Edible Oil Price may cheap govt slashes import duty on crude edible oil from 20 pc to 10 percent to reduce prices खाने का तेल होगा सस्ता! सरकार ने किया बड़ा ऐलान, आम लोगों के लिए खुशखबरी, Business Hindi News - Hindustan
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खाने का तेल होगा सस्ता! सरकार ने किया बड़ा ऐलान, आम लोगों के लिए खुशखबरी

सरकार ने कच्चे पाम तेल, कच्चे सोयाबीन तेल और कच्चे सूरजमुखी तेल पर मूल सीमा शुल्क को पहले के 20 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत कर दिया।

Sun, 1 June 2025 12:27 PMVarsha Pathak लाइव हिन्दुस्तान
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खाने का तेल होगा सस्ता! सरकार ने किया बड़ा ऐलान, आम लोगों के लिए खुशखबरी

Edible Oil Price: बढ़ती महंगाई के बीच केंद्र सरकार ने आम जनता को बड़ी राहत दी है। सरकार ने कच्चे पाम तेल, कच्चे सोयाबीन तेल और कच्चे सूरजमुखी तेल पर मूल सीमा शुल्क को पहले के 20 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत कर दिया। यह फैसला वित्त मंत्रालय की नई अधिसूचना के तहत तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। सरकार के इस फैसले से बाजार में तेल की कीमतों में गिरावट आने की उम्मीद है। इससे आम उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलेगी। बता दें कि सरकार का उद्देश्य खाना पकाने के तेलों की कीमतों में कमी लाना और घरेलू प्रोसेसिंग उद्योगों की सुरक्षा करना है। वर्तमान में, भारत घरेलू खाद्य तेल की अपनी मांग का 50 प्रतिशत से अधिक आयात करता है।

एसईए ने क्या कहा?

रिपोर्ट में कहा गया है कि खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा के अनुसार, सरकार ने कच्चे खाद्य तेलों पर मूल सीमा शुल्क को 20 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत कर दिया है। सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एसईए) के कार्यकारी निदेशक बी वी मेहता ने पीटीआई को बताया कि कच्चे पाम तेल, कच्चे सोयाबीन तेल और कच्चे सूरजमुखी तेल पर मूल सीमा शुल्क को 20 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत कर दिया गया है। संशोधित दरों के बारे में अधिसूचना शुक्रवार को जारी की गई और यह तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। इन तीन प्रोडक्ट्स पर मूल सीमा शुल्क और अतिरिक्त शुल्क सहित प्रभावी आयात शुल्क अब 16.5 प्रतिशत है, जो पहले 27.5 प्रतिशत था। रिफाइंड तेलों के लिए प्रभावी शुल्क 35.75 प्रतिशत है।

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क्या है डिटेल

एसईए और भारतीय वनस्पति तेल उत्पादक संघ (आईवीपीए) ने इस लेटेस्ट घटनाक्रम का स्वागत किया है। वे घरेलू प्रसंस्करणकर्ताओं की सुरक्षा के लिए कच्चे और प्रोसेस्ड खाद्य तेलों के बीच शुल्क अंतर में वृद्धि की मांग कर रहे थे। मेहता के अनुसार, यह शुल्क अंतर घरेलू उद्योग को अपनी शोधन क्षमता का उपयोग करने और खाद्य तेलों की खुदरा कीमतों में कटौती करने में मदद करेगा। मेहता ने कहा, "यह वनस्पति तेल रिफाइनर और उपभोक्ताओं के लिए फायदेमंद स्थिति है, क्योंकि कच्चे तेल पर शुल्क कम होने से स्थानीय कीमत कम हो जाएगी।" उन्होंने आगे कहा कि रिफाइंड पाम तेल का आयात अधिक है, क्योंकि यह कच्चे पाम तेल से सस्ता है। भारत मलेशिया और इंडोनेशिया से पाम तेल आयात करता है। IVPA के अध्यक्ष सुधाकर देसाई ने कच्चे खाद्य तेल पर मूल आयात शुल्क को 20 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत करने के सरकार के फैसले के लिए धन्यवाद दिया।

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