Samrat Choudhary Govt remove Sanjay Gandhi name by renaming Patna Zoo and Bihar State Dairy Technology Institute पटना जू और डेयरी संस्थान का नाम बदल गया, संजय गांधी मुक्त बिहार बना रही सम्राट सरकार, Bihar Hindi News - Hindustan
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पटना जू और डेयरी संस्थान का नाम बदल गया, संजय गांधी मुक्त बिहार बना रही सम्राट सरकार

Sanjay Gandhi Name Removed in Bihar: सम्राट चौधरी सरकार ने पटना के चिड़ियाखाना और डेयरी तकनीकी संस्थान के नाम से संजय गांधी का नाम हटाने का फैसला किया है। कैबिनेट ने दोनों का नया नाम तय कर दिया है।

Thu, 30 April 2026 09:47 AMRitesh Verma लाइव हिन्दुस्तान, पटना
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पटना जू और डेयरी संस्थान का नाम बदल गया, संजय गांधी मुक्त बिहार बना रही सम्राट सरकार

Sanjay Gandhi Name Removed in Bihar: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सरकार ने पटना चिड़ियाखाना और डेयरी तकनीकी संस्थान से संजय गांधी के नाम को हटाने का फैसला लिया है। सीएम सम्राट की अध्यक्षता में बुधवार की शाम बिहार कैबिनेट की बैठक ने इमरजेंसी लगाने के सूत्रधार कांग्रेस के दिवंगत नेता संजय गांधी का नाम राज्य के दो प्रमुख संस्थानों से डिलीट कर दिया है। पटना के मशहूर संजय गांधी जैविक उद्यान को अब पटना जू के नाम से जाना जाएगा। आम लोग पहले भी इसे पटना का चिड़ियाखाना या पटना जू ही कहते थे, लेकिन कागज पर नाम संजय गांधी से ही शुरू होता था। वन और पर्यावरण विभाग के अंतर्गत जू को संचालित करने वाली समिति का नाम संजय गांधी जैविक उद्यान प्रबंधन एवं विकास समिति से पटना जू प्रबंधन एवं विकास सोसाइटी कर दिया गया है।

इसी तरह राज्य के डेयरी, मत्स्य और पशु संसाधन विभाग के तहत चल रहे संजय गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ डेयरी टेक्नोलॉजी का नाम बदलकर बिहार स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ डेयरी टेक्नोलॉजी, पटना करने का भी फैसला कैबिनेट ने लिया है। बिहार पुश चिकित्सा विश्वविद्यालय के तहत चल रहे इस संस्थान में डेयरी टेक्नोलॉजी, डेयरी इंजीनियरिंग, डेयरी केमिस्ट्री, डेयरी माइक्रोबायलॉजी, डेयरी बिजनेस मैनेजमेंट और डेयरी एक्सटेंशन एजुकेशन विभागों में अलग-अलग कोर्स के जरिए छात्र-छात्राओं को पेशेवर शिक्षा दी जाती है।

1973 में चालू हुआ था संजय गांधी जैविक उद्यान

संजय गांधी जैविक उद्यान 1973 में आम लोगों के लिए खुला था। 1969 में तत्कालीन राज्यपाल नित्यानंद कानूनगो ने राजभवन की 34 एकड़ जमीन वनस्पति उद्यान के लिए दी थी। 1972 में इसमें सरकार ने लगभग 120 एकड़ जमीन और जोड़कर इसे जैविक उद्यान और बोटैनिकल पार्क का रूप दे दिया। पटना जू में इस समय 110 प्रजातियों के लगभग 800 जीव-जंतु हैं, जिसमें बाघ, शेर, राइनो वगैरह शामिल हैं। वनस्पति उद्यान में लगभग 300 तरह के पेड़-पौधे हैं। बड़े चिड़ियाघर में पटना जू का देश में चौथा स्थान है।

1980 में स्थापित हुआ था संजय गांधी गव्य प्रावैधिकी संस्थान

कांग्रेस शासनकाल के दौरान ही संजय गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ डेयरी टेक्नोलॉजी की स्थापना 1980 में हुई थी। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद से मान्यता प्राप्त इस डेयरी संस्थान का पहला बैच पूसा के राजेंद्र कृषि विश्वविद्यालय में 1982 में आया। 1986 में संस्थान को पटना लाया गया और 1999 में यह अपने मौजूदा कैंपस में गया। बीच में कुछ समय संस्थान को बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर से भी जोड़ दिया गया था। 2016 में बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय की स्थापना के बाद संस्थान को इससे जोड़ दिया गया।

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