हिमंत के कहने पर IPS से इस्तीफा दिया; बक्सर में लड़ रहे आनंद मिश्रा का दावा- बीजेपी ने धोखा दिया
बक्सर से निर्दलीय चुनाव लड़ रहे पूर्व आईपीएस अधिकारी आनंद मिश्रा का कहना है कि बीजेपी नेतृत्व को डर सता रहा है कि मैं बड़ा नेता बन जाऊंगा, इसलिए उन्होंने मुझे पार्टी में नहीं लिया।

बिहार की बक्सर लोकसभा सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ रहे पूर्व आईपीएस अधिकारी आनंद मिश्रा ने बीजेपी पर धोखा देने का आरोप लगाया है। मिश्रा ने दावा किया कि असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के कहने पर ही उन्होंने आईपीएस की नौकरी छोड़ी थी। सरमा ने उन्हें बीजेपी में बड़ा पद देने का वादा किया था। बता दें कि आनंद मिश्रा ने बीजेपी से टिकट नहीं मिलने पर बक्सर से निर्दलीय पर्चा भरा, जिससे यहां लड़ाई त्रिकोणीय बन गई है।
भोजपुर जिले के रहने वाले आनंद मिश्रा 2011 बैच के असम कैडर के आईपीएस रहे। पिछले साल उन्होंने भारतीय पुलिस सेवा से इस्तीफा दे दिया और राजनीति में कदम रखा। आनंद मिश्रा के बीजेपी ज्वाइन कर बक्सर से लोकसभा चुनाव लड़ने की अटकलें थीं। मगर पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया। बीजेपी ने लोकसभा चुनाव 2024 में बक्सर से मौजूदा सांसद अश्विनी चौबे का टिकट काटकर मिथिलेश तिवारी को उम्मीदवार बनाया। इसके बाद आनंद मिश्रा ने बक्सर से निर्दलीय नामांकन किया, इस सीट पर आखिरी चरण में 1 जून को मतदान होना है।
इंडिया टूडे से इटंरव्यू में आनंद मिश्रा ने कहा, "असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने उन्हें बीजेपी में शामिल करने का वादा किया था। उन्होंने गारंटी दी थी कि वह मुझे बीजेपी में महत्वपूर्ण भूमिका देंगे। उन्होंने मुझे आईपीएस से त्यागपत्र देने को भी कहा। उनके कहने पर ही मैंने नौकरी छोड़ी। मगर हिमंत और बीजेपी ने मेरे साथ धोखा किया। मुझे पार्टी में शामिल नहीं किया गया।"
आनंद मिश्रा ने दावा किया कि बीजेपी नेतृत्व को डर सता रहा था कि वह बड़े नेता बन जाएंगे। इसलिए उन्होंने बीजेपी ज्वाइन नहीं कराई। उन्होंने कहा कि आईपीएस के रूप में उन्होंने अपनी सेवा दी। अब वह जमीनी स्तर पर काम करने के लिए अकेले खड़े हैं। राजनीति में अपना रास्ता खुद तय करने के अलावा उनके पास कोई और विकल्प नहीं है। इसलिए वह निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं।
आनंद मिश्रा से बोले हिमंत- चुनाव के बाद असम ले जाऊंगा
तीन दिन पहले प्रचार करने बिहार आए हिमंत बिस्वा सरमा ने आनंद मिश्रा को बक्सर में बीजेपी को डिस्टर्ब नहीं करने की नसीहत दी। सरमा ने मिश्रा से कहा कि बक्सर में घूमा-घूमी मत करो। चुनाव के बाद असम ले जाऊंगा। जो करना है उधर ही करो। वहीं रहो, सुखी रहो।




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