सरकार ने बदला महंगाई मापने का तरीका, नई सीरीज में पहली बार जारी हुए आंकड़े
सरकार ने साल 2024 के आधार पर खुदरा महंगाई की नई सीरीज में कई बदलाव किए हैं। खास बात यह है कि पहली बार 25 लाख से अधिक की आबादी वाले 12 शहरों में ऑनलाइन मार्केट प्लेस को भी एक बाजार माना गया है और वहां उपलब्ध मूल्य के आंकड़ों को गणना में जगह दी गयी है।

India retail inflation: केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने खुदरा महंगाई मापने के तरीके में बदलाव किए हैं। वर्ष 2024 को आधार वर्ष मानकर जारी किए गए आंकड़े के मुताबिक भारत की खुदरा महंगाई जनवरी में आठ महीनों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई और बढ़कर 2.75% पर आ गई। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) द्वारा गुरुवार को जारी आंकड़ों से यह जानकारी मिली है।
खुदरा महंगाई की नई सीरीज में कई बदलाव
सरकार ने साल 2024 के आधार पर खुदरा महंगाई की नई सीरीज में कई बदलाव किए हैं। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) द्वारा गुरुवार को जारी नई सीरीज में मूल्य स्थिति की बेहतर तस्वीर पेश करने के लिए वस्तुओं की संख्या 259 से बढ़ाकर 308 कर दी गई है। वहीं, सर्विसेज की संख्या 40 से बढ़ाकर 50 कर दी गई है। नई सीरीज में प्रमुख सुधारों में ग्रामीण मकान किराया, ऑनलाइन मीडिया सेवाएं एवं ईंधन (सीएनजी/पीएनजी) को शामिल किया गया है। डिजिटल व प्रशासनिक स्रोतों से उपलब्ध आंकड़ों के बेहतर कवरेज के लिए टेलीफोन शुल्क, रेल किराया, हवाई किराया, ईंधन, डाक शुल्क तथा ऑनलाइन मीडिया एवं 'स्ट्रीमिंग' सेवाएं (ओटीटी सब्सक्रिप्शन) को भी नई सीरीज में शामिल किया गया है।
किसके वेटेज में क्या बदलाव?
खाद्य एवं पेय पदार्थों का वेटेज 45.86 से घटाकर 36.75 कर दिया गया है। इसका मतलब है कि अब इस वर्ग की महंगाई का ग्रॉस महंगाई दर पर पहले के मुकाबले कम असर होगा। शिक्षा सेवाओं तथा वस्तुओं का वेटेज भी कम किया गया है जबकि स्वास्थ्य का वेटेज बढ़ाया गया है। पुराने विविध समूह से शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन, घरेलू वस्तुओं एवं सेवाओं को अलग कर दिया गया है। अब इस मुख्य समूह को व्यक्तिगत प्रसाधन, सामाजिक सुरक्षा और विविध वस्तु एवं सेवा नाम दिया गया है। इसका वेटेज 28.32 से घटाकर 5.04 हो गया है। इसमें सोना-चांदी भी शामिल हैं। अलग किये गये स्वास्थ्य वर्ग का वेटेज 6.10 प्रतिशत तय किया गया है, पहले इस उपवर्ग को 5.89 वेटेज दिया गया था। शिक्षा का वेटेज 4.46 से घटाकर 3.33 किया गया है। परिवहन एवं संचार उपवर्ग को पहले 8.59 वेटेज मिला था। अब परिवहन को 8.80 और सूचना एवं संचार को 3.61 का वेटेज दिया गया है। ईंधन एवं बिजली वर्ग (वेटेज 6.84) को समाप्त कर आवास, जल, बिजली, गैस एवं अन्य ईंधन का नया वर्ग बनाया गया है जिसे 17.67 का वेटेज दिया गया है।
घर के किराये को भी दी गई जगह
पहले आवास को 10.07 का वेटेज दिया गया था और यह सिर्फ शहरी आवास की लागत को जगह मिली थी। अब ग्रामीण इलाकों में आवास के किराये को भी नयी सीरीज में जगह दी गई है। कपड़ों और जूते-चप्पलों के वर्ग का वेटेज 6.53 प्रतिशत से घटाकर 6.38 प्रतिशत किया गया है। पान तंबाकू और नशीले पदार्थों के वर्ग का वेटेज 2.38 प्रतिशत से बढ़ाकर 2.99 कर दिया गया है। नयी सीरीज में रेस्त्रां एवं होटलों आदि की आवासीय सेवा का नया वर्ग बना है जिसे 3.35 का वेटेज दिया गया है। मनोरंजन खेल एवं संस्कृति वर्ग को 1.52 और फर्निशिंग, घरेलू उपकरण एवं नियमित घरेलू रखरखाव श्रेणी को 4.47 वेटेज दिया गया है।




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