नौकरी चली गई तब भी भत्ता देगी मोदी सरकार, इस स्कीम से जुड़ने पर मिलेगा फायदा
बेरोजगार बीमित व्यक्ति को राजीव गांधी श्रमिक कल्याण योजना के तहत फायदा मिलता हैं। इसका फायदा लेने के लिए बीमित व्यक्ति को कम से कम दो वर्षों तक सेवा में रहना चाहिए। इसके लिए कुछ और भी क्राइटेरिया है। आइए विस्तार से जान लेते हैं।

कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) से जुड़े कर्मचारियों को हेल्थ इंश्योरेंस समेत कई तरह की सुविधाएं मिलती हैं। इसका फायदा उन कर्मचारियों को भी मिलता है जो बेरोजगार हैं। बीमित व्यक्ति को राजीव गांधी श्रमिक कल्याण योजना (आरजीएसकेवाई) के तहत फायदा मिलता हैं। आइए योजना के बारे में विस्तार से जान लेते हैं।
क्या है क्राइटेरिया
इसका फायदा लेने के लिए बीमित व्यक्ति को कम से कम दो वर्षों तक सेवा में रहना चाहिए। किसी भी दो लगातार योगदान अवधि में 156 दिन या उससे अधिक समय तक किसी बीमित व्यक्ति के लिए भुगतान किया गया/देय योगदान एक पूर्ण वर्ष के लिए काम करने के रूप में माना जाएगा। किसी योगदान अवधि में 78 दिन या उससे अधिक समय तक भुगतान किया गया योगदान आधे वर्ष के लिए सेवा करने के रूप में माना जाएगा।
चिकित्सा देखभाल के लिए हकदार
योजना के तहत बीमित व्यक्ति और उसका परिवार भी चिकित्सा देखभाल के लिए हकदार हैं। यदि बीमित व्यक्ति पुनः रोजगार प्राप्त कर लेता है या 60 वर्ष की आयु प्राप्त कर लेता है, जो भी पहले हो, तो बेरोजगारी भत्ता देय नहीं होगा। बेरोजगारी भत्ते की दैनिक दर पहले बारह महीनों के लिए बीमित व्यक्ति द्वारा प्राप्त औसत दैनिक मजदूरी का 50 प्रतिशत और अंतिम 12 महीनों के लिए 25 प्रतिशत है।
नई योजना की शुरुआत
बता दें कि हाल ही में सरकार ने नियोक्ता एवं कर्मचारियों के पंजीकरण को बढ़ावा देने की योजना (एसपीआरईई)-2025 शुरू की है। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई है। श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया की अध्यक्षता में 27 जून को शिमला में हुई ईएसआईसी की 196वीं बैठक में एसपीआरईई योजना-2025 को मंजूरी दी गई थी। यह योजना एक जुलाई से 31 दिसंबर, 2025 तक सक्रिय रहेगी।
इस दौरान अपंजीकृत नियोक्ताओं और कर्मचारियों (संविदा और अस्थायी कर्मचारी समेत) को निरीक्षण या पिछले बकाये की मांग का सामना किए बगैर ही नामांकन करने का एक बार मौका दिया जाएगा। नियोक्ता ईएसआईसी पोर्टल, श्रम सुविधा और एमसीए पोर्टल के जरिये अपनी इकाइयों और कर्मचारियों को डिजिटल रूप से रजिस्टर्ड कर सकते हैं। रजिस्ट्रेशन नियोक्ता द्वारा घोषित तिथि से वैध माना जाएगा। पंजीकरण से पहले की अवधि के लिए कोई योगदान या लाभ लागू नहीं होगा।




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