उपेंद्र कुशवाहा सेफ, 5वीं राज्यसभा सीट पर एडी सिंह और शिवेश राम में कौन जीत रहा?
Bihar Rajya Sabha Election: बिहार में राज्यसभा की 5 सीटों के लिए मतदान जारी है। एनडीए ने बीजेपी के शिवेश राम को 5वां कैंडेडिट बनाया है, जो राजद के एडी सिंह से सीट छीनने की कोशिश कर रहे हैं। उपेंद्र कुशवाहा की जीत सेफ हैं।

Bihar Rajya Sabha Election: बिहार से राज्यसभा की 5 सीटों के चुनाव में 5वीं सीट की लड़ाई भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेता शिवेश कुमार राम और राष्ट्रीय जनता दल के मौजूदा सांसद अमरेंद्रधारी सिंह उर्फ एडी सिंह के बीच है। भाजपा ने सहयोगी दल राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा को सेफ चौथी सीट दी है और उनकी जीत तय है। कुशवाहा की तरह एडी सिंह भी राज्यसभा के मौजूदा सांसद हैं, जिनका कार्यकाल 9 अप्रैल को पूरा हो रहा है। कुशवाहा के अलावा भाजपा और जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के 2-2 कैंडिडेट लड़ रहे हैं, जिनमें जदयू अध्यक्ष और सीएम नीतीश कुमार, भाजपा के अध्यक्ष नितिन नवीन, जदयू के केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर व भाजपा के शिवेश राम शामिल हैं।
राज्यसभा चुनाव के लिए पटना में मतदान चल रहा है और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के नेता अपने 5वें कैंडिडेट शिवेश राम की जीत के लिए बनाई गई रणनीति के मुताबिक वोट डाल रहे हैं। जीत के लिए एक कैंडिडेट को 41 वोट चाहिए। अगर सारे 243 विधायक मतदान नहीं करते हैं तो जीत का कोटा 41 से नीचे जा सकता है। सूत्रों का कहना है कि बीजेपी और जदयू ने अपने 41-41 विधायकों को नितिन नवीन और उपेंद्र कुशवाहा को वोट डालने कहा है। बाकी 7 विधायकों को शिवेश राम का नाम दिया गया है।
जदयू ने अपने 41-41 एमएलए को नीतीश कुमार और रामनाथ ठाकुर को वोट देने कहा है। सूत्रों का कहना है कि जदयू ने विजय चौधरी, श्रवण कुमार और उमेश कुशवाहा को शिवेश राम को वोट देने कहा है जो तीन वोट उसे 2 सीट जीतने के लिए जरूरी 82 वोट से ऊपर हैं। चिराग पासववान की लोजपा-आर और जीतनराम मांझी के हम के विधायकों को भी शिवेश राम को मत देने कहा गया है, ऐसी चर्चा है। शिवेश राम के पास एनडीए कोटा से 38 वोट हैं और विपक्षी खेमे से 3 वोट मिलने से ही वो जीत सकते हैं।
सूत्रों का कहना है कि बीजेपी और जदयू ने नीतीश, नितिन, रामनाथ और उपेंद्र को वोट करने वाले विधायकों से दूसरी वरीयता का वोट शिवेश राम को देने कहा है। पहली वरीयता के मतों की गिनती में रिजल्ट ना निकला तो दूसरी वरीयता के मतों की गिनती में शिवेश राम का पलड़ा भारी हो सकता है क्योंकि एनडीए के पास 164 विधायक हैं जिन्हें दूसरी वरीयता के मत शिवेश को देने कहा गया है।
महागठबंधन में तेजस्वी यादव को शुरुआती खींचतान और बयानबाजी के बाद असदुद्दीन ओवैसी की एआईएमआईएम का समर्थन मिल गया है। तेजस्वी ने ओवैसी के 5 विधायकों के साथ मायावती की बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) के इकलौते विधायक के भी साथ मिलने का दावा किया है। एडी सिंह की समस्या कांग्रेस के 2 विधायकों ने बढ़ा दी है जो रविवार की रात उस होटल में नहीं पहुंचे थे, जहां महागठबंधन के सारे विधायक एक साथ रखे गए। इन 2 विधायकों के बारे में आज भी स्थिति साफ नहीं है, जिससे आशंका जताई जा रही है कि ये शिवेश राम के पक्ष में क्रॉस वोटिंग कर सकते हैं। तेजस्वी ने भरोसा जताया है कि लापता कांग्रेसी विधायक महागठबंधन के साथ रहेंगे।
मतगणना शाम 5 बजे शुरू होगी। पहली वरीयता के मतों की गिनती में जिनका कोटा यानी 41 वोट पूरा हो जाएगा, वो सब विजयी हो जाएंगे। मौजूदा समीकरण के हिसाब से एनडीए को 4 सीट पर 41 वोट का कोटा आसानी से मिलेगा, जिससे नीतीश, नितिन, रामनाथ और उपेंद्र जीत जाएंगे। 5वीं सीट पर अगर शिवेश राम और एडी सिंह पहली वरीयता में 41 वोट नहीं जुटा पाते हैं तो दूसरी वरीयता के मतों की गिनती होगी, जिसमें एनडीए के 164 विधायकों की दूसरी वरीयता के मत निर्णायक साबित हो सकते हैं। सीधे-सीधे क्रॉस वोटिंग का खतरा तो है ही, साथ में गलत कलम से वोट करने या फिर दो कैंडिडेट के बीच में निशान लगाने या वोट किसी और को दिखाने से एक-दो वोट भी रद्द हो गए तो अलग मुसीबत हो सकती है।




साइन इन