The fast is over now there will be a Satyagraha Prashant Kishore told the purpose of Jan Suraj Ashram अनशन खत्म, अब सत्याग्रह होगा; गंगा किनारे बने जन सुराज आश्रम का प्रशांत किशोर ने बताया मकसद, Bihar Hindi News - Hindustan
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अनशन खत्म, अब सत्याग्रह होगा; गंगा किनारे बने जन सुराज आश्रम का प्रशांत किशोर ने बताया मकसद

प्रशांत किशोर ने कहा कि सरकार से अनुमति लेकर जिनकी जमीन पर टेंट लगा है उनको किराया देकर उन्होंने व्यवस्था बनाई है। उन्होंने कहा कि इस आश्रम के पीछे एक संकल्प है, कि अगले 8 हफ्ते में एक लाख युवाओं को सत्याग्रह की ताकत और उसके द्वारा बिहार के समाज की चेतना को पुनर्जीवित करने के लिए प्रशिक्षित करेंगे।

Thu, 16 Jan 2025 05:34 PMsandeep लाइव हिन्दुस्तान, पटना
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अनशन खत्म, अब सत्याग्रह होगा; गंगा किनारे बने जन सुराज आश्रम का प्रशांत किशोर ने बताया मकसद

बीपीएससी अभ्यर्थियों की मांग को लेकर लगातार 14 दिनों से अनशन कर रहे जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने आज (16 जनवरी ) को जन सुराज आश्रम में आमरण अनशन तोड़ दिया है। इससे पहले उन्होने पूजा-अर्चना की, गंगा में डुबकी लगाई, बापू की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। फिर छात्रों ने उन्हें केला खिलाकर और जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया। इस मौके पर मीडिया को संबोधित करते हुए प्रशांत किशोर ने गंगा किनारे बन रही टेंट सिटी का मकसद भी बताया। दरअसल प्रशासन से इजाजत लेकर जन सुराज आश्रम बनाया जा रहा है।

प्रशांत किशोर ने बताया कि उनका अनशन भले ही खत्म हो गया हो। लेकिन आज से ही सत्याग्रह शुरू हो गया है। पीके ने कहा हम लोनों ने तय किया है, कि छात्रों की लड़ाई लड़ने से अब सिर्फ बात नहीं बनेगी। गांधी जी के बताए रास्ते पर बिहार में चलने की जरूरत है। समाज में लोगों को जगाने-समझाने की जरूरत है। इसलिए हम लोग आज से जनसुराज के साथियों और छात्रों के साथ सत्याग्रह की शुरूआत कर रहे हैं। उनहोने कहा पटना के गांधी मैदान से पुलिस ने उठा दिया था। लेकिन अब जहां मैं रहता हूं, वहां छोड़कर इस जगह (जन सुराज आश्रम) से पार्टी का सारा कामकाज चलाया जाएगा। इस जगह को इस तरह विकसित करना चाहते हैं ताकि बिहार में व्यवस्था से जो पीड़ित हैं। उनके लिए ये आश्रम आवाज बने, उनके साथ हम लोग खड़े हो सके। इस संकल्प से इसका नाम बिहार सत्याग्रह आश्रम दिया है।

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प्रशांत किशोर ने कहा कि सरकार से अनुमति लेकर जिनकी जमीन पर टेंट लगा है उनको किराया देकर उन्होंने व्यवस्था बनाई है। बिहार का कोई भी व्यक्ति हो वो यहां आकर अपनी आवाज रख सकता है। उन्होंने कहा कि इस 'आश्रम' को शुरू करने के पीछे एक संकल्प ये है, कि आने वाले आठ हफ्ते में एक लाख युवाओं को यहां लाकर सत्याग्रह की ताकत और उसके द्वारा बिहार के समाज की चेतना को पुनर्जीवित करने के लिए यहां से प्रशिक्षित करेंगे। युवा जाएं और बिहार के समाज को जगाएं बताएं समझाएं कि जातीय धार्मिक उन्माद में पड़कर जब तक वोट देते रहोगे तब तक इसी तरह की संवेदनशील व्यवस्था को झेलना पड़ेगा। आने वाले समय में 5 हजार लोगों के रहने और प्रशिक्षिण की व्यवस्था यहां होगी।

आपको बता दें जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर को मरीन ड्राइव के बगल में एलसीटी घाट के पास पार्टी का कैंप चलाने की अनुमति प्रशासन ने दी है। डीएम डॉ. चंद्रशेखर सिंह के आदेश पर सदर एसडीएम गौरव कुमार ने आदेश जारी किया था। प्रशासन ने अनुमति इस आधार पर दी है कि जनसुराज पार्टी के नेता या कार्यकर्ता इस स्थल पर किसी प्रकार के विधि व्यवस्था भंग नहीं करेंगे। प्रशासन से अनुमति मिलने के बाद पार्टी की ओर से कैंप स्थल पर काम शुरू कर दिया गया है।

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इस मामले पर प्रशासन की कुछ शर्तें भी हैं। पार्टी के कार्यक्रम आयोजन के दौरान वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था स्वयं करनी होगी। किसी भी परिस्थिति में वाहनों की पार्किंग जेपी गंगा पथ पर नहीं होगा, ताकि मरीन ड्राइव पर यातायात बाधित हो। आयोजक अपने स्तर से स्वच्छता, शौचालय और पेयजल आदि की व्यवस्था करेंगे एवं पर्यावरण की दृष्टिकोण से अपने स्तर से ठोस एवं गीला कचरा का समुचित निपटारा करेंगे। जिस उद्देश्य या कार्य के लिए अनुमति प्राप्त की गई है उससे अलग कोई कार्य नहीं किया जाएगा। आयोजक अग्नि सुरक्षा के प्रावधानों का अनुपालन करेंगे। बिहार कंट्रोल ऑफ दी यूज एंड प्ले लाउडस्पीकर एक्ट 1955 के प्रावधान के अनुसार माइक रात 10 बजे से सुबह छह बजे तक प्रतिबंधित रहेगा।

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