टैक्स के मोर्चे पर वित्त मंत्री के बड़े ऐलान, अब क्या बदल गया, प्वाइंट में समझें
निर्मला सीतारमण ने 2019 में पेश अपने पहले बजट में दशकों से बजट दस्तावेजों को ले जाने के लिए इस्तेमाल होने वाले चमड़े के ब्रीफकेस की परंपरा को तोड़ इसे टैबलेट में ले जाना शुरू किया था जिसे 'लाल पाउच' में रखा जाता है। इस साल का बजट भी कागज-रहित है।

Budget 2026: इनकम टैक्स के मोर्चे पर बजट में बड़े ऐलान हुए हैं। वित्त मंत्री ने कहा कि इनकम टैक्स एक्ट, 2025, 1 अप्रैल से लागू होगा। इसके नियम और टैक्स रिटर्न फॉर्म जल्द ही नोटिफाई किए जाएंगे। आइए जानते हैं कि टैक्सपेयर्स के लिए कौन-कौन से बड़े ऐलान हुए हैं।
31 मार्च तक बढ़ी रिवाइज्ड रिटर्न की डेडलाइन
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मामूली फीस देकर रिवाइज्ड इनकम टैक्स (I-T) रिटर्न फाइल करने की समय सीमा 31 दिसंबर से बढ़ाकर 31 मार्च करने का प्रस्ताव दिया। उन्होंने FY27 के बजट में छोटे टैक्सपेयर्स के लिए नियम-आधारित ऑटोमेटेड प्रोसेस का भी प्रस्ताव दिया।
मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल के अवार्ड पर छूट
वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार, मोटर दुर्घटना दावा ट्रिब्यूनल द्वारा दिए गए अवॉर्ड को इनकम टैक्स से छूट देने का प्रस्ताव कर रही है। वित्त मंत्री ने बताया कि पहले अपीलीय अथॉरिटी के सामने अपील की अवधि के लिए पेनल्टी की रकम पर कोई इंटरेस्ट लायबिलिटी नहीं होगी, नतीजा चाहे जो भी हो।
वहीं, विदेशी टूर पैकेज की बिक्री पर सोर्स पर टैक्स कलेक्शन (TCS) की दर पहले के 5% और 20% से घटाकर 2% कर दी गई है। सीतारमण ने बताया कि नेट टैक्स कलेक्शन 28.7 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, बजट का आकार 53.5 लाख करोड़ रुपये होगा। सरकार ने नई टैक्स व्यवस्था के तहत इंटर-कोऑपरेटिव सोसाइटियों की डिविडेंड इनकम को डिडक्शन के तौर पर मंजूरी दी है।
बजट में उन विदेशी कंपनियों को 2047 तक टैक्स हॉलिडे देने का प्रस्ताव है जो भारत में डेटा सेंटर का इस्तेमाल करके दुनिया भर के कस्टमर्स को क्लाउड सर्विस देती हैं। बजट में कमोडिटी फ्यूचर्स पर सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स को 0.02 फीसदी से बढ़ाकर 0.05 फीसदी करने का प्रस्ताव है। शराब, स्क्रैप और मिनरल पर सोर्स पर टैक्स कलेक्शन की दर को 2 प्रतिशत किया गया।
तीसरे कार्यकाल का तीसरा बजट
यह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की अगुवाई वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार के तीसरे कार्यकाल का तीसरा बजट है। निर्मला सीतारमण ने 2019 में पेश अपने पहले बजट में दशकों से बजट दस्तावेजों को ले जाने के लिए इस्तेमाल होने वाले चमड़े के ब्रीफकेस की परंपरा को तोड़ इसे टैबलेट में ले जाना शुरू किया था जिसे 'लाल पाउच' में रखा जाता है। इस साल का बजट भी कागज-रहित है।




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