2029 के चुनाव में होगी ‘महिला क्रांति’, जदयू नेता राजीव रंजन ने कर दिया बड़ा ऐलान
जदयू नेता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि एनडीए सरकार महिला आरक्षण को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए तैयार है। 16 अप्रैल को संसद के विस्तारित सत्र में इस पर पूरा प्रस्ताव लाया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य 2029 के लोकसभा चुनावों में महिलाओं की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करना है।

Bihar News: बिहार की सियासत में महिला सशक्तिकरण को लेकर एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। जनता दल यूनाइटेड (JDU) के वरिष्ठ नेता राजीव रंजन प्रसाद ने साफ कर दिया है कि एनडीए सरकार महिला आरक्षण बिल को लेकर केवल कागजी कार्रवाई नहीं कर रही, बल्कि इसे जमीन पर उतारने के लिए पूरी तैयारी कर चुकी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि एनडीए का हर कदम जनता के हित में और प्रभावी ढंग से लागू होने वाला होता है।
16 अप्रैल को संसद में होगा बड़ा फैसला
राजीव रंजन ने जानकारी देते हुए बताया कि महिला आरक्षण के फायदों में अब ज्यादा देरी नहीं की जाएगी। संसद के तीन दिनों के विस्तारित सत्र के दौरान 16 अप्रैल को इस संबंध में पूरा प्रस्ताव सदन के पटल पर रखा जाएगा। यह कदम इसलिए उठाया जा रहा है ताकि महिलाओं के प्रतिनिधित्व को लेकर जो कानूनी प्रक्रिया है, उसे तेजी से आगे बढ़ाया जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की नीयत बिल्कुल साफ है और काम की रफ्तार भी तेज है।
2029 के लोकसभा चुनाव पर है नजर
जदयू नेता ने एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि इस पूरी कवायद का असली मकसद 2029 के लोकसभा चुनावों में महिलाओं की भागीदारी को सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा, "हमारा लक्ष्य है कि 2029 के चुनाव जब हों, तब संसद में महिलाओं की संख्या पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा और प्रभावी दिखे।" यह बयान उन लोगों के लिए एक करारा जवाब माना जा रहा है जो इस बिल के लागू होने के समय पर सवाल उठा रहे थे।
राजीव रंजन ने यह भी संकेत दिया कि बिहार में जिस तरह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पंचायती राज और अन्य क्षेत्रों में महिलाओं को आरक्षण देकर सशक्त बनाया है, अब उसी विजन को केंद्र की एनडीए सरकार राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती दे रही है। उन्होंने कहा कि एनडीए जो वादा करती है, उसे समय रहते पूरा करना भी जानती है।




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