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गलत जानकारी वाले ईमेल को करें इग्नोर, आयकर विभाग की टैक्सपेयर्स से अपील

इन ईमेल में टैक्सपेयर्स द्वारा किए गए कुछ अहम ट्रांजैक्शन का भी जिक्र किया गया था। हालांकि, कई टैक्सपेयर्स और सीए का दावा है कि ईमेल में दिखाए गए कई लेन-देन या तो गलत थे या संबंधित करदाता से जुड़े ही नहीं थे।

Sat, 14 March 2026 06:51 PMDeepak Kumar लाइव हिन्दुस्तान
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गलत जानकारी वाले ईमेल को करें इग्नोर, आयकर विभाग की टैक्सपेयर्स से अपील

कई टैक्सपेयर्स और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की शिकायतों के बाद आयकर विभाग ने एक ईमेल को लेकर सफाई दी है। यह ईमेल एडवांस टैक्स ई-कैंपेन से जुड़ा था, जो कई टैक्सपेयर्स को मिला है। आयकर विभाग ने कहा कि ऐसे ईमेल को इग्नोर किया जाए। दरअसल, हाल के दिनों में कई टैक्सपेयर्स को विभाग की ओर से ईमेल मिले थे, जिनमें कहा गया था कि उनकी एडवांस टैक्स पेमेंट वित्तीय गतिविधियों से मेल नहीं खाती है। इन ईमेल में टैक्सपेयर्स द्वारा किए गए कुछ अहम ट्रांजैक्शन का भी जिक्र किया गया था। हालांकि, कई टैक्सपेयर्स और सीए का दावा है कि ईमेल में दिखाए गए कई लेन-देन या तो गलत थे या संबंधित करदाता से जुड़े ही नहीं थे।

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क्या कहा आयकर विभाग ने?

आयकर विभाग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक बयान जारी कर बताया कि कुछ टैक्सपेयर्स को भेजे गए ईमेल में गलत जानकारी शामिल हो गई थी। विभाग ने इसके लिए खेद जताते हुए कहा कि वह अपने सर्विस प्रोवाइडर के साथ मिलकर समस्या को ठीक करने में जुटा है। फिलहाल करदाताओं से एडवांस टैक्स ई-कैम्पेन से जुड़े पुराने ईमेल को नजरअंदाज करने के लिए कहा गया है। इसके साथ ही करदाताओं को सलाह दी गई है कि वे ई-फाइलिंग पोर्टल के कंप्लायंस पोर्टल पर e-कैंपेन टैब के जरिए अपने ट्रांजैक्शन की जानकारी वेरिफाई कर लें।

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क्या है मेल में गलती?

आयकर विभाग की एडवांस टैक्स ई-कैंपेन के तहत भेजे गए ईमेल्स में महत्वपूर्ण लेनदेन की जानकारी गलत थी, क्योंकि कई टैक्सपेयर्स को एक ही आंकड़े रसीद, टर्नओवर और परचेजेज के रूप में भेजे गए थे, जो उनकी वास्तविक डिटेल्स से मेल नहीं खाते थे। चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के मुताबिक यह एक तकनीकी गड़बड़ी या टेम्प्लेट एरर था, जिससे टैक्सपेयर्स में अफरा-तफरी मच गई। कई ने सोचा कि उनकी सेल्स बढ़ा-चढ़ाकर दिखाई गई हैं, कोई फर्जी GST लिया गया है या GST रिटर्न में गलती हुई है। विभाग ने बाद में क्लैरिफिकेशन जारी कर इन ईमेल्स को इग्नोर करने की अपील की और कहा कि ये सिर्फ सुविधाजनक रिमाइंडर हैं, जबकि समस्या को सेवा प्रदाता के साथ ठीक किया जा रहा है।

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ई-फाइलिंग पोर्टल को लेकर संसद की समिति ने क्या कहा?

बता दें कि हाल ही में संसद की एक समिति ने आयकर विभाग से अपने ई-फाइलिंग पोर्टल और पूरे आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर का दबाव परीक्षण करने को कहा है। इस प्रक्रिया का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि एक अप्रैल से नया अधिनियम लागू होने पर कोई तकनीकी खामी न आए। भाजपा सांसद भर्तृहरि महताब की अध्यक्षता वाली वित्त संबंधी स्थायी समिति को आयकर विभाग ने बताया कि नए आयकर अधिनियम के तहत अधिसूचित किए जाने वाले 190 फॉर्म में केवल 54 फॉर्म 31 मार्च, 2026 तक तैयार होने की उम्मीद है। बाकी फॉर्म बाद में चरणबद्ध तरीके से जारी किए जाएंगे। गौरतलब है कि नया और सरल आयकर अधिनियम, 2025 छह दशक से अधिक पुराने आयकर अधिनियम 1961 की जगह लेगा और एक अप्रैल से प्रभावी होगा। सितंबर, 2025 में ई-फाइलिंग पोर्टल पर आई तकनीकी खामियों का हवाला देते हुए समिति ने कहा कि पूरे आईटी ढांचे का पहले सख्ती के साथ परीक्षण किया जाए। यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि सॉफ्टवेयर बिना किसी रुकावट के कामकाज संभालने में सक्षम हो।

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