इस रेलवे स्टॉक पर टूट पड़े निवेशक, शेयर में 10% से अधिक की उछाल, ₹800 के पार जा सकता है भाव
टीटागढ़ रेल सिस्टम के शेयरों में आज 10 पर्सेंट से अधिक की तेजी दिख रही है। यह रेलवे स्टॉक आज 642.50 रुपये पर खुला और 10 पर्सेंट से अधिक उछलकर 712.95 रुपये पर पहुंच गया। इस उछाल के पीछे क्या है वजह?

टीटागढ़ रेल सिस्टम के शेयरों में आज 10 पर्सेंट से अधिक की तेजी दिख रही है। यह रेलवे स्टॉक आज 642.50 रुपये पर खुला और 10 पर्सेंट से अधिक उछलकर 712.95 रुपये पर पहुंच गया। कंपनी ने एक एक्सचेंज फाइलिंग बताया कि उसकी सहायक कंपनी को शिपबिल्डिंग डेवलपमेंट स्कीम के तहत फल्टा में ₹610 करोड़ के ब्राउनफील्ड विस्तार प्रोजेक्ट के लिए सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई है। इस अपडेट का असर आज कंपनी के शेयरों पर दिख रहा है।
810 रुपये तक पहुंच सकता है शेयर
शेयरों में उछाल की एक और बड़ी वजह है जेफरीज की रेटिंग। जेफरीज ने Titagarh Rail Systems को Buy रेटिंग दी है और इसका टार्गेट प्राइस 810 रुपये रखा है। इसका मतलब है कि पिछले बंद के मुकाबले इसमें करीब 32% तक बढ़त की संभावना है।
जेफरीज का अनुमान है कि कि यात्री और मेट्रो ट्रेन कोचों की बढ़ती मांग से टीटागढ़ रेल को फायदा होगा। वित्त वर्ष 2026 से वित्त वर्ष 2030 के बीच कंपनी का रेवेन्यू सालाना 35% और प्रति शेयर आय 43% की दर से बढ़ेगी। यह बढ़ोतरी पैसेंजर ट्रेन सिस्टम से होने वाली इनकम में 14 गुना और कंपनी द्वारा टेक्नोलॉजी में डेवलपमेंट और एडवांस प्रोडक्ट से मिलने वाले हाई मार्जिन के कारण होगी।
शेयर प्राइस ट्रेंड
पिछले 5 सत्रों में टीटागढ़ रेल सिस्टम लिमिटेड के शेयर 15 प्रतिशत से अधिक चढ़ चुके हैं। जबकि, पिछले एक महीने में भी इसने करीब 7 फीसद की बढ़त हासिल की है। हालांकि, इस स्टॉक ने इस साल अबतक 20 प्रतिशत से अधिक का निगेटिव रिटर्न दिया है।
शिपबिल्डिंग सेक्टर को मजबूत करने पर जोर दे रही सरकार
सरकार पिछले कुछ समय से देश में शिपबिल्डिंग सेक्टर को मजबूत करने पर जोर दे रही है। इसके लिए शिपबिल्डिंग फाइनेंशियल असिस्टेंट स्कीम (SBFAS) और SbDS जैसी योजनाएं लागू की गई हैं। हालिया बजट में भी इस सेक्टर को बढ़ावा देने के संकेत मिले हैं, जिससे भारत को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की कोशिश की जा रही है।
610 करोड़ का निवेश, सरकार देगी सहायता
फल्टा में प्रस्तावित इस प्रोजेक्ट के तहत टीटागढ़ करीब 610 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। इस योजना के तहत सरकार कंपनी को लगभग 129 करोड़ रुपये की सहायता देगी, जो प्लांट और मशीनरी पर खर्च के लिए होगी।
यह प्रोजेक्ट भारत में आधुनिक शिपबिल्डिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इसे नेशनल शिपबिल्डिंग मिशन के इंटर-मिनिस्ट्री बोर्ड की सिफारिशों के आधार पर मंजूरी दी गई है, जो इस सेक्टर में सरकार के मजबूत समर्थन को दर्शाता है।
(डिस्क्लेमर: एक्सपर्ट्स की सिफारिशें, सुझाव, विचार और राय उनके अपने हैं, लाइव हिन्दुस्तान के नहीं। यहां सिर्फ शेयर के परफॉर्मेंस की जानकारी दी गई है, यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर मार्केट में निवेश जोखिमों के अधीन है और निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)




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