Satellites will monitor bridges of bihar action plan being developed with Israeli experts बिहार में पुल अब नहीं धंसेंगे? सेटेलाइट रखेगा नजर, इजराइल के एक्सपर्ट की मदद से ऐक्शन प्लान बन रहा, Bihar Hindi News - Hindustan
More

बिहार में पुल अब नहीं धंसेंगे? सेटेलाइट रखेगा नजर, इजराइल के एक्सपर्ट की मदद से ऐक्शन प्लान बन रहा

विक्रमशिला सेतु का स्पैन नदी में गिरने और राज्य के कई पुलों में आई दरार की घटना सामने आने के बाद विभाग की ओर से विशेष सतर्कता बरती जा रही है। इजराइल के विशेषज्ञों के साथ एक दौर की मीटिंग भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सेटेलाइट से मॉनिटरिंग के लिए हो चुकी है।

Fri, 29 May 2026 06:28 AMSudhir Kumar पटना, हिन्दुस्तान ब्यूरो
share
बिहार में पुल अब नहीं धंसेंगे? सेटेलाइट रखेगा नजर, इजराइल के एक्सपर्ट की मदद से ऐक्शन प्लान बन रहा

बिहार के पुलों की सेहत अब सेटेलाइट से भी जांची जाएगी। पुलों की इस आधुनिक जांच को लेकर पथ निर्माण विभाग ने इजराइल के विशेषज्ञों से भी संपर्क किया है। सेटेलाइट के माध्यम से जांच कैसे की जाती है और यह कितना कारगार होता है, इसको लेकर विभाग के स्तर पर अध्ययन शुरू कर दिया गया है। जल्द ही इसको लेकर कार्ययोजना भी तैयार की जाएगी।

भागलपुर स्थित विक्रमशिला सेतु का स्पैन नदी में गिरने और राज्य के कई पुलों में आई दरार की घटना सामने आने के बाद विभाग की ओर से विशेष सतर्कता बरती जा रही है। इसी क्रम में इजराइल के विशेषज्ञों के साथ एक दौर की मीटिंग भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से यहां के पुल निर्माण से जुड़े अभियंताओं की हो चुकी है। मीटिंग के माध्यम से एक-एक चीज की जानकारी ली गई है कि सेटेलाइट पुल की जांच में कितना कारगार होगा।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:विक्रमशिला सेतु पर नहीं चलेंगी ये गाड़ियां, 15 फीट के बैरियर लगा रहा प्रशासन

इधर, बिहार राज्य पुल निर्माण निगम ने फैसला लिया है कि साल में दो बार हर सभी पुलों का निरीक्षण किया जाएगा। इसी क्रम में राज्यभर के करीब चार हजार से अधिक पुलों का निरीक्षण भी किया गया है। हालांकि, किसी भी पुल में कोई बड़ी समस्या सामने नजर नहीं आयी। इस संबंध में पथ निर्माण मंत्री ईं. कुमार शैलेंद्र बताते हैं कि जिस प्रकार पुलों के निर्माण में अभियंताओं की पूरी टीम कार्य करती है। इसी प्रकार पुलों के नियमित निरीक्षण और जांच को लेकर भी अभियंताओं को विशेष जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। इसी क्रम में विभाग के स्तर पर पुलों के नियमित निरीक्षण को लेकर मानक संचालन प्रणाली (एसओपी) विकसित की जा रही है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:विक्रमशिला सेतु पर 25 दिन में शुरू हो जाएगा आवागमन, पुल को जोड़ने का काम 16 से

सेटेलाइट से पुलों की निगरानी ऐसे होती है

विशेषज्ञ बताते हैं कि दुनियाभर में पुलों की निगरानी करने का एक शक्तिशाली और आधुनिक तरीका सेटेलाइट है। इसके अंतर्गत रडार इमेजिंग का उपयोग कर शोधकर्ता मिलीमीटर स्तरीय हलचल का पता लगा सकते हैं, जो निरीक्षकों के ध्यान में आने से बहुत पहले ही संरचनात्मक समस्याओं का संकेत देती है। इसके माध्यम से कुछ मिलीमीटर तक के छोटे संरचनात्मक बदलावों और झुकावों का पता लगा लगाया जा सकता है, जो नंगी आंखों से दिखाई नहीं देता है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:कोसी नदी में अचानक आया तेज बहाव, धंस गया पीपा पुल; 4 जिलों का संपर्क टूटा

मेन प्वाइंट्स

● विक्रमशिला सेतु का स्पैन धंसने और कई पुलों में दरार के बाद निर्णय

● पथ निर्माण विभाग अध्ययन के बाद इस पर कार्ययोजना बनायेगा

● 03 मई, 2026 : भागलपुर जिले में विक्रमशिला पुल का एक स्पैन गंगा नदी में गिरा

● 23 मई, 2026 : गोपालगंज -गंडक नदी में पुल के स्पैम ने दरार से आवागमन रुका

● फरवरी, 2026 : जमुई के खैरा-सोनो मार्ग पर नरियाना-मांगोबंदर पुल पर आवागमन रुका

(नोट: आईआईटी पटना ने रिपोर्ट में आधा दर्जन पुलों की तत्काल मरम्मत जरूरी बताया है)

लेटेस्ट Hindi News और Bihar News के साथ-साथ Patna News, Muzaffarpur News, Bhagalpur News और अन्य बड़े शहरों की ताज़ा खबरें हिंदी में पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।