कोसी-गंडक की तबाही कैसे होगी कम, नेपाल संग तीन दिन तक कई बातों पर मंथन; सम्राट सरकार की बड़ी पहल
दो मई को भारत व नेपाल से होकर बहने वाली नदियों पर बाढ़ पूर्वानुमान गतिविधियों की बैठक होगी। बैठक के दौरान भारत व नेपाल के प्रतिनिधियों के बीच विभिन्न्न तकनीकी प्रशासनिक व वित्तीय मुद्दों पर भी विमर्श होगा।

कोसी-गंडक सहित नेपाल से निकलने वाली अन्य नदियों से बिहार में होने वाली तबाही को कम करने के लिए बिहार सरकार ने बड़ी पहल की है। कोसी व गंडक परियोजनाओं से संबंधित विषयों पर समाधान, बाढ़ सुरक्षा, सिंचाई व्यवस्था व परियोजनाओं के प्रभावी संचालन के लिए भारत-नेपाल कोसी एवं गंडक परियोजनाओं की संयुक्त समिति (जेसीकेजीपी) की बैठक हो रही है। 30 अप्रैल और एक मई को नेपाल में होने वाली इस बैठक में बिहार से जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल सहित अन्य अधिकारी शामिल होंगे। वहीं दो मई को भारत व नेपाल से होकर बहने वाली नदियों पर बाढ़ पूर्वानुमान गतिविधियों की बैठक होगी। बैठक के दौरान भारत व नेपाल के प्रतिनिधियों के बीच विभिन्न्न तकनीकी प्रशासनिक व वित्तीय मुद्दों पर भी विमर्श होगा।
विभाग की ओर से दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार कोसी परियोजना अन्तर्गत परियोजना क्षेत्र की सुरक्षा, अवसंरचना के रखरखाव,निर्माण सामग्री पर स्थानीय कर, कोसी बराज के दोनों ओर तटबंधों का कटाव, पश्चिमी मुख्य नहर के गेट संचालन, नेपाल क्षेत्र में सेवा पथ रखरखाव, अतिक्रमण हटाने, परियोजना कर्मियों की सुरक्षा और कोसी टप्पू वन्यजीव क्षेत्र से संबंधित समस्याओं पर भी चर्चा होगी। वहीं गंडक परियोजना से जुड़े मुद्दों में अधिग्रहीत भूमि पर अनधिकृत कब्जा, जलनिकासी अवरोध से कृषि भूमि में जलजमाव, नहरों में निर्धारित जलस्तर एवं डिस्चार्ज बनाए रखने, बाढ़ सुरक्षा व कटाव निरोधक कार्य, सेवा पथों का अनुरक्षण और सिल्टयुक्त जलप्रवाह नियंत्रण के संबंध को लेकर भी बैठक में चर्चा होगी।
ऑनलाइन डेटा पर होगी चर्चा
नेपाल की नदियों के जलस्तर का डेटा मिलने में अभी परेशानी हो रही है। बैठक में इस पर चर्चा होगी कि बिहार को ऑनलाइन डेटा मिल जाए ताकि संभावित बाढ़ को लेकर ससमय पूर्वानुमान किया जा सके। खासकर मानसून अवधि के दौरान बिहार सरकार की ओर से संचालित किए जा रहे फ्लड फोरकास्टिंग मॉडल के लिए नेपाल भू-भाग के रेनफॉल और जलस्तर के आंकड़े सहज रूप से मिल जाए, इस पर चर्चा होगी। राज्य सरकार सीमावर्ती नदियों के समुचित प्रबंधन, बाढ़ नियंत्रण, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार और भारत-नेपाल समन्वय को मजबूत करने को लेकर भी चर्चा होगी। सरकार को भरोसा है कि इस बैठक में लंबित विषयों के समाधान और भविष्य की कार्ययोजना तय होगी।
अधिकारी हुए नामित
उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने प्रधान सचिव के अलावा अभियंता प्रमुख वरुण कुमार व ब्रजेश मोहन, मुख्य अभियंता संजीव शैलेश व अनिल कुमार मंडल, सुपौल के डीएम सावन कुमार, अधीक्षण अभियंता अवधेश कुमार सिन्हा, स्थानिक अभियंता चंद्रशेखर कुमार व एमएमसी निदेशक अजय कुमार को नामित किया है। केंद्र सरकार से जल शक्ति मंत्रालय के आयुक्त शरद चंद्र, जीएफसीसी के सदस्य सुनील कुमार, वरिष्ठ संयुक्त आयुक्त मनोज कुमार, सहायक निदेशक पीयूष कुमार त्रिपाठी और विदेश मंत्रालय के प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे।




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