Bihar Scam in PM Ayushman Bharat scheme CAG report exposed Know how corrupt practice happened बिहारः पीएम आयुष्मान भारत योजना में घपला, सीएजी की रिपोर्ट से खुली पोल; जानें कैसे हुआ खेल, Bihar Hindi News - Hindustan
More

बिहारः पीएम आयुष्मान भारत योजना में घपला, सीएजी की रिपोर्ट से खुली पोल; जानें कैसे हुआ खेल

सीएजी की ऑडिट रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है कि बिहार में प्रदूषण और फायर सेफ्टी के दस्तावेज नहीं देने वाले अस्पतालों को भी आयुष्मान कार्ड से इलाज का लाइसेंस दे दिए गए। लाभुकों के नाम में हेराफेरी हुई

Tue, 12 Dec 2023 11:33 AMSudhir Kumar हिंदुस्तान, मुजफ्फरपुर
share
बिहारः पीएम आयुष्मान भारत योजना में घपला, सीएजी की रिपोर्ट से खुली पोल; जानें कैसे हुआ खेल

देश के गरीब तबके के लोगों को महंगे इलाज की सुविधा दिलाने के लिए केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का शुभारंभ किया गया। बिहार में बड़े पैमाने पर इसमें खेल किया गया है। सीएजी की रिपोर्ट से इसकी पोल खुली है। लेन देन करके उन अस्पतालों को भी लाइसेंस दे दिया गया जो योग्य नहीं हैं। लाभूकों की सूची में गड़बड़ी पकड़ी गई है। 

सीएजी की ऑडिट रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है कि बिहार में प्रदूषण और फायर सेफ्टी के दस्तावेज नहीं देने वाले अस्पतालों को भी आयुष्मान कार्ड से इलाज का लाइसेंस दे दिए गए। लाइसेंस देने से पहले अस्पतालों के फायर सेफ्टी और प्रदूषण के कागजात की जांच नहीं की गई। सीएजी (कंट्रोलर एंड ऑडिटर जेनरल ऑफ इंडिया) ने बिहार समेत पूरे देश में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का परफॉरमेंस ऑडिट किया था। 

बिहार स्वास्थ्य सुरक्षा समिति के प्रशासी पदाधिकारी ने इन आपत्तियों के निराकरण के लिए कहा है। राज्य के महत्वपूर्ण जिला मुजफ्फरपुर में आयुष्मान योजना के तहत 43 निजी और 19 सरकारी अस्पताल टैग हैं। राज्य सरकार ने मुजफ्फरपुर सहित सभी जिलों के सीएस को अस्पताल खोलने या आयुष्मान योजना का लाइसेंस देने से पहले फायर सेफ्टी, प्रदूषण और बायोवेस्ट निष्पादन का सर्टिफिकेट जमा कराने का निर्देश दिया है। बिना सर्टिफिकेट जमा कराए अस्पतालों को कोई लाइसेंस नहीं दिया जाएगा।

पता चला है कि सैकड़ों अस्पतालों ने बायोवेस्ट का लाइसेंस नहीं लिया।  पिछले वर्ष प्रदूषण नियंत्रण विभाग ने बायोवेस्ट के निस्तारण के लिए अभियान चलाया था। इसमें जो अस्पताल बायोवेस्ट कचरे का निस्तारण नहीं कर रहे हैं। उनका लाइसेंस रद्द करने के लिए सीएस को लिखा गया था। जांच में बायोवेस्ट कचरे का निस्तारण नहीं करने वाले 100 अस्पताल मिले थे।

लाभुकों के नाम की स्पेलिंग में मिला अंतर

सीएजी की ऑडिट रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ है कि लाभुकों के नाम में हेराफेरी की गयी है। कई लाभुकों के नाम की स्पेलिंग में भी अंतर मिला है। रिपोर्ट में कहा गया है कि आधार कार्ड में लाभुक का नाम सीता तो आयुष्मान कार्ड में शीता है। ऐसे कई मामले जांच में मिले हैं। इस पर स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि आधार कार्ड में महिला जो नाम लिखाती है, वही सही होता है। कई बार लाभार्थी नाम जुड़वाते समय स्पेलिंग गलत भर देते हैं।

आवेदन के आधार पर ही बांटे गए लाइसेंस

स्वास्थ्य विभाग से जुड़े लोगों ने बताया कि पहले अस्पतालों को खोलने और आयुष्मान योजना के लाइसेंस प्रदूषण नियंत्रण सर्टिफिकेट के आवेदन के आधार पर ही बांटे गए। अस्पताल खोलने या आयुष्मान लाइसेंस के समय उनसे इन दस्तावेजों की मांग नहीं की गई। इस कारण से बड़ी संख्या में अस्पताल बिना इन दस्तावेजों के ही खुल गए।

क्या है आयुष्मान भारत योजना

बता दें कि युष्मान भारत योजना का दूसरा नाम आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना कर दिया गया है। इस योजना के तहत सरकार मुफ्त में लोगों को स्वास्थ बीमा उपलब्ध कराती है। आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थी को 5 लाख रुपये तक निशुल्क में इलाज की सुविधा दी जाती है।  इसके लिए लाभार्थी के नाम आयुष्मान कार्ड जारी किया जाता है।
 

लेटेस्ट Hindi News और Bihar News के साथ-साथ Patna News, Muzaffarpur News, Bhagalpur News और अन्य बड़े शहरों की ताज़ा खबरें हिंदी में पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।