adani group ambuja cement bid rs 580 crore to buy this bankrupt company then why is the deal stuck अडानी की अंबुजा ने इस दिवालिया कंपनी को खरीदने के लिए ₹580 करोड़ की लगाई बोली, फिर क्यों अटकी है डील?, Business Hindi News - Hindustan
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अडानी की अंबुजा ने इस दिवालिया कंपनी को खरीदने के लिए ₹580 करोड़ की लगाई बोली, फिर क्यों अटकी है डील?

जेपी सीमेंट दिवालिया हो चुकी है और उसे बचाने की कोशिशें जारी हैं।अडानी ग्रुप की कंपनी अंबुजा सीमेंट्स ने जेपी सीमेंट कॉर्पोरेशन को खरीदने के लिए 580 करोड़ रुपये का ऑफर दिया है।

Mon, 18 May 2026 06:35 AMDrigraj Madheshia लाइव हिन्दुस्तान
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अडानी की अंबुजा ने इस दिवालिया कंपनी को खरीदने के लिए ₹580 करोड़ की लगाई बोली, फिर क्यों अटकी है डील?

अडानी ग्रुप की कंपनी अंबुजा सीमेंट ने दिवालिया जेपी सीमेंट कॉर्पोरेशन के लिए 580 करोड़ रुपये की बोली लगाई है। दूसरी बोली लगाने वाली माई होम ग्रुप ने 300 करोड़ का ऑफर देकर प्रक्रिया से बाहर हो गई है। क्रेडिटर्स के मुताबिक कंपनी का लिक्विडेशन वैल्यू 880 करोड़ है और ऑफर इससे काफी कम है। अब जेपी सीमेंट को बेचने वााले क्रेडिटर्स अडानी ग्रुप से ज्यादा रकम के लिए बातचीत कर रहे हैं।

क्यों अटकी है डील?

द इकनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक सबसे बड़ी समस्या यह है कि लिक्विडेशन वैल्यू यानी मिनिमम सेल बेसिस, जो 880 करोड़ रुपये है, जबकि अंबुजा का ऑफर केवल 580 करोड़ रुपये है यानी 300 करोड़ रुपये कम। लिक्विडेशन वैल्यू का मतलब है कि अगर कंपनी को टुकड़ों में बेचा जाए तो क्रेडिटर्स को कितने पैसे मिल सकते हैं। आमतौर पर अगर बोली इससे कम हो, तो क्रेडिटर कंपनी को टुकड़ों में बेचना पसंद करते हैं, लेकिन इस बार क्रेडिटर्स फिर भी अडानी ग्रुप से ज्यादा ऑफर की मांग कर रहे हैं।

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कितना कर्ज है जेपी सीमेंट पर?

आधिकारिक जानकारी के मुताबिक जेपी सीमेंट पर कुल कर्ज 3,361 करोड़ रुपये का बताया जा रहा है। इसमें सिक्योर्ड क्रेडिटर्स का कर्ज 2,892 करोड़ जबकि, असुरक्षित लेनदारों का कर्ज 469 करोड़ है। जेपी सीमेंट को जुलाई 2024 में दिवालिया घोषित किया गया था। यह मामला स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की याचिका पर दर्ज हुआ था।

पहले भी ठुकराया जा चुका है छोटा ऑफर: पिछले साल नेशनल एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी (NARCL) ने 227 करोड़ रुपये का ऑफर दिया था, जिसे क्रेडिटर्स ने बहुत कम बताकर ठुकरा दिया था।

जेपी सीमेंट की संपत्तियां

जेपी सीमेंट के पास 5 मिलियन टन सीमेंट बनाने की सालाना क्षमता है। दो कैप्टिव पावर प्लांट हैं। इनमें आंध्र प्रदेश में 35 मेगावाट का चालू स्थिति में है और 25 मेगावाट का निर्माणाधीन है। वहीं, कर्नाटक के शाहाबाद में 1.2 मिलियन टन का सीमेंट प्लांट फिलहाल बंद है, साथ में 60 मेगावाट पावर प्लांट भी है।

अडानी का पुराना रिकॉर्ड रहा है सफल

हाल ही में NCLT (नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल) ने अडानी ग्रुप की 14,535 करोड़ रुपये की योजना को जेपी एसोसिएट्स के लिए मंजूरी दी थी। उस मामले में NARCL, जिसके पास 85% वोटिंग शेयर था ने योजना का समर्थन किया था। दिलचस्प बात यह है कि तब वेदांता ने 3,400 करोड़ रुपये ज्यादा का ऑफर दिया था, लेकिन फिर भी अडानी को चुना गया था।

आगे क्या होगा?

अब देखना यह है कि अडानी ग्रुप अपना ऑफर बढ़ाता है या नहीं। अगर वह लिक्विडेशन वैल्यू (880 करोड़) के करीब नहीं पहुंचता है, तो जेपी कंपनी को टुकड़ों में बेचा जा सकता है। फिलहाल बातचीत जारी है।

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