8th Pay Commission latest why employee body wants 3 fitment factor for central government employees आठवें वेतन आयोग में 3 वाला फॉर्मूला, ₹18 हजार से ₹54000 हो जाएगी बेसिक सैलरी, Business Hindi News - Hindustan
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आठवें वेतन आयोग में 3 वाला फॉर्मूला, ₹18 हजार से ₹54000 हो जाएगी बेसिक सैलरी

अगर ऐसा हुआ तो केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी में बड़ा इजाफा होगा। संगठन के मुताबिक 3.0 का फिटमेंट फैक्टर लागू किया जाता है तो मौजूदा न्यूनतम बेसिक सैलरी 18,000 रुपये से बढ़कर लगभग 54,000 रुपये हो सकता है। 

Fri, 6 March 2026 05:54 PMDeepak Kumar लाइव हिन्दुस्तान
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आठवें वेतन आयोग में 3 वाला फॉर्मूला, ₹18 हजार से ₹54000 हो जाएगी बेसिक सैलरी

8th Pay Commission latest: केंद्रीय कर्मचारियों को आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों का इंतजार है। वेतन आयोग की सिफारिशें मिलने और लागू होने में 18 से 20 महीने तक लग जाएंगे लेकिन इससे पहले केंद्रीय कर्मचारियों के संगठनों की मांगें तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में अब फेडरेशन ऑफ नेशनल पोस्टल ऑर्गनाइजेशन (FNPO) ने नेशनल काउंसिल JCM (स्टाफ साइड) को एक ज्ञापन भेजकर 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 3.0 से 3.25 के बीच तय करने की मांग की है।

अगर ऐसा हुआ तो केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी में बड़ा इजाफा होगा। संगठन के मुताबिक 3.0 का फिटमेंट फैक्टर लागू किया जाता है तो मौजूदा न्यूनतम बेसिक सैलरी 18,000 रुपये से बढ़कर लगभग 54,000 रुपये हो सकता है। वरिष्ठ स्तर के कर्मचारियों के लिए यह बढ़ोतरी इससे भी अधिक हो सकती है।

परिवार सदस्यों की संख्या

FNPO के मुताबिक तीन सदस्यों के परिवार को आधार मानते हुए न्यूनतम बेसिक सैलरी करीब 46,000 रुपये बनता है। यह वही परिवार इकाई है जिसे सातवें वेतन आयोग में भी माना गया था। हालांकि संगठन की मांग है कि 8वें वेतन आयोग में परिवार इकाई को तीन से बढ़ाकर पांच किया जाए, जिसमें माता-पिता को भी शामिल किया जाए। यदि ऐसा किया जाता है तो न्यूनतम बेसिक वेतन लगभग 76,360 रुपये तक पहुंच सकता है।

फिटमेंट फैक्टर आखिर तय कैसे होता है?

सवाल है कि 3.0 जैसा फिटमेंट फैक्टर आखिर तय कैसे किया जाता है। दरअसल, वेतन आयोग में न्यूनतम वेतन तय करने के लिए एक स्थापित प्रक्रिया अपनाई जाती है। इसके लिए 1957 में हुई इंडियन लेबर कॉन्फ्रेंस की 15वीं बैठक में तय किए गए मानकों को आधार माना जाता है। इन मानकों के अनुसार कर्मचारी संगठनों द्वारा एक कंजम्पशन बास्केट यानी आवश्यक वस्तुओं की टोकरी तैयार की जाती है। इसमें चावल, सब्जियां, फल, दूध, कपड़े, ईंधन, बिजली, पानी, परिवार के लिए सीमित मनोरंजन जैसी जरूरी चीजों की मात्रा और कीमत शामिल की जाती है। इस गणना में केवल जरूरी खर्चों को ही शामिल किया जाता है और विलासिता या वैकल्पिक खर्चों को जानबूझकर बाहर रखा जाता है, ताकि गणना वास्तविक और संतुलित बनी रहे।

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पिछले साल हुआ था गठन

आठवें वेतन आयोग के गठन की घोषणा पहली बार जनवरी 2025 में की गई थी। इसके बाद नवंबर 2025 में वेतन आयोग की समिति का गठन हुआ। समिति को 18 महीने में अपनी रिपोर्ट सरकार को देनी है। सरकार को तय करना है कि रिपोर्ट को अक्षरश: लागू किया जाएगा या नहीं।

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