फिर पेपर लीक
नीट परीक्षा 2026 के प्रश्न पत्र के लीक होने की घटना जितनी शर्मनाक है, उससे अधिक यह दर्दनाक है। शर्मनाक इसलिए कि परीक्षा के आयोजन से जुड़ा तंत्र एक बार फिर नाकाम हो गया है और दर्दनाक इस मायने में कि लगभग…

नीट परीक्षा 2026 के प्रश्न पत्र के लीक होने की घटना जितनी शर्मनाक है, उससे अधिक यह दर्दनाक है। शर्मनाक इसलिए कि परीक्षा के आयोजन से जुड़ा तंत्र एक बार फिर नाकाम हो गया है और दर्दनाक इस मायने में कि लगभग 23 लाख किशोर मायूसी के शिकार हो गए हैं। उनकी महीनों-बरसों की आस पर फिलहाल पानी फिर गया है। इनमें से कई बेहद तंगहाली में डॉक्टर बनने का सपना संजोए बैठे होंगे। कई अभिभावकों ने होनहार संतान की खुशी के लिए अपना सब कुछ दांव पर लगाया होगा। उनके लिए परीक्षा का रद्द होना किसी वज्रपात से कम नहीं है। हालांकि, नीट परीक्षा की आयोजक संस्था ‘एनटीए’ ने कहा है कि जल्द ही दोबारा परीक्षा ली जाएगी और परीक्षा रद्द करने का कदम होनहार नौनिहालों के हक में ही उठाया गया है। निस्संदेह, धांधली की किसी आशंका को खत्म करने के लिए दोबारा परीक्षा ही उचित रास्ता था, मगर सवाल यही है कि टूटे हुए मन से दोबारा परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे परीक्षार्थी इस पर अब कितना यकीन करेंगे? क्या वे उसी उत्साह से फिर से जुट सकेंगे? हमारी नियामक एजेंसी को किशोर परीक्षार्थियों के नजरिये से भी गौर करना चाहिए।
पेपर लीक की जांच का जिम्मा सीबीआई को तब सौंपा गया, जब कम से कम 48 घंटों तक यह मामला मुख्यधारा के अखबारों व सोशल मीडिया में सुर्खियां बटोरता रहा और दिग्गज विपक्षी नेताओं ने सवाल उठाने नहीं शुरू कर दिए। क्या इस धत्कर्म में शामिल लोग तब तक भूमिगत नहीं हो गए होंगे? शुरू में इस मामले की जड़ चुरू (राजस्थान) में दिख रही थी, मगर बाद में जिस तरह से इस गैंग के हाथ हरियाणा, केरल, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और अन्य प्रांतों तक फैले बताए जाने लगे, उसे देखते हुए सीबीआई के लिए पूरे मामले का उद्भेदन बहुत चुनौतीपूर्ण होगा। नासिक पुलिस ने राजस्थान पुलिस से मिली सूचनाओं के आधार पर जिस आरोपी को गिरफ्तार किया है, वह अपनी वेशभूषा और हेयर स्टाइल वगैरह बदल चुका था। बहरहाल, इस मामले का जल्द से जल्द खुलासा करते हुए दोषियों को उनके अंजाम तक पहुंचाना चाहिए। ऐसा सिर्फ देश में परीक्षा तंत्र की शुचिता स्थापित करने के लिए ही आवश्यक नहीं है, अपने बच्चों का इसमें भरोसा बहाल करने के लिए भी जरूरी है।
यह अच्छी बात है, एनटीए ने साफ किया है कि दोबारा परीक्षा के लिए परीक्षार्थियों को नए सिरे से पंजीकरण कराने की जरूरत नहीं होगी और न ही परीक्षा केंद्र बदले जाएंगे। संस्था अपने संसाधन से ही दोबारा परीक्षा लेगी। इस पेपर लीक कांड ने एक बार फिर इस तथ्य को रेखांकित किया है कि देश की प्रतिष्ठित परीक्षाओं की पवित्रता को लेकर गंभीर प्रयासों की कितनी जरूरत है। तब तो और, जब देश में बेरोजगारी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है और हमें काबिल श्रम-बल की सख्त जरूरत है। जाहिर है, परीक्षा प्रणाली में यह शुचिता तभी आएगी, जब अंदर-बाहर के दोषियों को दंडित करने की सख्त नजीर पेश की जाएगी। हम भूले नहीं हैं कि महज दो साल पहले नीट परीक्षा में पेपर लीक की घटना घटी थी और अब फिर से इसकी पुनरावृत्ति यही बताती है कि आपराधिक प्रवृत्ति के लोग दुस्साहस की सीमा पार कर गए हैं। इसलिए सरकार को सीबीआई को एक तय सीमा के भीतर मामले के खुलासे के लिए कहना चाहिए और पूरी पारदर्शिता बरतते हुए आरोपियों को कठघरे में खड़ा करना चाहिए, ताकि उन लाखों परीक्षार्थियों को इंसाफ मिले, जो आज खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




साइन इन