बिहार की नौकरियां दूसरे राज्यों में बेची जा रहीं, जीतनराम मांझी बोले- डोमिसाइल नीति लागू करें नीतीश
पूर्व सीएम जीतनराम मांझी ने कहा कि बिहार की नौकरियों पर पहला अधिकार बिहारियों का होना चाहिए। वोट बिहारी दें और नौकरी बाहरियों को मिले, यह नहीं चलेगा।

बिहार में बड़े पैमाने पर हुई शिक्षक नियुक्ति को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब पूर्व सीएम जीतनराम मांझी ने नीतीश सरकार पर सरकारी नौकरियां बेचने का आरोप लगाया है। हिंदुस्तान आवाम मोर्चा (HAM) सुप्रीमो ने कहा कि बिहारियों के हिस्से की सरकारी नौकरी पैसे लेकर दूसरे राज्य के लोगों को बेची गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्य में डोमिसाइल नीति लागू करें। ताकि बिहार के हिस्से की नौकरियां दूसरे राज्यों के लोगों नहीं मिल पाए।
पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करके नीतीश सरकार पर हमला बोला। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर तंज कसते हुए कहा, "बिहार के पढे़-लिखे युवा मजदूरी करें, और आप “लैंड फॉर जॉब” और “मनी फॉर जॉब” के तहत दूसरे राज्यों में बिहारियों के हिस्से की सरकारी नौकरी बेच दें।"
उन्होंने कहा कि बिहार की नौकरियों पर पहला अधिकार बिहारियों का होना चाहिए। वोट बिहारी दें और नौकरी बाहरियों को मिले, यह नहीं चलेगा। राज्य में डोमिसाइल नीति लागू होनी चाहिए। इससे पहले HAM सुप्रीमो मांझी ने बीपीएससी शिक्षक बहाली में घोटाले के आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा कि बिहार में हुई शिक्षक भर्ती में रेलवे के लैंड फॉर जॉब की तरह मनी फॉर जॉब घोटाला हुआ है। नीतीश सरकार ने पैसे देकर शिक्षकों की नौकरियां बांटी हैं।
बता दें कि बीपीएससी द्वारा हाल ही में कराई गई शिक्षक भर्ती में 1.20 लाख से ज्यादा अभ्यर्थी सफल हुए हैं। इनमें से 12 फीसदी यानी कि करीब 14 हजार अभ्यर्थी दूसरे राज्यों से हैं। इनमें सबसे ज्यादा संख्या यूपी के अभ्यर्थियों की है, इसके अलावा झारखंड, हरियाणा जैसे राज्यों के अभ्यर्थी भी नियुक्त हुए हैं।




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