मार्केट में गिरावट के बीच इस शेयर ने कर दिया मालामाल, करीब 10% उछला, आगे और तेजी की उम्मीद
सोभा लिमिटेड ने जनवरी-मार्च तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट बढ़कर ₹92 करोड़ हो गया, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹41 करोड़ था। यानी साल-दर-साल आधार पर इसमें 124% का उछाल आया है।

रियल एस्टेट सेक्टर की दिग्गज कंपनी सोभा लिमिटेड (Sobha Ltd) के शेयर में मंगलवार को जबरदस्त तेजी देखने को मिली। वह भी तब जब शेयर बाजार में गिरावट है। कंपनी के दमदार तिमाही नतीजों के बाद निवेशकों का भरोसा बढ़ा और शेयर की कीमतों में करीब 10% की उछाल आ गई। आइए जानते हैं कंपनी के ताजा आंकड़ों, ग्रोथ की वजहों और आगे की रणनीति के बारे में।
शेयर प्राइस में कितनी तेजी आई?
बीएसई पर सोभा लिमिटेड का शेयर कारोबार के दौरान ₹1,575.55 के दिन के उच्च स्तर पर पहुंच गया, जो करीब 10% की बढ़त दर्शाता है। कंपनी के शानदार तिमाही नतीजों ने निवेशकों का विश्वास मजबूत किया है।
चौथी तिमाही में नेट प्रॉफिट 124% बढ़ा
सोभा लिमिटेड ने जनवरी-मार्च तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट बढ़कर ₹92 करोड़ हो गया, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹41 करोड़ था। यानी साल-दर-साल आधार पर इसमें 124% का उछाल आया है।
आय में 29% की बढ़ोतरी
कंपनी की कुल आय यानी रेवेन्यू भी तेजी से बढ़ी है। चौथी तिमाही में यह ₹2,030 करोड़ रही, जो पिछले साल की समान तिमाही के ₹1,270 करोड़ से 29% अधिक है। साथ ही, कंपनी का EBITDA 62% बढ़कर ₹152 करोड़ हो गया। EBITDA मार्जिन सालाना आधार पर 8% पर स्थिर रहा।
कलेक्शन और सेल में भी तेजी
सोभा की कलेक्शन की रफ्तार भी तेज रही। तिमाही के दौरान कंपनी ने ₹1,990 करोड़ का कलेक्शन किया, जो पिछली तिमाही से 11% और पिछले साल की समान तिमाही से 26% अधिक है। वहीं, सेल्स वैल्यू ₹2,039 करोड़ रही, जो सालाना आधार पर 30% की वृद्धि दर्शाती है। कंपनी ने 1.33 मिलियन स्क्वायर फीट एरिया बेचा और एवरेज प्राइस रियलाइजेशन ₹15,268 प्रति वर्ग फीट रहा।
पूरे वित्त वर्ष का मजबूत प्रदर्शन
पूरे वित्त वर्ष 2026 के आंकड़े भी उत्साहजनक रहे। कंपनी की टोटल कलेक्शन ₹7,798 करोड़ रही। सेल्स वैल्यू ₹8,135 करोड़ हो गई, जो FY25 के ₹6,276 करोड़ से 30% अधिक है। सबसे अच्छी खबर यह रही कि कंपनी का नेट डेट तेजी से घटकर ₹800 करोड़ रह गया, जिससे नेट डेट-टू-इक्विटी रेशियो -0.17 (सुधार का संकेत) हो गया।
बेंगलुरु और NCR से सबसे ज्यादा योगदान
शहरों की बात करें तो चौथी तिमाही में बेंगलुरु ने सबसे अधिक ₹1,037 करोड़ की बिक्री की, जो कंपनी की कुल बिक्री का 51% है। इसके बाद एनसीआर (NCR) का स्थान रहा, जहां सोभा रिवाना प्रोजेक्ट के लॉन्च से मदद मिली और ₹610 करोड़ की बिक्री हुई। केरल क्षेत्र ने ₹259 करोड़ का योगदान दिया, जबकि मरीना वन, कोच्चि और तिरुवनंतपुरम जैसे प्रोजेक्ट्स ने मिलाकर ₹808 करोड़ की सेल्स की। अन्य शहरों से ₹71 करोड़ आए।
मैनेजमेंट की रणनीति: FY27 में भी जारी रहेगी तेजी
कंपनी के प्रबंधन ने कहा कि FY27 में भी विकास की रफ्तार बरकरार रहेगी। उनका फोकस नए प्रोजेक्ट्स लॉन्च करने पर है, जो मॉडर्न होम खरीदारों की जरूरतों को पूरा करेंगे। कंपनी का मानना है कि प्रीमियम हाउसिंग की मांग मजबूत बनी हुई है और उनके पास स्ट्रैटेजिक लैंड बैंक व efficient capital structure होने से वे बाजार के अवसरों का लाभ उठाने की बेहतरीन स्थिति में हैं।
निवेशकों के लिए क्या मायने रखता है रिजल्ट?
सोभा लिमिटेड के परिणाम बताते हैं कि कंपनी तेजी से कर्ज घटाने और प्रॉफिटेबिलिटी सुधारने में कामयाब रही है। कम नेट डेट-टू-इक्विटी रेशियो और बढ़ता कलेक्शन कंपनी की मजबूत वित्तीय सेहत का संकेत है। जिन निवेशकों ने पहले से शेयर खरीदे थे, उन्हें अच्छा रिटर्न मिला है। हालांकि, किसी भी निवेश से पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह जरूर लें।
Disclaimer: यह लेख सिर्फ सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है, इसलिए निवेश का कोई भी निर्णय लेने से पहले विशेषज्ञ की राय अवश्य लें।




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