इस साल 1500 रुपये बढ़े कमर्शियल सिलेंडर के दाम, क्यों बढ़े LPG के रेट?
LPG Price Hike: कमर्शियल सिलेंडर के दाम इस साल अबतक करीब 1500 रुपये बढ़ चुके हैं। जनवरी में 111 रुपये, फरवरी में 49 रुपये, मार्च में कुल ₹144 की बढ़ोतरी हुई थी, इसके बाद 1 अप्रैल को करीब ₹200 का इजाफा किया गया और अब मई में ₹993 की बड़ी छलांग देखने को मिली है।

LPG Price Hike: मई महीने की शुरुआत के साथ ही महंगाई का एक और झटका सामने आया है। 19 किलो वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत में करीब ₹100 की भारी बढ़ोतरी कर दी गई है। यह पहली बार है कि एलपीज के दाम में इतना बड़ा इजाफा हुआ है। इस बढ़ोतरी के बाद राजधानी दिल्ली में इसका नया रेट ₹3,071.50 पहुंच गया है। हालांकि सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि 14.2 किलो वाले घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
इस साल लगभग डबल हो गए कमर्शियल सिलेंडर के दाम
जनवरी से अबतककमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। कमर्शियल सिलेंडर के दाम इस साल अबतक करीब 1500 रुपये बढ़ चुके हैं। जनवरी में 111 रुपये, फरवरी में 49 रुपये, मार्च में कुल ₹144 की बढ़ोतरी हुई थी, इसके बाद 1 अप्रैल को करीब ₹200 का इजाफा किया गया और अब मई में ₹993 की बड़ी छलांग देखने को मिली है। इंडियन ऑयल के आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली में 1 दिसंबर 2025 को कमर्शियल सिलेंडर की कीमत केवल 1580.50 रुपये थी।
देश के बड़े शहरों में नए रेट (19 Kg LPG)
नई दरों के बाद प्रमुख शहरों में कमर्शियल सिलेंडर के दाम इस प्रकार हैं:
दिल्ली: ₹3,071.50
मुंबई: ₹3,024
कोलकाता: ₹3,202
चेन्नई: ₹3,237
बेंगलुरु: ₹3,152
अहमदाबाद: ₹3,091
पुणे: ₹3,084
आगरा: ₹3125.5
गोरखपुर:₹3255.5
लखनऊ: ₹3194
स्रोत: इंडियन ऑयल
इस साल घरेलू सिलेंडर के दाम केवल 60 रुपये बढ़े
अगर घरेलू सिलेंडर की बात करें तो आम घरों के लिए राहत भरी खबर यह है कि 14.2 किलो के घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में आज 1 मई को कोई बदलाव नहीं किया गया है। करीब 33 करोड़ उपभोक्ता अभी भी पिछले महीने वाली पुरानी दरों पर ही घरेलू सिलेंडर ले सकेंगे। इससे अंतरराष्ट्रीय कीमतों के उतार-चढ़ाव का सीधा असर आम परिवारों पर नहीं पड़ेगा। अगर इस साल की बात करें तो अबतक घरेलू सिलेंडर के दाम केवल 60 रुपये ही बढ़े हैं।
क्यों बढ़े कमर्शियल LPG के दाम?
कमर्शियल LPG के दाम में यह उछाल अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती अनिश्चितता का नतीजा है। फरवरी के अंत से पश्चिम एशिया में शुरू हुआ तनाव अब आठवें हफ्ते में पहुंच चुका है। अमेरिका और ईरान के बीच टकराव के चलते होर्मूज से गुजरने वाली तेल सप्लाई प्रभावित हुई है। यह दुनिया का सबसे अहम ऊर्जा मार्ग है, जहां किसी भी रुकावट का सीधा असर पूरी दुनिया में तेल और गैस कीमतों पर पड़ता है।




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