Vijay Sinha took a tough stance on delay in land mutation cases issued an ultimatum to officials दाखिल-खारिज के मामलों में देरी पर सख्त हुए विजय सिन्हा; अधिकारियों को अल्टीमेटम दे डाला, Bihar Hindi News - Hindustan
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दाखिल-खारिज के मामलों में देरी पर सख्त हुए विजय सिन्हा; अधिकारियों को अल्टीमेटम दे डाला

बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने दाखिल-खारिज में देरी को कर्तव्यहीनता बताया। बिना आपत्ति वाले मामलों में तत्काल आदेश अनिवार्य होगा। 26 जनवरी से 31 मार्च तक भूमि मापी महाअभियान चलेगा, जिसमें अविवादित जमीन की मापी 7 और विवादित की 11 दिनों में होगी।

Sat, 17 Jan 2026 03:48 PMsandeep लाइव हिन्दुस्तान, पटना
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दाखिल-खारिज के मामलों में देरी पर सख्त हुए विजय सिन्हा; अधिकारियों को अल्टीमेटम दे डाला

बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) मामलों में हो रही देरी को लेकर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यदि कोई अंचल अधिकारी या कर्मी जान-बूझकर बिना कारण दाखिल-खारिज के मामलों को लंबित रखता है, तो इसे कर्तव्यहीनता ही नहीं बल्कि नागरिकों के अधिकारों के साथ सीधा खिलवाड़ माना जाएगा। ऐसे मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जिन मामलों में कोई आपत्ति नहीं है, उनमें तत्काल आदेश देना अनिवार्य है। इसके बावजूद अनावश्यक विलंब करना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। दाखिल-खारिज समय पर नहीं होने के कारण रैयतों के भू-अभिलेख अद्यतन नहीं हो पाते, जिससे वे सरकारी योजनाओं, बैंक ऋण, सब्सिडी और अन्य वैधानिक सुविधाओं से वंचित रह जाते हैं। यह स्थिति आम जनता के लिए गंभीर परेशानी का कारण बनती है।

विजय कुमार सिन्हा ने अधिकारियों को टाल-मटोल की नीति छोड़ने की सख्त हिदायत दी और कहा कि अब जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य आम लोगों को समयबद्ध और पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराना है। इस बीच राज्य सरकार ने भूमि संबंधी कार्यों को गति देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। राज्य में 26 जनवरी से 31 मार्च तक भूमि मापी महाअभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत भूमि मापी की नई और तेज व्यवस्था लागू की गई है।

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अब अविवादित जमीन की मापी 7 दिनों के भीतर पूरी की जाएगी, जबकि विवादित जमीन की मापी 11 दिनों में पूरी होगी। मापी की रिपोर्ट को 14 दिनों के भीतर पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य किया गया है। पहले भूमि मापी की समय-सीमा 30 दिन थी। उपमुख्यमंत्री ने बताया कि यह पहल सात निश्चय-3 के तहत जनता को बेहतर सुविधा देने के उद्देश्य से की गई है। सरकार का लक्ष्य भूमि प्रशासन को सरल, तेज और जनहितकारी बनाना है, ताकि लोगों को दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें और समय पर उनका काम हो सके।

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