Will Nitish Kumar throw more surprises in JDU President election if he will continue or Sanjay Manish or Nishant chief अभी और चौंकाएंगे नीतीश कुमार! जेडीयू अध्यक्ष बने रहेंगे या नया चीफ, अब इसकी चर्चा, Bihar Hindi News - Hindustan
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अभी और चौंकाएंगे नीतीश कुमार! जेडीयू अध्यक्ष बने रहेंगे या नया चीफ, अब इसकी चर्चा

Nitish Kumar News: बिहार का सीएम पद छोड़कर राज्यसभा जाने को तैयार नीतीश कुमार आगे और चौंका सकते हैं। जेडीयू अध्यक्ष का चुनाव होना है। चर्चा है कि क्या अब वो पार्टी को ज्यादा समय देंगे या फिर संजय झा, मनीष वर्मा या निशांत कुमार को मौका।

Fri, 6 March 2026 05:08 PMRitesh Verma लाइव हिन्दुस्तान, पटना
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अभी और चौंकाएंगे नीतीश कुमार! जेडीयू अध्यक्ष बने रहेंगे या नया चीफ, अब इसकी चर्चा

बिहार का मुख्यमंत्री पद छोड़कर राज्यसभा जाने को तैयार होकर नीतीश कुमार ने राज्य और देश की जनता को सरप्राइज दे दिया है। संसद के ऊपरी सदन का सांसद बनने को जीवन की एक इच्छा बताकर दिल्ली जा रहे नीतीश नामांकन दाखिल कर चुके हैं। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेता के मुख्यमंत्रित्व में बनने वाली अगली एनडीए सरकार को सहयोग और मार्गदर्शन का ऐलान करने वाले नीतीश आगे की राजनीति में और चौंका सकते हैं। उनकी पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) का सांगठनिक चुनाव चल रहा है। बिहार में प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा को तीसरी बार पद मिल गया है। नीतीश के एक चौंकाने वाले कदम से अब जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष को लेकर सस्पेंस पैदा होने लगा है।

जेडीयू ने 9 मार्च को राष्ट्रीय परिषद की बैठक बुलाई थी, जहां राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव भी होना था। नीतीश को लेकर नए घटनाक्रम के बाद यह बैठक फिलहाल टाल दी गई है, जिससे संकेत मिल रहा है कि नीतीश और पार्टी के अंदर राष्ट्रीय अध्यक्ष पद को लेकर कुछ उहापोह पैदा हुआ है। मुख्यमंत्री का पद छोड़ने के बाद नीतीश कुमार बतौर सांसद केंद्र की राजनीति और जेडीयू को ज्यादा समय दे सकते हैं। उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष बने रहने पर कोई शक-संकट भी नहीं है। इसके बावजूद 9 मार्च को बुलाई गई बैठक को टालने से अटकलबाजी शुरू हो गई है।

नीतीश ने पटना में आज शाम जेडीयू के सांसद, विधायक, विधान पार्षद और बड़े नेताओं की मीटिंग बुलाई है, जिसमें वो सीएम पद छोड़कर दिल्ली जाने के अपने फैसले पर मन की बात करेंगे। बैठक बंद कमरे में होगी, जिसके बाद नेताओं को कार्यकर्ताओं को समझाने और शांत कराने का काम भी सौंपा जा सकता है। पटना के जेडीयू कार्यालय में आज भी नीतीश समर्थक नारेबाजी कर रहे हैं और उन्हें सीएम बने रहने कह रहे हैं।

जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने पार्टी के सदस्यता अभियान और सांगठनिक चुनाव को लेकर जनवरी में कहा था कि मार्च तक प्रखंड से जिला तक के चुनाव निपटा लिए जाएंगे। चर्चा है कि राष्ट्रीय परिषद की बैठक अब राज्यसभा चुनाव के बाद बुलाई जाएगी, जिसमें नीतीश को फिर से तीन साल के लिए अध्यक्ष चुन लिया जाए। सीएम पद छोड़ने के बाद जेडीयू में नीतीश के नेतृत्व और नियंत्रण पर इसके जरिए संदेश दिया जा सकता है कि सब उनके कंट्रोल में है।

लेकिन, नीतीश ने जिस तरह खुद से खुद के लिए राज्यसभा जाना चुना है, यह बताता है कि वो बढ़ती उम्र से जुड़ी समस्याओं को महसूस करने लगे हैं। ऐसे में वो पार्टी का काम भी पहले की तरह ही देख सकते हैं, जिस व्यवस्था में संजय झा कार्यकारी अध्यक्ष के तौर पर रोजाना के काम देखते हैं। लेकिन अगर नीतीश ने पार्टी अध्यक्ष वाला सरप्राइज देने का मन बनाया तो वो संरक्षक और मार्गदर्शक जैसी भूमिका में जा सकते हैं। ऐसी स्थिति में संजय झा जेडीयू अध्यक्ष के स्वाभाविक दावेदार हैं, जिनकी पकड़ पार्टी पर काफी मजबूत हो चुकी है। संजय झा के संबंध भाजपा और एनडीए के सहयोगी दलों से जदयू के बाकी नेताओं के मुकाबले जबर्दस्त हैं।

नीतीश के सामने मनीष वर्मा भी जेडीयू अध्यक्ष पद के लिए एक विकल्प हैं। उनके राज्यसभा जाने की अटकलें थी, जिस पर पार्टी में सहमति नहीं बन पाई। मनीष भी बिहार में पार्टी का गांव से प्रदेश तक का काम देख रहे हैं। निशांत कुमार अभी तक जदयू में शामिल नहीं हुए हैं। मंत्री जमा खान की निशांत के 5 मार्च को जदयू में शामिल होने वाली बात गलत साबित हो चुकी है। अब 8 मार्च की चर्चा है। सीएम पद छोड़ने के बाद नीतीश कुमार पार्टी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए खुद हटने की स्थिति में निशांत को अध्यक्ष बना सकते हैं। निशांत की संभावना कम है, लेकिन आगे बढ़ाने के बाद नेताओं से नीतीश ने इतने धोखे खा लिए हैं कि अब वो शायद पार्टी को बचाने के लिए ही सही, परिवार की शरण में चले जाएं।

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