इस बैंक का 60% हिस्सा बेच रही है केंद्र सरकार, फिक्स हुई डेडलाइन
सरकार की तरफ से आईडीबीआई बैंक लिमिटेड (IDBI Bank Limited) में हिस्सेदारी बेची जा रही है। केंद्र सरकार ने बोली लगाने के लिए फरवरी का पहला हफ्ता डेडलाइन के तौर पर सेट किया है।

सरकार की तरफ से आईडीबीआई बैंक लिमिटेड (IDBI Bank Limited) में हिस्सेदारी बेची जा रही है। केंद्र सरकार ने बोली लगाने के लिए फरवरी का पहला हफ्ता डेडलाइन के तौर पर सेट किया है। सीएनबीसी टीवी18 की रिपोर्ट में यह सामने आया है। बता दें, इससे पहले बोली लगाने की आखिरी तारीख दिसंबर 2025 थी। जिसके बाद अंतिम तारीख को आगे बढ़ाया गया था।
रिपोर्ट्स के अनुसार डिपार्टमेंट ऑफ इंवेस्टमेंट एंड पब्लिक एसेट मैनेजमेंट (DIPAM) ने कोटक महिंद्रा बैंक, एमिरेट्स एनबीडी और फेयरफैक्स इंडिया होल्डिंग्स सहित अन्य सभी संभावित बोली लगाने वालों को अंतिम तारीख की सूचना दे दी गई है।
बिना शर्त के ऑफर खोज रही है केंद्र सरकार
केंद्र सरकार ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया से सलाह करके किसी भी बोली को निरस्त करने का अधिकार अपने पास रखेगी। केंद्र सरकार, आईडीबीआई बैंक के लिए बिना शर्त के ऑफर तलाश रही है। सरकार का कहना है कि कोई भी शर्त लगाने पर ऑफर अमान्य हो जाएगा।
दीपम को प्रस्ताव भेजने के बाद बोली लगाने वाले संस्थाओं के पास शेयर पर्चेज़ एग्रीमेंट में कोई भी बदलाव करने का अधिकार नहीं हो सकता है। रिपोर्ट के अनुसार फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स एमिरेट्स एनबीडी और कोटक महिंद्रा बैंक और ओकट्री की तरफ से बोलियां लगाई जा सकती हैं।
किसके पास IDBI में कितना हिस्सा?
आईडीबीई बैंक में केंद्र सरकार की हिस्सेदारी 45.48 प्रतिशत थी। वहीं, एलआईसी के पास 49.24 प्रतिशत हिस्सेदारी है। केंद्र सरकार की तरफ से 60.70 प्रतिशत हिस्सेदारी बेची जा सकती है। इस बिक्री में केंद्र सरकार 30.48 प्रतिशत और एलआईसी 30.24 प्रतिशत हिस्सेदारी बेच सकती है। डिसइंवेस्टमेंट के बाद सेंटर के पास 15 प्रतिशत और एलआईसी के पास 19 प्रतिशत हिस्सेदारी रह जाएगी।
शुक्रवार को आईडीबीआई बैंक लिमिटेड के शेयर 1.74 प्रतिशत की तेजी के साथ 99.55 रुपये के लेवल पर बंद हुआ था।
(यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश से पहले एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें।)




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