तेजस्वी यादव IRCTC घोटाले के अभियुक्त, लालू यादव ने भ्रष्ट अफसरों पर पर्दा डाला; RJD नेता के आरोपों पर बोले नीरज कुमार
उन्होंने आगे कहा कि लालू प्रसाद ने राजद शासन में अपने भ्रष्ट मंत्रियों और अफसरों द्वारा किए गए घोटालों पर पर्दा डाला। उन्हें बचाया। तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि नकलची तो आप हैं। पिता के भ्रष्टाचार की विरासत को आपने अपनाया है। झूठे आरोप की नीति आप अपना रहे हैं

बिहार में विधानसभा चुनाव को लेकर हलचल तेज है। राजनीतिक दलों के नेताओं के बीच एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाए जा रहे हैं। राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव ने बिहार सरकार पर भ्रष्टाचार के संगीन आरोप लगाए तो जदयू प्रदेश के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने नेता विपक्ष तेजस्वी यादव के बयान पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव आईआरसीटीसी घोटाले के खुद अभियुक्त हैं। उनके पिता लालू प्रसाद चारा घोटाले के सजायाफ्ता हैं। नीरज कुमार ने रविवार को जारी बयान में कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर कोई भी भ्रष्टाचार के एक खरोंच का भी दाग नहीं लगा सकता है। उन्होंने बिहार में न्याय के साथ विकास की अवधारणा को जोड़ा है।
उन्होंने आगे कहा कि लालू प्रसाद ने राजद शासन में अपने भ्रष्ट मंत्रियों और अफसरों द्वारा किए गए घोटालों पर पर्दा डाला। उन्हें बचाया। तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि नकलची तो आप हैं। पिता के भ्रष्टाचार की विरासत को आपने अपनाया है। झूठे आरोप की नीति आप अपना रहे हैं। जनता सब जानती है। लालू प्रसाद और तेजस्वी यादव का मतलब है, भ्रष्टाचार और गुंडाराज। नीतीश कुमार का मतलब है, ईमान और विकास।
क्या बोले तेजस्वी यादव
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने कहा कि भ्रष्ट अधिकारी और नेताओं का नाम जल्द ही सार्वजनिक करूंगा। आरोप लगाया कि बिहार में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर बढ़ गया है। रविवार को सरकारी आवास एक पोलो रोड में पत्रकारों से तेजस्वी ने कहा कि कोई ऐसा विभाग बचा नहीं है, जहां घोटाला नहीं हो रहा है।
मुख्यमंत्री को सामने आकर जवाब देना चाहिए। जदयू-भाजपा से अधिक बिहार के भ्रष्ट अधिकारी डरे हुए हैं। खासकर डीके गिरोह की छत्रछाया में काम कर रहे अधिकारी अधिक चिंतित हैं। इन्हीं अधिकारियों ने पिछली बार विपक्ष को सत्ता में आने से रोका था। हम उन भ्रष्ट अधिकारी व मंत्रियों की सूची तैयार कर रहे हैं जो नाते-रिश्तेदारों के नाम पर देश-दुनिया में निवेश कर रहे हैं। भ्रष्टाचारियों की सूची जल्द सार्वजनिक करेंगे। उन्होंने कहा कि बिहार भ्रष्टाचार और बेरोजगारी के टाइम बम पर बैठा हुआ है।
पटना के सरकारी भवनों के साफ-सफाई के लिए निजी कंपनियों को 700 करोड़ का ठेका दिया गया है। आरोप लगाया कि यह एक तरह से संगठित भ्रष्टाचार है। बिहार में इंजीनियरों के यहां करोड़ों रुपये मिल रहे हैं। उनको संरक्षण मिलने के कारण कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।




साइन इन