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ITR Filing 2024: ओल्ड टैक्स रिजीम में कितनी बार कर सकते हैं स्विच?

  • ITR Filing 2024: बजट 2023 में न्यू टैक्स रिजीम को वित्त वर्ष 2023-24 के लिए डिफॉल्ट कर व्यवस्था बनाया गया था। इसका मतलब है कि अगर आप किसी को भी नहीं चुनते हैं तो बाई डिफॉल्ट आप न्यू टैक्स रिजीम के तहत अपना आईटीआर फाइल करेंगे।

Tue, 23 July 2024 10:00 AMDrigraj Madheshia नई दिल्ली। लाइव हिन्दुस्तान 
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ITR Filing 2024: ओल्ड टैक्स रिजीम में कितनी बार कर सकते हैं स्विच?

ITR Filing 2024: बजट 2023 में न्यू टैक्स रिजीम को वित्त वर्ष 2023-24 के लिए डिफॉल्ट कर व्यवस्था बनाया गया था। इसका मतलब है कि अगर आप किसी को भी नहीं चुनते हैं तो बाई डिफॉल्ट आप न्यू टैक्स रिजीम के तहत अपना आईटीआर फाइल करेंगे। अगर आप ओल्ड टैक्स रिजीम को चुनना चाहते हैं तो इसके लिए इस वर्ष नई कर व्यवस्था से स्पष्ट रूप से बाहर निकलना होगा।

न्यू टैक्स रिजीम से बाहर कैसे निकलें?

लाइव मिंट के मुताबिक अगर नई कर व्यवस्था यानी न्यू टैक्स रिजीम से बाहर निकलना है तो एक व्यक्ति, एचयूएफ, एओपी को फॉर्म 10-आईईए जमा करना होगा। इसके बाद आप पुरानी कर व्यवस्था के अनुसार आयकर का भुगतान कर सकते हैं। फॉर्म 10-आईईए इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने वालों द्वारा न्यू टैक्स रिजीम निकलने की घोषणा है।

जिन टैक्सपेयर्स की बिजनेस या प्रोफेशन से इनकम नहीं है, वे फॉर्म 10-आईईए दाखिल करने की आवश्यकता के बिना आईटीआर फॉर्म में 'नई व्यवस्था से बाहर निकलने' पर टिक कर सकते हैं। फॉर्म 10-आईईए उन लोगों को जमा करना है जो आईटीआर-3, आईटीआर-4 या आईटीआर-5 दाखिल करते हैं। आईटीआर-1 या 2 फॉर्म में अपना रिटर्न दाखिल करने वाले व्यक्तियों और एचयूएफ को फॉर्म 10-आईईए जमा करने की आवश्यकता नहीं है।

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कितनी बार दो व्यवस्थाओं के बीच स्विच किया जा सकता है?

बिजनेस इनकम वाले टैक्सपेयर्स: जिनके पास बिजनेस से या प्रोफेशन से इनकम है, वे हर साल दो रिजीम के बीच चयन करने के लिए पात्र नहीं होंगे। एक बार जब वे न्यू टैक्स रिजीम से बाहर निकल जाते हैं, तो उनके पास नई व्यवस्था में स्विच करने का केवल एक मौका होता है। और एक बार जब वे नई में वापस आ जाते हैं, तो उन्हें भविष्य में पुरानी व्यवस्था चुनने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

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नॉन-बिजनेस इनकम वाले टैक्सपेयर्स: जिन टैक्सपेयर्स की नॉन-बिजनेस इनकम है, उन्हें हर साल नई और पुरानी कर व्यवस्थाओं के बीच स्विच करने का अवसर दिया जाता है। बता दें न्यू टैक्स रिजीम इस साल डिफॉल्ट कर व्यवस्था है। इसलिए, पिछले साल किए गए किसी भी विकल्प का इस साल शासन की पसंद पर कोई असर नहीं पड़ेगा। अगर किसी को ओल्ड टैक्स रिजीम का ऑप्शन चुनना है तो आपको या तो फॉर्म 10-आईईए जमा करना होगा या ‘opt out of new regime’' पर टिक करना होगा।

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