8th Pay Commission Terms of Reference approved by Govt check what it is and how it impacts salaries pensions DA 8th Pay Commission: सैलरी से लेकर पेंशन, DA-DR समेत में होगा बड़ा बदलाव, क्या है ToR- समझें, Business Hindi News - Hindustan
More

8th Pay Commission: सैलरी से लेकर पेंशन, DA-DR समेत में होगा बड़ा बदलाव, क्या है ToR- समझें

8th Pay Commission: केंद्र सरकार ने मंगलवार को आठवें केंद्रीय वेतन आयोग के गठन से संबंधित नियमों एवं शर्तों को मंजूरी दे दी। इस फैसले से देशभर के लगभग 50 लाख केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और 68 लाख पेंशनभोगियों को फायदा होगा।

Tue, 28 Oct 2025 09:25 PMVarsha Pathak लाइव हिन्दुस्तान
share
8th Pay Commission: सैलरी से लेकर पेंशन, DA-DR समेत में होगा बड़ा बदलाव, क्या है ToR- समझें

8th Pay Commission Explainer: केंद्र सरकार ने मंगलवार को आठवें केंद्रीय वेतन आयोग के गठन से संबंधित नियमों एवं शर्तों को मंजूरी दे दी। इस फैसले से देशभर के लगभग 50 लाख केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और 68 लाख पेंशनभोगियों को फायदा होगा। अब सभी की निगाहें आयोग के टर्म्स ऑफ रेफरेंस (ToR) यानी शर्तों की रूपरेखा पर टिकी हैं, जिसके जारी होते ही आयोग अपना काम शुरू करेगा। सरकार की इस मंजूरी के साथ ही अब यह चर्चा तेज हो गई है कि कर्मचारियों के वेतन, पेंशन और अन्य भत्तों में कितनी बढ़ोतरी होगी और इसका असर कब से दिखेगा। आइए विस्तार से समझते हैं —

क्या है ToR

ToR यानी टर्म्स ऑफ रेफरेंस वह दस्तावेज होता है, जिसमें सरकार यह तय करती है कि वेतन आयोग किन मुद्दों पर सिफारिशें देगा। ToR के तहत आयोग के कार्यक्षेत्र और जिम्मेदारियां तय की जाती हैं, जैसे- किन कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को आयोग के दायरे में शामिल किया जाएगा। किन वित्तीय और आर्थिक पहलुओं पर ध्यान देना होगा। भत्तों (Allowances), पेंशन, ग्रेच्युटी आदि का पुनर्मूल्यांकन कैसे होगा। इसके अलावा आयोग को अपनी रिपोर्ट कितने समय में प्रस्तुत करनी है। संक्षेप में कहें तो ToR ही वह आधार है जिसके अनुसार कर्मचारियों के वेतन और पेंशन में बदलाव तय किए जाते हैं।

8वें वेतन आयोग के लिए प्रस्तावित ToR

22 जुलाई 2025 को राज्यसभा में सांसद भुवनेश्वर कलिता के एक अलंकित प्रश्न (Unstarred Question) के जवाब में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने यह जानकारी दी कि 8वें वेतन आयोग के लिए स्टाफ साइड (NC–JCM) द्वारा प्रस्तावित ToR को कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) के माध्यम से सरकार को भेजा गया है। नीचे इन प्रस्तावित बिंदुओं का डिटेल दिया गया है —

1. वेतन, भत्तों और रिटायरमेंट लाभों की समीक्षा

केंद्रीय कर्मचारियों के निम्नलिखित वर्गों के लिए वेतन संरचना, भत्ते, पेंशन, ग्रेच्युटी और अन्य सुविधाओं की समीक्षा।

2. वेतन संशोधन की प्रभावी तिथि

सभी केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के लिए नया संशोधित वेतन पैकेज 1 जनवरी 2026 से लागू करने की सिफारिश।

3. न्यूनतम वेतन निर्धारण का आधार

वेतन आयोग को यह सुनिश्चित करना होगा कि कर्मचारियों को “सम्मानजनक जीवन यापन योग्य न्यूनतम वेतन मिले।

4. पे स्केल मर्जर

Level-1 को Level-2 से, Level-3 को Level-4 से और Level-5 को Level-6 से मिलाने का सुझाव।

5. MACP योजना में सुधार

मौजूदा Modified Assured Career Progression (MACP) में पाई जा रही विसंगतियों को दूर करना। कम से कम तीन प्रमोशन सेवा अवधि में सुनिश्चित करना।

6. अंतरिम राहत

कर्मचारियों और पेंशनरों को तुरंत अंतरिम राहत देने की सिफारिश।

7. महंगाई भत्ता / राहत का विलय

निश्चित प्रतिशत के अनुसार महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) को वेतन एवं पेंशन में तुरंत जोड़ने की सिफारिश।

8. 7वें वेतन आयोग की विसंगतियों का निपटारा

9. पेंशन और रिटायरमेंट लाभों में सुधार

10. पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली पर विचार

11. चिकित्सा सुविधाओं में सुधार (CGHS)

12. बच्चों की शिक्षा सहायता (CEA)

13. एडवांस की बहाली- वर्तमान परिस्थितियों के अनुरूप आवश्यक एडवांस की पुनः शुरुआत और पहले से समाप्त एडवांस को बहाल करने का प्रस्ताव।

14. रेलवे कर्मचारियों के लिए जोखिम भत्ता- रेलवे कर्मचारियों को उनके 24x7 कार्य और उच्च जोखिम वाले वातावरण के मद्देनजर जोखिम एवं कठिनाई भत्ता देने की सिफारिश।

15. रक्षा नागरिक कर्मचारियों के लिए विशेष भत्ता- हथियार, विस्फोटक, रसायन आदि बनाने या उनके भंडारण में संलग्न रक्षा नागरिक कर्मचारियों को विशेष जोखिम भत्ता, बीमा कवरेज और मुआवजा देने की सिफारिश।

अन्य लाभों पर भी असर

8वें वेतन आयोग की सिफारिशों के लागू होने के बाद केंद्रीय कर्मचारियों को कई अन्य लाभों में भी बढ़ोतरी मिल सकती है, जैसे — एचआरए (House Rent Allowance) में संशोधन, टीए (Travel Allowance) में बढ़ोतरी, मेडिकल रिइम्बर्समेंट और स्वास्थ्य लाभों में सुधार, ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा बढ़ने की संभावना और एनपीएस में कर्मचारियों के योगदान को लेकर नए प्रस्ताव।

18 महीनों में देना है रिपोर्ट

उच्चतम न्यायालय की सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई को आयोग की कमान सौंपी गई है। आयोग अपनी अंतिम रिपोर्ट 18 महीनों में देगा, जबकि समय-समय पर अंतरिम रिपोर्टें भी देता रहेगा। सरकार ने आयोग की सिफारिशें लागू होने की तारीख के बारे में पूछे जाने पर कहा, “इसकी विशिष्ट तिथि अंतरिम रिपोर्ट आने के बाद ही तय की जाएगी, लेकिन ज्यादा संभावना है कि यह एक जनवरी, 2026 से प्रभावी हो जाएगी।”

जानें Hindi News, Business News, Budget 2026, बजट 2026 Live, Income Tax Live Updates की लेटेस्ट खबरें, शेयर बाजार का लेखा-जोखा, Share Market के लेटेस्ट अपडेट्स Investment Tips के बारे में सबकुछ।,