6% इंक्रीमेंट- बोनस, सैलरी में ₹51000 इजाफा, 8वां वेतन आयोग देगा तोहफा?
अभी न्यूनतम मूल वेतन 18000 रुपये है। यह सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर है। राष्ट्रीय परिषद-जेसीएम स्टाफ साइड ने 8वें वेतन आयोग से न्यूनतम मूल वेतन ₹69,000 और फिटमेंट फैक्टर 3.833 करने का प्रस्ताव रखा है।

8th Pay Commission latest: केंद्रीय कर्मचारियों को आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों का बेसब्री से इंतजार है। अगर सबकुछ ठीक रहा तो आठवां वेतन आयोग मई 2027 तक अपनी सिफारिशें सरकार को सौंप देगा। इसके बाद सरकार को सिफारिशें लागू करना होगा। वेतन आयोग की सिफारिशों से पहले केंद्रीय कर्मचारियों के अलग-अलग संगठन अपनी डिमांड भी रख रहे हैं।
क्या है नई डिमांड?
राष्ट्रीय परिषद-जेसीएम स्टाफ साइड ने 8वें वेतन आयोग से न्यूनतम मूल वेतन ₹69,000 और फिटमेंट फैक्टर 3.833 करने का प्रस्ताव रखा है। बता दें कि अभी न्यूनतम मूल वेतन 18000 रुपये है। यह सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर है। कहने का मतलब है कि न्यूनतम मूल वेतन में पहले के मुकाबले अब 51000 रुपये बढ़ोतरी की मांग की जा रही है। न्यूनतम मूल वेतन और डीए पर न्यूनतम 30 दिनों के बोनस की गारंटी की भी मांग की गई है। इसके अलावा, वार्षिक वेतन वृद्धि दर यानी सालाना इंक्रीमेंट को मौजूदा 3% से बढ़ाकर 6% करने की भी मांग है।
वहीं, सैलरी लेवल में समानता करने के भी सुझाव दिए गए हैं। 8वें वेतन आयोग से अनुरोध किया गया है कि वह 7वें वेतन आयोग के 18 लेवल को सात में मिला दे। वहीं, फैमिली यूनिट की संख्या पांच से बढ़ाकर सात कर दे। वेतन आयोग से यह भी मांग है कि 30 साल की सेवा में हर कर्मचारी के लिए कम से कम 5 प्रमोशन सुनिश्चित करे। इसके अलावा, हर पांच साल में पेंशन में संशोधन करे।
लीव पर भी डिमांड
वेतन आयोग से अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति की मांगा है। वहीं, ग्रुप सी के लिए 1 करोड़ रुपये और ग्रुप बी के लिए 1.5 करोड़ रुपये का 100% ग्रुप इंश्योरेंस कराने की भी डिमांड की गई है। ग्रेच्युटी को लेकर भी वेतन आयोग के सामने डिमांड लिस्ट रखी गई है। इसके अलाव, पुरुष कर्मचारियों के लिए 45 दिनों की पितृत्व अवकाश (Paternity Leave) देने की डिमांड है तो पूरी सेवा अवधि में 60 दिनों का माता-पिता की देखभाल के लिए अवकाश (पैरेंट केयर लीव) की डिमांड की गई है। वेतन आयोग से कहा गया है कि मैटरनिटी लीव को बढ़ाकर 240 दिन किया जाएगा, जिसमें दो बच्चों तक की शर्त लागू नहीं होगी। पेंशन के कम्यूटेशन (एडवांस पेमेंट) की सुविधा 11 वर्षों के बाद बहाल की जाए। असैनिक कर्मचारियों के लिए भी 'वन रैंक वन पेंशन' लागू की जानी चाहिए।
बता दें कि आठवां वेतन आयोग पिछले साल गठित हुआ था। पिछले साल नवंबर में इसका गठन हुआ था। इसके बाद वेतन आयोग ने फरवरी 2026 में अपना पोर्टल लॉन्च किया है। इस पोर्टल पर वेतन आयोग के सारे अपडेट होंगे।




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