बिहारी को कभी गोली, तो कभी गाली; बिहार का नाम बदलकर श्रमिक दिवस रख दो : तेजस्वी यादव
आरजेडी के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने मजदूर दिवस पर कहा कि दूसरे राज्यों में काम करने वाले बिहारियों को गोली या गाली दी जाती है। एनडीए सरकार 21 सालों में पलायन नहीं रोक पाई, बिहार का नाम बदलकर श्रमिक प्रदेश कर देना चाहिए।
बिहार के नेता प्रतिपक्ष एवं राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने मजदूर दिवस की शुभकामनाएं देते हुए राज्य में पलायन और रोजगार के मुद्दे पर एनडीए सरकार पर करारा तंज कसा। तेजस्वी ने कहा कि बीते 21 सालों से एनडीए सरकार की नीति गरीब विरोधी रही है। हर साल 4 करोड़ लोग काम की तलाश में बिहार से दूसरे राज्यों में जाते हैं। वहां बिहारियों को कभी गोली तो कभी गाली दी जाती है। बिहार का नाम बदलकर श्रमिक प्रदेश कर देना चाहिए।
तेजस्वी यादव ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, "देश के विकास की नींव रख उसे प्रगति पथ पर ले जाने वाले श्रमिक भाइयों के उत्थान और बेहतरी पर सकारात्मक चर्चा का अभाव पीड़ादायक है। श्रमिकों, उनके परिजन, गांव और प्रदेश की प्रगति बिना विकसित भारत की बात करना बेईमानी है। डबल इंजन सरकार की पूंजीपरस्त नीतियों का सीधा असर मजदूरों एवं कामगारों पर ही पड़ा है। बिहार से हर साल लगभग 4 करोड़ लोग काम की तलाश में दूसरे राज्यों में जाते है। पलायन संबंधित यह तथ्यपरक आंकड़ा भयावह है।"
आरजेडी नेता ने कहा कि चाहे नोटबंदी हो, लॉकडाउन हो या LPG की कमी, बिहार के प्रवासी मजदूर हर बार प्रभावित हुए हैं। मजबूरी में मजदूर बिहार वापस भी आए लेकिन किस तरह से, ये पूरी दुनिया ने देखा है। आज जब समूचे देश में गैस सिलेंडर का संकट है, जिससे प्रभावित होकर बड़ी संख्या में मजदूर एवं कामगार बिहार लौट रहे हैं। लेकिन उन लाखों मजदूरों के रोजगार, रोजी-रोटी का राज्य सरकार कोई प्रबंध नहीं कर रही है।
तेजस्वी यादव ने सत्ताधारी भाजपा एवं एनडीए पर तंज कसते हुए कहा,"बिहार के मजदूर, मजबूर होकर परदेस ना गए तो फिर गुजरात-महाराष्ट्र और अन्य विकसित राज्यों की फैक्ट्री कैसे चलेगी? नाम बदलने के विशेषज्ञ भाजपाइयों खासकर बिहार के मनोनीत नए-नवेले बड़बोले मुख्यमंत्री को ‘श्रमिक दिवस’ का नाम बदल कर 'बिहार समर्पित दिवस' अथवा बिहार का नाम बदल कर 'श्रमिक प्रदेश' कर दिया जाना चाहिए।"
तेजस्वी बोले- बिहार से पलायन रोकने का हम संकल्प लें
नेता प्रतिपक्ष ने आगे कहा कि बिहार बीते 21 सालों में औद्योगिक उत्पादन में पीछे, लेकिन श्रमिकों की सप्लाई में अव्वल है। NDA सरकार पलायन रोकने की दिशा में कोई ठोस कार्य नहीं कर रही है भले ही बिहार के मजदूर, मजबूर रहें- घर से दूर रहें। उन्होंने कहा, “आइए हम संकल्प लें कि विश्व श्रमिक दिवस पर सभी मिलकर बिहार से पलायन रोकने और श्रमिकों के जीवन में गुणात्मक सुधार करें।”




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