सीबीआई ने डेढ़ साल पहले मरा बता दिया था, पत्रकार राजदेव रंजन मर्डर केस की गवाह की अब हुई मौत
पत्रकार राजदेव रंजन मर्डर केस की मुख्य गवाह बदामी देवी की मौत हो गई है। सीबीआई ने उन्हें करीब डेढ़ साल पहले ही मरा हुआ घोषित कर दिया था। इसके बाद जांच एजेंसी की खूब फजीहत हुई थी।

बिहार के सीवान के चर्चित पत्रकार राजदेव रंजन हत्याकांड की मुख्य गवाह बदामी देवी की मौत हो गई है। लंबी बीमारी के बाद 81 साल की उम्र में बीते सोमवार को उनका निधन हुआ। खास बात ये है कि इस केस की जांच कर रही सीबीआई टीम ने बदामी देवी को डेढ़ साल पहले ही मृत घोषित कर दिया था। इसके बाद बदामी देवी के परिजन ने उनके जिंदा होने के सबूत दिए, फिर सीबीआई टीम ने सीवान आकर पुष्टि भी की थी। पत्रकार हत्याकांड की बुधवार को मुजफ्फरपुर कोर्ट में सुनवाई है, मगर उससे ठीक पहले पहले मुख्य गवाह की मौत होने से सीबीआई साथ ही राजदेव रंजन के परिवार वालों को भी झटका लगा है।
सीवान के पत्रकार राजदेव रंजन की 13 मई 2016 को हत्या कर दी गई थी। रंजन ने बदामी देवी के जमीन के कब्जे से जुड़ी खबर प्रकाशित करी थी। आरोप लगे कि भू-माफिया के खिलाफ आवाज उठाने के चलते ही उनकी हत्या की गई। सरकार पर दवाब बढ़ने के बाद यह केस केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई को ट्रांसफर किया गया।
सीबीआई ने आनन-फानन में इस केस की मुख्य गवाह बदामी देवी को ही मृत घोषित कर दिया। जब कोर्ट में यह मामला पहुंचा तो जज ने सीबीआई टीम को फटकार लगाई। अदालत ने शोकॉज नोटिस जारी कर सीबीआई से जवाब मांगा था। वकील ने आरोप लगाए कि सीबीआई ने जांच के नाम पर महज खानापूर्ति की, गवाह से संपर्क किए बिना ही उसे मृत घोषित कर दिया।
कोर्ट में सुनवाई से पहले मौत
राजदेव रंजन मर्डर केस की सुनवाई मुजफ्फरपुर सीबीआई स्पेशल कोर्ट में बुधवार को होना पहले से तय है। हालांकि, मुख्य गवाह गुजर जाने से रंजन के परिवार वालों को झटका लगा है। हालांकि, अदालत अन्य गवाहों की सुनवाई करेगी।




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