आरजेडी की नस-नस में तानाशाही, पूर्णिया से पप्पू यादव का टिकट फंसने पर भड़के आनंद मोहन
आनंद मोहन ने कहा है कि राजद जब-जब यह पार्टी मजबूत होती है तो उनके सहयोगी दल दुबले हो जाते हैं। उन्होंने महागठबंधन के अस्तित्व पर भी सवाल खड़ा कर है कि राजद के नस-नस में तानाशाही भरी है।

बुधवार को आनंद पूर्व सांसद आनंद मोहन शिवहर दौरे पर थे जहां से उनकी पत्नी लवली आनंद जेडीयू से लोकसभा चुनाव लड़ने वाली हैं। आनंद मोहन के बेटे चेतन आनंद शिवहर से ही विधायक हैं जो नीतीश सरकार के विश्वास प्रस्ताव के दौरान राजद छोड़कर नीतीश कुमार के खेमे में शामिल हो गए।
दरअसल पप्पू यादव काफी समय से पूर्णिया में पसीना बहा रहे हैं। यहीं का टिकट लेने के लिए उन्होंने अपनी पार्टी को कांग्रेस में मिला दिया। लेकिन महागठबंधन में शामिल आरजेडी ने जेडीयू छोड़कर आई बीमा भारती को यहां उतार दिया है। लालू यादव ने बीमा भारती को सिंबल भी दे दिया है। इधर पप्पू यादव ऐलान कर चुके हैं कि दुनिया छोड़ दूंगा लेकिन पूर्णिया नहीं छोड़ सकता है। तीन अप्रैल वहां नामांकन की अंतिम तिथि है। पप्पू यादव को लेकर राजद और कांग्रेस क्या फैसला लेती है और पप्पू यादव क्या कदम उठाते हैं, यह देखना अहम होगा।




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