रेलवे के 2 शेयर पर ग्लोबल ब्रोकरेज की नजर, एक पर फिदा तो दूसरे के लिए अलर्ट
ब्रोकरेज जेफरीज ने टीटागढ़ रेल सिस्टम और जुपिटर वैगन्स लिमिटेड पर कवरेज शुरू किया है। विदेशी ब्रोकरेज ने टीटागढ़ को 'खरीदे' रेटिंग दी है। ब्रोकरेज का अनुमान है कि शेयर में 32 प्रतिशत की बढ़त हो सकती है।

रेलवे कोच बनाने वाली दो कंपनियां- टीटागढ़ रेल सिस्टम और जुपिटर वैगन्स लिमिटेड के शेयर सोमवार को डिमांड में थे। इस वजह से दोनों कंपनियों के शेयर में उछाल आया। यह तेजी ऐसे समय में आई जब ब्रोकरेज जेफरीज ने टीटागढ़ रेल सिस्टम और जुपिटर वैगन्स लिमिटेड पर कवरेज शुरू किया है। विदेशी ब्रोकरेज ने टीटागढ़ को 'खरीदे' रेटिंग दी है। ब्रोकरेज का अनुमान है कि शेयर में 32 प्रतिशत की बढ़त हो सकती है।
वहीं, जुपिटर वैगन्स लिमिटेड पर 'अंडरपरफॉर्म' रेटिंग के साथ कवरेज शुरू किया है। यह शेयर के 22 प्रतिशत की गिरावट के संकेत हैं। हालांकि, दोनों स्टॉक्स FY27 की अनुमानित कमाई के 40 गुना पर ट्रेड कर रहे हैं। इसके बावजूद जेफरीज ने जुपिटर वैगन्स लिमिटेड के मुकाबले टीटागढ़ रेल सिस्टम को ज्यादा पसंद किया है।
क्या है शेयर की कीमत और टारगेट प्राइस?
टीटागढ़ रेल सिस्टम के शेयर की वर्तमान कीमत 640 रुपये के स्तर पर है। शेयर ट्रेडिंग के दौरान 643 रुपये के स्तर तक गया। इस शेयर के लिए खरीदने की रेटिंग देते हुए ब्रोकरेज ने ₹810 का टारगेट प्राइस तय किया है। वहीं, जुपिटर वैगन्स लिमिटेड के लिए ब्रोकरेज को 22% की गिरावट का अनुमान है। यह शेयर 200 रुपये के स्तर तक गिर सकता है। यह शेयर वर्तमान में 257 रुपये के स्तर पर है।
क्या कहा ब्रोकरेज ने?
जेफरीज रेलवे रोलिंग स्टॉक्स को लेकर काफी बुलिश है, क्योंकि उसे इस सेक्टर के खर्च में FY26-30E के दौरान 10% CAGR की उम्मीद है। इसकी मुख्य वजह पैसेंजर कोच पर होने वाले खर्च में 16% CAGR की बढ़ोतरी है। इसमें सुरक्षा, आधुनिकीकरण और वंदे भारत ट्रेनसेट पर खास ध्यान दिया जा रहा है। हालांकि, वैगन पर होने वाले खर्च में 5% CAGR की बढ़ोतरी से इस ग्रोथ का कुछ असर कम हो सकता है।
ब्रोकरेज ने आगे कहा कि नए हाई-स्पीड रेल (HSR) कॉरिडोर FY30E के बाद भी ग्रोथ की संभावना दिखाते हैं, क्योंकि घरेलू ट्रेनों को खरीदना 25-30% सस्ता पड़ सकता है। हालांकि, वंदे भारत ट्रेनसेट के संभावित निर्यात से ग्रोथ में और तेजी आ सकती है। इसके अलावा, भारत का मेट्रो रेल नेटवर्क भी मांग बढ़ाने में मददगार साबित होने की उम्मीद है। जेफरीज ने कहा कि शहरीकरण और मजबूत प्रोजेक्ट पाइपलाइन के चलते FY33E तक यह नेटवर्क दोगुना होकर 2,000 km तक पहुंच सकता है। इन सभी परिस्थितियों को देखते हुए, ब्रोकरेज ने कहा कि यात्रियों और मेट्रो कोच की बढ़ती मांग का सबसे ज्यादा फायदा टीटागढ़ को ही मिलेगा।
जेफरीज का अनुमान है कि FY26-30 के दौरान कंपनी के राजस्व में 35% और EPS में 43% की CAGR देखने को मिलेगी। इसकी मुख्य वजह यह है कि FY26E-30E के दौरान कंपनी के यात्री सेगमेंट के राजस्व में 14 गुना की भारी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।
इसके अलावा, कंपनी के पास एक मजबूत ऑर्डर बुक मौजूद है जिससे भविष्य की ग्रोथ साफ नजर आती है और जैसे-जैसे कंपनी टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में आगे बढ़ेगी, उसके यात्री सेगमेंट के मार्जिन में भी सुधार होने की संभावना है। बता दें कि टीटागढ़ के शेयर 2025 में 19% नीचे बंद हुए, जिससे उनकी 5 साल की लगातार बढ़त का सिलसिला टूट गया। 2026 में अब तक, यह रेलवे स्टॉक 28% नीचे है और साल के पहले तीन महीनों में इसने नुकसान दर्ज किया है।




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