर कर्माचरियों की सैलरी में कटौती करनी चाहिए थी। एक अन्य यूजर्स ने लिखा कि कंपनी को इंडस्ट्री में एक उदाहरण पेश करना चाहिए।




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