LPG गैस का संकट: दिग्गज IT कंपनी के कैंटीन पर असर, कर्मचारियों को मिला वर्क फ्रॉम होम ऑप्शन
कंपनी के दो वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक खाना पकाने की गैस की कमी के कारण कैंटीन का कामकाज बाधित होने के चलते HCL टेक ने अपने चेन्नई कार्यालय के कर्मचारियों को 12-13 मार्च को वर्क फ्रॉम होम यानी घर से काम करने का विकल्प दिया है।

LPG Crisis: ईरान की अमेरिका और इजराइल से छिड़ी जंग के बीच भारत में एलपीजी गैस का संकट बढ़ता जा रहा है। होटल, रेस्तरां समेत अलग-अलग स्थानों से एलपीजी गैस की कमी की खबरें आ रही हैं। देश की दिग्गज आईटी कंपनी HCL टेक के कैंटीन में भी एलपीजी संकट की खबरें सामने आई हैं। कंपनी के दो वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक खाना पकाने की गैस की कमी के कारण कैंटीन का कामकाज बाधित होने के चलते HCL टेक ने अपने चेन्नई कार्यालय के कर्मचारियों को 12-13 मार्च को वर्क फ्रॉम होम यानी घर से काम करने का विकल्प दिया है। इन अधिकारियों ने मिंट को बताया कि एलपीजी की कमी के चलते कई कैंटीन विक्रेता अपना काम नहीं कर पा रहे थे, जिसके चलते कंपनी ने कर्मचारियों को इन दो दिनों में घर से काम करने की अनुमति दी। पुष्टि के लिए HCL टेक को भेजे गए ईमेल का अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है।
इंफोसिस की एडवाइजरी
इसके अलावा, खाद्य संबंधी व्यवधानों के कारण दूसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी इंफोसिस लिमिटेड को बेंगलुरु और चेन्नई सहित अपने कम से कम दो स्थानों पर एडवाइजरी जारी करनी पड़ी है।
इंफोसिस ने बेंगलुरु में अपने कर्मचारियों को एडवाइजरी जारी करते हुए कहा है कि व्यावसायिक एलपीजी की उपलब्धता को लेकर उत्पन्न होने वाली अनिश्चितता के मद्देनजर कैंटीन में मेनू में कम आइटम होंगे। कार्यालयों में लाइव काउंटर सेवाएं बंद कर दी गई हैं और कर्मचारियों से घर का बना खाना लाने का आग्रह किया जा रहा है। बता दें कि इंफोसिस और एचसीएलटेक में पिछले साल क्रमशः 337,034 और 226,379 कर्मचारी कार्यरत थे। इनमें से कम से कम तीन-चौथाई कर्मचारी भारत में तैनात हैं।
भारत के कारोबार पर पड़ रहा असर
अमेरिका और इजराइल के ईरान के खिलाफ चल रहे संघर्ष का असर धीरे-धीरे भारत के व्यवसायों पर भी दिखने लगा है। सरकार के आश्वासनों के बावजूद एलपीजी की कमी के चलते देश भर के कई रेस्तरां बंद हो गए हैं। वैश्विक सर्च फर्मों का कहना है कि इस क्षेत्र में कारोबार करने की योजना बना चुकी या पहले से ही कारोबार कर रही कंपनियां बढ़ती अनिश्चितता के बीच वरिष्ठ स्तर की भर्तियां रोक रही हैं।
कंसल्टिंग फर्मों ने यह भी चेतावनी दी है कि इस संघर्ष के कारण ऊर्जा, रियल एस्टेट, निर्माण और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में व्यवधान आने से इस क्षेत्र में कारोबार कर रही कंपनियों के बोनस पर दबाव पड़ सकता है। वहीं, सरकार की ओर से लगातार संकट से निपटने के प्रयास किए जा रहे हैं।




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