IDFC फर्स्ट बैंक फ्रॉड केस: एक्शन मोड में एंटी करप्शन ब्यूरो, 4 अधिकारी गिरफ्तार
आईडीएफसी बैंक ने हरियाणा सरकार के खातों में उसके कर्मचारियों और अन्य लोगों द्वारा की गई 590 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का रविवार को खुलासा किया था। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार इस धोखाधड़ी में शामिल किसी को भी बख्शेगी नहीं।

हरियाणा के राज्य विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो ने आईडीएफसी फर्स्ट बैंक धोखाधड़ी मामले में मुख्य षड्यंत्रकर्ता समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार किए गए चार लोगों में से दो लोग आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के पूर्व कर्मचारी और दो अन्य एक साझेदार कंपनी के मालिक हैं। अधिकारियों ने कहा कि गिरफ्तारियां मंगलवार शाम को आईडीएफसी फर्स्ट बैंक धोखाधड़ी मामले की जारी जांच के तहत की गईं।
कौन-कौन हुआ है गिरफ्तार?
एंटी करप्शन ब्यूरो के महानिदेशक एएस चावला ने गिरफ्तार व्यक्तियों की पहचान रिभव ऋषि, अभय कुमार, स्वाति सिंगला और अभिषेक सिंगला के रूप में की। उन्होंने बताया कि ऋषि और अभय आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के पूर्व कर्मचारी हैं जबकि स्वाति और अभिषेक भाई-बहन हैं जो 'स्वास्तिक देश प्रोजेक्ट' नामक एक फर्म चलाते थे। चावला ने बताया कि ऋषि छह महीने पहले तक बैंक की सेक्टर-32 शाखा के प्रमुख थे और इसके बाद उन्होंने नौकरी छोड़ दी।
बैंक के रिलेशनशिप मैनेजर ने पिछले साल छोड़ी नौकरी
एएस चावला ने बताया कि बैंक के रिलेशनशिप मैनेजर अभय ने पिछले साल अगस्त के आसपास नौकरी छोड़ दी थी। उन्होंने कहा कि ऋषि और अभय ने मिलकर इस धोखाधड़ी की साजिश रची थी। अधिकारी ने बताया कि 'स्वास्तिक देश प्रोजेक्ट' कंपनी के बैंक खाते में कुल 300 करोड़ रुपये स्थानांतरित किए गए। उन्होंने बताया कि कंपनी की मुख्य मालिक स्वाति सिंगला हैं, जो 75 प्रतिशत शेयरधारक हैं जबकि उनके भाई अभिषेक सिंगला के पास शेष 25 प्रतिशत शेयर हैं। एएस चावला ने कहा कि स्वाति सिंगला अभय की पत्नी हैं। हमने चारों को गिरफ्तार कर लिया है।
रविवार को हुआ था खुलासा
बता दें कि भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने एक प्राथमिकी दर्ज की थी जबकि राज्य सरकार ने धोखाधड़ी की जांच के लिए एक समिति गठित की थी। दरअसल, आईडीएफसी बैंक ने हरियाणा सरकार के खातों में उसके कर्मचारियों और अन्य लोगों द्वारा की गई 590 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का रविवार को खुलासा किया था। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को विधानसभा में कहा कि सरकार इस धोखाधड़ी में शामिल किसी को भी बख्शेगी नहीं।
बकाया लगभग 556 करोड़ रुपये वसूल लिए
बीते मंगलवार को हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राज्य विधानसभा को सूचित किया कि उनकी सरकार ने आईडीएफसी फर्स्ट बैंक धोखाधड़ी मामले में बकाया लगभग 556 करोड़ रुपये वसूल लिए हैं। सैनी ने कहा कि लगभग 22 करोड़ रुपये ब्याज सहित करीब 556 करोड़ रुपये 24 घंटे के भीतर वापस हासिल कर लिए गए। बैंक ने खुलासा किया था कि उसके कर्मचारियों और अन्य लोगों ने हरियाणा सरकार के बैंक खातों में जमा 590 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की है।




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