Rohini Acharya in Tears Says Lalu Rabri Sisters were together Everyone was Crying During Fight with Tejashwi रोते-रोते रोहिणी का गला बैठा; बोलीं- लालू, राबड़ी, बहनें साथ; तेजस्वी से झगड़े में सब रो रहे थे, Bihar Hindi News - Hindustan
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रोते-रोते रोहिणी का गला बैठा; बोलीं- लालू, राबड़ी, बहनें साथ; तेजस्वी से झगड़े में सब रो रहे थे

लालू फैमिली में इन दिनों हाहाकार मचा हुआ है। रोहिणी आचार्य का रोते-रोते गला तक बैठ गया। उन्होंने कहा कि लालू, राबड़ी और सभी बहनें एक साथ हैं। तेजस्वी से झगड़े में सब लोग रो रहे थे।

Sun, 16 Nov 2025 09:06 PMMadan Tiwari लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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रोते-रोते रोहिणी का गला बैठा; बोलीं- लालू, राबड़ी, बहनें साथ; तेजस्वी से झगड़े में सब रो रहे थे

बिहार में हार के बाद राजद अध्यक्ष लालू यादव के घर में भूचाल आ गया है। लालू की बेटी रोहिणी आचार्य ने आरोप लगाया है कि पार्टी की हार के लिए संजय यादव और रमीज नेमत का नाम लेने पर राबड़ी देवी के आवास में उन पर चप्पल चला और गालियां दी गई। राजनीति छोड़ने की बात ट्वीट करने के बाद रोहिणी कल शाम पटना से दिल्ली आ गई थीं। रविवार को दिल्ली से मुंबई जाने के दौरान पत्रकारों से बातचीत में रोहिणी काफी भावुक दिखीं और उनकी आवाज रुंधी-रुंधी रही। मायके में बदसलूकी के बाद रोहिणी का रोते-रोते गला बैठ गया है। रोहिणी ने दिल्ली में कहा कि तेजस्वी से झगड़े के दौरान लालू यादव, राबड़ी देवी और वहां मौजूद बहनें भी रो रहीं थीं। उन्होंने कहा कि मां, पिता और बहनें उनके साथ हैं।

दिल्ली में मीडिया से बात करते हुए कहा कि मुझे जो कुछ भी कहना था, मैंने सोशल मीडिया पर कह दिया है... जो कुछ भी हुआ, उसके बारे में मैंने झूठ नहीं बोला है। आप ये सब तेजस्वी यादव, संजय यादव, और रमीज से जाकर पूछ सकते हैं। मेरे पिता हमेशा मेरे साथ खड़े रहे हैं। मेरे माता-पिता और मेरी बहनें कल मेरे लिए रो रही थीं। मैं उनके जैसे माता-पिता पाकर खुशकिस्मत हूं... जिस परिवार में भाई होते हैं, वहां सिर्फ उन्हें ही परिवार के लिए त्याग करना चाहिए... मैंने अभी-अभी अपने भाई को अस्वीकार किया है। मेरे माता-पिता और मेरी बहनें मेरे साथ हैं... मैं मुंबई अपने ससुराल जा रही हूं। मेरी सास इन सबके बाद मेरे लिए बहुत चिंतित हैं, और उन्होंने मुझे वापस बुला लिया है। मैं अपनी सास के पास जा रही हूं।

रोहिणी ने आरोप लगाया कि परिवार में उनका अपमान किया गया, उनके साथ गाली-गलौज की गई और उन्हें धमकाया गया। अपनी किडनी दे कर अपने पिता की जान बचाने वाली रोहिणी ने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट में लिखा, "एक बेटी, बहन, विवाहित महिला और मां होने के नाते, उन्हें अभद्र भाषा से अपमानित किया गया और किसी ने उन्हें चप्पल से मारने की भी कोशिश की।"

भावनात्मक रूप से टूट चुकीं रोहिणी ने आगे लिखा कि उन्हें यह अपमान इसलिए सहना पड़ा क्योंकि उन्होंने अपने आत्मसम्मान से समझौता नहीं किया और जिसे उन्होंने झूठ बताया, उसके आगे झुकने को तैयार नहीं हुईं। रोहिणी आचार्य ने कहा कि उनके माता-पिता और बहनें उनके अपमान के कारण रो रहे थे, इसके बावजूद उन्हें अपने पैतृक घर छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा। उन्होंने कहा कि उन्हें अपने मायके से सारे रिश्ते तोड़ने पर मजबूर किया गया और अनाथ की तरह परिवार और घर छोड़ना पड़ा। उन्होने एक भावुक अपील में लिखा कि किसी भी बेटी को वह सब कुछ नहीं सहना पड़े जो उन्होंने सहा और उम्मीद करती हैं कि कोई भी घर अपनी बेटी या बहन को उस तरह से कष्ट न सहते देखे।

रोहिणी ने अपने पोस्ट में लिखा कि “कल एक बेटी, एक बहन, एक शादीशुदा महिला, एक माँ को जलील किया गया, गंदी गालियाँ दी गयीं, मारने के लिए चप्पल उठाया गया, मैंने अपने आत्मसम्मान से समझौता नहीं किया, सच का समर्पण नहीं किया, सिर्फ और सिर्फ इस वजह से मुझे बेइज्जती झेलनी पडी ..कल एक बेटी मजबूरी में अपने रोते हुए माँ बाप बहनों को छोड़ आयी, मुझसे मेरा मायका छुड़वाया गया.. मुझे अनाथ बना दिया गया. आप सब मेरे रास्ते कभी ना चलें, किसी घर में रोहिणी जैसी बेटी - बहन पैदा ना हो”

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