यूनिवर्सिटी टाउनशिप, खोले जाएं नए राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान; बजट में शिक्षा क्षेत्र में सरकार के बड़े वादे
बजट 2026 में शिक्षा क्षेत्र को मजबूत करने के लिए सरकार ने यूनिवर्सिटी टाउनशिप, नए राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान और उच्च शिक्षा ढांचे के विस्तार जैसे बड़े वादे किए।

Budget 2026: आज के बजट में शिक्षा, रोजगार, डिजाइन सेक्टर को नई दिशा देने की घोषणा की गई है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने भाषण में ऐसी योजनाओं का जिक्र किया जो सीधे तौर पर छात्राओं की सुरक्षा, विश्वविद्यालयों के समग्र विकास और डिजाइन उद्योग की बढ़ती जरूरतों से जुड़ी हैं।
महिला शिक्षा और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सरकार ने देश के हर जिले में एक महिला छात्रावास स्थापित करने की घोषणा की। इसका मकसद दूर-दराज से पढ़ाई के लिए आने वाली छात्राओं को सुरक्षित, सुलभ और सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराना है, ताकि आर्थिक या सामाजिक कारणों से उनकी पढ़ाई बीच में न छूटे और उच्च शिक्षा में महिलाओं की भागीदारी और मजबूत हो।
विश्वविद्यालयों में आधुनिक टाउनशिप
उच्च शिक्षा संस्थानों को सिर्फ पढ़ाई के केंद्र नहीं, बल्कि समग्र शैक्षणिक शहर के रूप में विकसित करने के लिए सरकार ने विश्वविद्यालयों में टाउनशिप स्थापित करने का ऐलान किया। इन टाउनशिप में आवास, शोध सुविधाएं, स्टार्टअप स्पेस, स्वास्थ्य और सांस्कृतिक ढांचा शामिल होगा, जिससे छात्रों, शिक्षकों और शोधकर्ताओं को एक बेहतर और जीवंत शैक्षणिक माहौल मिल सके।
नए राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान प्रस्तावित
डिजाइन सेक्टर में बढ़ती मांग और प्रतिभाओं की कमी को देखते हुए बजट में नए राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया है। सरकार का मानना है कि इससे भारतीय डिजाइन उद्योग को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने, नवाचार को बढ़ावा देने और युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर पैदा करने में मदद मिलेगी।
बजट में शिक्षा और कौशल विकास को भविष्य की अर्थव्यवस्था से जोड़ने के लिए सरकार ने उच्च शक्ति शिक्षा उपक्रम की भी घोषणा की है। यह उपक्रम सेवा क्षेत्र को मजबूती देने के उद्देश्य से तैयार किया गया है, जिसमें विकास, रोजगार और निर्यात पर खास फोकस रहेगा। इसके तहत कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से जुड़ी सिफारिशों, उन्नत तकनीकी प्रशिक्षण और आधुनिक कौशल विकास को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि भारत का कार्यबल वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बन सके और सेवा क्षेत्र नई ऊंचाइयों तक पहुंच सके।
इसके साथ ही बजट में कुशल करियर पाथवे उपक्रम का ऐलान भी किया गया, जिसके तहत स्वास्थ्य, शैक्षणिक संस्थानों, सरकारी विभागों और निजी क्षेत्र में स्पष्ट और संरचित करियर मार्ग तैयार किए जाएंगे। इसका मकसद युवाओं को पढ़ाई के साथ-साथ उद्योग-उन्मुख प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है, जिससे उन्हें स्थायी रोजगार के बेहतर अवसर मिलें और शिक्षा व रोज़गार के बीच की खाई को प्रभावी तरीके से पाटा जा सके।
एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग को लेकर क्या ऐलान
बजट भाषण में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स (एवीजीसी) क्षेत्र की तेजी से बढ़ती भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि यह उद्योग 2030 तक लगभग 20 लाख पेशेवरों की मांग पैदा करेगा। उन्होंने बताया कि इस उभरते सेक्टर को मजबूती देने के लिए सरकार इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजी को समर्थन देगी, ताकि युवाओं को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण, आधुनिक तकनीक और रचनात्मक कौशल विकसित करने के अवसर मिल सकें और भारत वैश्विक एवीजीसी हब के रूप में अपनी पहचान और मजबूत कर सके।




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