पंचायत सचिव को धमका कर फंसे राजद विधायक भाई वीरेंद्र, MP-MLA कोर्ट में चलेगा मुकदमा
मनेर के राजद विधायक भाई वीरेन्द्र के मामले की सुनवाई पटना सिविल कोर्ट के एमपी-एमएलए की विशेष अदालत में होगी। एससी-एसटी एक्ट की विशेष अदालत ने मामले को एमपी-एमएलए की विशेष अदालत में भेज दिया।

राष्ट्रीय जनता दल के विधायक भाई वीरेंद्र की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। कुछ समय पहले मनेर के एक पंचायत सचिव और भाई वीरेंद्र के बीच फोन पर हुई बातचीत काफी वायरल हुई थी। राजद विधायक पर पंचायत सचिव को धमकाने और जाति सूचक शब्द कहने के आरोप लगे थे। इस मामले में पंचायत सचिव ने एफआईआर दर्ज कराई थी। अब इस मामले में विशेष अदालत में सुनवाई होगी।
मनेर के राजद विधायक भाई वीरेन्द्र के मामले की सुनवाई पटना सिविल कोर्ट के एमपी-एमएलए की विशेष अदालत में होगी। एससी-एसटी एक्ट की विशेष अदालत ने मामले को एमपी-एमएलए की विशेष अदालत में भेज दिया। कांड की समीक्षा एएसपी ने की है। एससी-एसटी थाने की पुलिस अधिकारी प्रिया गुप्ता ने विधायक भाई वीरेन्द्र के खिलाफ मामला सत्य पाया और बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता, 2023) व एसएसी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत विशेष अदालत में 28 नवंबर को चार्जशीट दायर की थी।
जांच में वादी की ओर से लगाए गए आरोप को सही पाया है। मनेर के बलुआ के पंचायत सचिव संदीप कमार ने विधायक खिलाफ पटना के एससी-एसटी थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी, जिसमें विधायक भाई वीरेन्द्र द्वारा फोन कर धमकाने और जाति सूचक व अपमानजनक शब्दों का प्रयोग करने का आरोप लगाया है। आडियो का पेन ड्राइव भी पुलिस को दिया था।




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